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छठ महापर्व : अस्ताचलगामी सूर्य को अर्घ्य देकर मांगी मन्नत
Mon, 20 Nov 2023 01:29 AM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, झज्जर/बहादुरगढ़
संवाद न्यूज एजेंसी, झज्जर/बहादुरगढ़
Updated Mon, 20 Nov 2023 01:29 AM IST
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टिकरी बॉर्डर के पास लेखराम पार्क में सूर्य भगवान की आराधना करते श्रद्धालु। संवाद
संवाद न्यूज एजेंसी
बहादुरगढ़। सूर्य की आराधना और लोक आस्था के छठ महापर्व के तीसरे दिन रविवार को शहर के बाजार, सब्जी मंडी, पूजन स्थलों, पूजा घाट पर भीड़भाड़ रही। व्रतियों ने दोपहर तक पूजा आदि के सामान की खरीदारी की और दोपहर बाद पूजा घाटों पर जाकर पूजा अर्चना की। पानी में खड़े होकर शाम के वक्त अस्त होते सूर्य को अर्घ्य देकर धन-धान्य, परिवार के सुखी व समृद्ध जीवन की कामना की।
पूर्वांचलवासी अब सोमवार की सुबह उदीयमान सूर्य को अर्घ्य देकर पर्व का समापन विधिवत तरीके से करेंगे। बहादुरगढ़ के शहरी व ग्रामीण क्षेत्र में हजारों की संख्या में पूर्वांचल के लोग रहते हैं। पिछले तीन दिनों से पूर्वांचल मूल के लोग इस पर्व को लेकर बेहद उत्साहित हैं। बाजार में खूब खरीदारी कर रहे हैं। अकेले महाबीर पार्क में स्थित पूजा घाट पर 15 हजार से अधिक लोगों ने छठ मइया की पूजा की।
छठ पर्व पर रही बाजारों में रौनक
समृद्धि और खुशहाली के प्रतीक छठ पर्व की बहादुरगढ़ में काफी रौनक है। नहाय खाय और खरना के बाद तीसरे दिन व्रतियों ने रविवार को सूर्य देव की पूजा-अर्चना की। इसलिए सुबह से ही बाजार में पूजा-पाठ और प्रसाद आदि के सामान की खरीदारी जोरों पर रही। रेलवे रोड, नाहरा नाहरी रोड और मेन बाजार में सजी दुकानों पर दोपहर तक लोगों ने जमकर खरीदारी की। इसके बाद व्रतियों ने पूजा घाटों पर जाने की तैयारी शुरू कर दी। पारंपरिक लोक गीत गाती हुई व्रती महिलाएं अपने परिवारों के साथ पूजा स्थल पहुंचीं।
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बांस की टोकरी में पूजन सामग्री और प्रसाद व ईंख (गन्ना)के साथ व्रती पानी में खड़े हो गए। घंटों तक पानी में खड़े होकर सूर्य देव के अस्त होने का इंतजार करते रहे। जैसे ही सूर्य देव अस्त होने लगे तो महिलाओं ने मंगल गीत गाने शुरू कर दिए और पूरे विधि-विधान से सूर्यदेव की पूजा की। सब्जी मंडी के नजदीक से गुजर रही बहादुरगढ़ माइनर, पटेल नगर, छोटूराम नगर, निजामपुर रोड समेत कई अन्य जगहों पर बने पूजा घाटों पर पूर्वांचल के लोगों ने पूजा की और सूर्य भगवान को अर्घ्य दिया।
उगते सूर्य को अर्घ्य देने के साथ आज संपन्न होगा छठ महापर्व
सोमवार की अलसुबह व्रतधारी स्नान आदि करके पूजा करेंगे। टोकरियों में पूजन-सामग्री और फल, प्रसाद आदि सजाकर व्रती पानी में उतरेंगे। व्रती महिलाएं गीत गाकर सूर्य देव का स्वागत करेंगी। सूर्य देव उदय होते ही पूजा शुरू हो जाएगी। इसी के साथ यह पर्व संपन्न हो जाएगा। व्रती गुड़ और आटे से बने ठेकुआ (प्रसाद) को खाकर अपना व्रत खोलेंगे।
-प्रदीप सिन्हा, राष्ट्रीय अध्यक्ष, पूर्वांचल परिवार।
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बहादुरगढ़। सूर्य की आराधना और लोक आस्था के छठ महापर्व के तीसरे दिन रविवार को शहर के बाजार, सब्जी मंडी, पूजन स्थलों, पूजा घाट पर भीड़भाड़ रही। व्रतियों ने दोपहर तक पूजा आदि के सामान की खरीदारी की और दोपहर बाद पूजा घाटों पर जाकर पूजा अर्चना की। पानी में खड़े होकर शाम के वक्त अस्त होते सूर्य को अर्घ्य देकर धन-धान्य, परिवार के सुखी व समृद्ध जीवन की कामना की।
पूर्वांचलवासी अब सोमवार की सुबह उदीयमान सूर्य को अर्घ्य देकर पर्व का समापन विधिवत तरीके से करेंगे। बहादुरगढ़ के शहरी व ग्रामीण क्षेत्र में हजारों की संख्या में पूर्वांचल के लोग रहते हैं। पिछले तीन दिनों से पूर्वांचल मूल के लोग इस पर्व को लेकर बेहद उत्साहित हैं। बाजार में खूब खरीदारी कर रहे हैं। अकेले महाबीर पार्क में स्थित पूजा घाट पर 15 हजार से अधिक लोगों ने छठ मइया की पूजा की।
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छठ पर्व पर रही बाजारों में रौनक
समृद्धि और खुशहाली के प्रतीक छठ पर्व की बहादुरगढ़ में काफी रौनक है। नहाय खाय और खरना के बाद तीसरे दिन व्रतियों ने रविवार को सूर्य देव की पूजा-अर्चना की। इसलिए सुबह से ही बाजार में पूजा-पाठ और प्रसाद आदि के सामान की खरीदारी जोरों पर रही। रेलवे रोड, नाहरा नाहरी रोड और मेन बाजार में सजी दुकानों पर दोपहर तक लोगों ने जमकर खरीदारी की। इसके बाद व्रतियों ने पूजा घाटों पर जाने की तैयारी शुरू कर दी। पारंपरिक लोक गीत गाती हुई व्रती महिलाएं अपने परिवारों के साथ पूजा स्थल पहुंचीं।
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बांस की टोकरी में पूजन सामग्री और प्रसाद व ईंख (गन्ना)के साथ व्रती पानी में खड़े हो गए। घंटों तक पानी में खड़े होकर सूर्य देव के अस्त होने का इंतजार करते रहे। जैसे ही सूर्य देव अस्त होने लगे तो महिलाओं ने मंगल गीत गाने शुरू कर दिए और पूरे विधि-विधान से सूर्यदेव की पूजा की। सब्जी मंडी के नजदीक से गुजर रही बहादुरगढ़ माइनर, पटेल नगर, छोटूराम नगर, निजामपुर रोड समेत कई अन्य जगहों पर बने पूजा घाटों पर पूर्वांचल के लोगों ने पूजा की और सूर्य भगवान को अर्घ्य दिया।
उगते सूर्य को अर्घ्य देने के साथ आज संपन्न होगा छठ महापर्व
सोमवार की अलसुबह व्रतधारी स्नान आदि करके पूजा करेंगे। टोकरियों में पूजन-सामग्री और फल, प्रसाद आदि सजाकर व्रती पानी में उतरेंगे। व्रती महिलाएं गीत गाकर सूर्य देव का स्वागत करेंगी। सूर्य देव उदय होते ही पूजा शुरू हो जाएगी। इसी के साथ यह पर्व संपन्न हो जाएगा। व्रती गुड़ और आटे से बने ठेकुआ (प्रसाद) को खाकर अपना व्रत खोलेंगे।
-प्रदीप सिन्हा, राष्ट्रीय अध्यक्ष, पूर्वांचल परिवार।