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Jhajjar-Bahadurgarh News: लिंगानुपात में सीएचसी दूबलधन अव्वल, एक हजार बेटों पर 1001 बेटियां
Thu, 22 Feb 2024 02:33 AM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, झज्जर/बहादुरगढ़
संवाद न्यूज एजेंसी, झज्जर/बहादुरगढ़
Updated Thu, 22 Feb 2024 02:33 AM IST
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झज्जर। बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ के तहत सरकार द्वारा चलाई जा रही योजनाओं के जिले में बेहतर परिणाम सामने आ रहे हैं और जिले में लिंगानुपात में लगातार सुधार हो रहा है। एडीसी सलोनी शर्मा ने बुधवार को लघु सचिवालय स्थित सभागार में आयोजित पीसी एंड पीएनडीटी की वर्कशॉप एवं बैठक के दौरान कही।
उन्होंने बताया कि वर्तमान में जिले में लिंगानुपात 915 है। उन्होंने बताया कि जिले के सीएचसी दूबलधन के अंतर्गत आने वाले क्षेत्र में लिंगानुपात 1001 है व सीएचसी डीघल में 974 है। पीसी एंड पीएनडीटी वर्कशॉप के दौरान जिला सिविल सर्जन डॉ. ब्रह्मदीप सिंह के अलावा विभिन्न विभागों के अधिकारी मौजूद रहे। सिविल सर्जन ने बताया कि दो सालों के दौरान स्वास्थ्य विभाग ने भ्रूण जांच की सूचना पर करीब 22 बार छापेमारी की कार्रवाई की। एडीसी ने कहा कि जिन क्षेत्रों में लिंगानुपात कम है वहां मॉनिटरिंग बढ़ाई जाए व जागरूकता अभियान में भी तेजी लाने के निर्देश दिए। इस मौके पर सिविल सर्जन डॉ. ब्रह्मदीप सिंह, डीईओ राजेश कुमार, डीडीए जसविंदर, मीना कुमारी, राजबाला, प्रियंका मौजूद रहे। एडीसी सलोनी शर्मा ने मीटिंग के दौरान कहा कि जिन क्षेत्रों के लिंगानुपात में अपेक्षाकृत कम सुधार हुआ है उनके लिए विशेष रणनीति तैयार की जाएगी।
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उन्होंने बताया कि वर्तमान में जिले में लिंगानुपात 915 है। उन्होंने बताया कि जिले के सीएचसी दूबलधन के अंतर्गत आने वाले क्षेत्र में लिंगानुपात 1001 है व सीएचसी डीघल में 974 है। पीसी एंड पीएनडीटी वर्कशॉप के दौरान जिला सिविल सर्जन डॉ. ब्रह्मदीप सिंह के अलावा विभिन्न विभागों के अधिकारी मौजूद रहे। सिविल सर्जन ने बताया कि दो सालों के दौरान स्वास्थ्य विभाग ने भ्रूण जांच की सूचना पर करीब 22 बार छापेमारी की कार्रवाई की। एडीसी ने कहा कि जिन क्षेत्रों में लिंगानुपात कम है वहां मॉनिटरिंग बढ़ाई जाए व जागरूकता अभियान में भी तेजी लाने के निर्देश दिए। इस मौके पर सिविल सर्जन डॉ. ब्रह्मदीप सिंह, डीईओ राजेश कुमार, डीडीए जसविंदर, मीना कुमारी, राजबाला, प्रियंका मौजूद रहे। एडीसी सलोनी शर्मा ने मीटिंग के दौरान कहा कि जिन क्षेत्रों के लिंगानुपात में अपेक्षाकृत कम सुधार हुआ है उनके लिए विशेष रणनीति तैयार की जाएगी।
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