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Jhajjar-Bahadurgarh News: आज यूपी के मुज्जफरनगर में मनाई जाएगी चौधरी महेंद्र सिंह टिकैत की जयंती
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05जेएनडी40: स्वर्गीय उपप्रधानमंत्री देवीलाल के साथ महेंद्र सिंह टिकैत का फोटो जब उनको राज्यसभा
- फोटो : mathura
जींद। यूपी के मुज्जफरनगर में सोमवार को किसानों के मसीहा के रूप में जाने वाले भारतीय किसान यूनियन के संस्थापक चौधरी महेंद्र सिंह टिकैत का 88वां जन्मदिवस मनाया जाएगा। इसमें जिले से सैंकड़ों की संख्या में किसान शामिल होंगे।
मुज्जफरनगर जिले के सिसौली गांव में देश के हर प्रदेशों के गांव तहसील, कस्बों में टिकैत को 88वें जन्म दिवस पर श्रद्धांजलि देने के लिए पहुंचेंगे। भारतीय किसान यूनियन के जिला प्रेस प्रवक्ता रामराजी दुल पोंकरी खेड़ी ने बताया कि सुबह हवन यज्ञ होगा। उसके बाद किसान मसीहा टिकैत के जन्म दिवस पर किसान जागृति दिवस विषय पर विचार गोष्ठी का आयोजन किया जाएगा।
इसमें राष्ट्रीय स्तर पर मेडिकल व रक्तदान शिविर किसान भवन में लगाया जाएगा। ढुल ने बताया कि 1990 में महेंद्र सिंह टिकैत को उपप्रधानमंत्री रहते देवीलाल ने राज्यसभा में सदस्य के तौर पर भेजने का ऑफर दिया था। इस दौरान उन्होंने उनके इस ऑफर को किसानों के हित के लिए ठुकरा दिया और कहा कि किसान की लड़ाई राज की गोद में बैठकर कोई नहीं लड़ सका।
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वह सदैव किसानों की लड़ाई सड़क पर बैठकर लड़ेंगे। उन्होंने कहा कि अगर वह इस पद पर गए तो किसानों का भला नहीं कर सकेंगे। उन्होंने बताया कि टिकैत ने भारतीय किसान यूनियन को कभी भी कमजोर नहीं होने दिया। चाहे उनका खुद का रहन-सहन हो या संगठन को चलाने का तरीका कोई भी प्रलोभन भारतीय किसान यूनियन सुप्रीमो कभी नहीं झुके।
महेंद्र सिंह टिकैत सन 1999 में डब्लूटीओ का विरोध करने के लिए यूरोप के 11 देशों में एक महीने की यात्रा पर हुक्के के साथ पहुंचे थे। टिकैत की सादगी ऐसी थी वह नीचे जमीन पर बैठकर भोजन करते थे और उन्होंने राष्ट्रपति भवन से लेकर विदेशों तक की यात्राएं हवाई चप्पलों में की थी।
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मुज्जफरनगर जिले के सिसौली गांव में देश के हर प्रदेशों के गांव तहसील, कस्बों में टिकैत को 88वें जन्म दिवस पर श्रद्धांजलि देने के लिए पहुंचेंगे। भारतीय किसान यूनियन के जिला प्रेस प्रवक्ता रामराजी दुल पोंकरी खेड़ी ने बताया कि सुबह हवन यज्ञ होगा। उसके बाद किसान मसीहा टिकैत के जन्म दिवस पर किसान जागृति दिवस विषय पर विचार गोष्ठी का आयोजन किया जाएगा।
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इसमें राष्ट्रीय स्तर पर मेडिकल व रक्तदान शिविर किसान भवन में लगाया जाएगा। ढुल ने बताया कि 1990 में महेंद्र सिंह टिकैत को उपप्रधानमंत्री रहते देवीलाल ने राज्यसभा में सदस्य के तौर पर भेजने का ऑफर दिया था। इस दौरान उन्होंने उनके इस ऑफर को किसानों के हित के लिए ठुकरा दिया और कहा कि किसान की लड़ाई राज की गोद में बैठकर कोई नहीं लड़ सका।
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वह सदैव किसानों की लड़ाई सड़क पर बैठकर लड़ेंगे। उन्होंने कहा कि अगर वह इस पद पर गए तो किसानों का भला नहीं कर सकेंगे। उन्होंने बताया कि टिकैत ने भारतीय किसान यूनियन को कभी भी कमजोर नहीं होने दिया। चाहे उनका खुद का रहन-सहन हो या संगठन को चलाने का तरीका कोई भी प्रलोभन भारतीय किसान यूनियन सुप्रीमो कभी नहीं झुके।
महेंद्र सिंह टिकैत सन 1999 में डब्लूटीओ का विरोध करने के लिए यूरोप के 11 देशों में एक महीने की यात्रा पर हुक्के के साथ पहुंचे थे। टिकैत की सादगी ऐसी थी वह नीचे जमीन पर बैठकर भोजन करते थे और उन्होंने राष्ट्रपति भवन से लेकर विदेशों तक की यात्राएं हवाई चप्पलों में की थी।