Jhajjar: लग्जरी कार से महंगी है ये घोड़ी, बेचने की बात पर मालिक बोला- ये तो परिवार की सदस्य है
जहांगीरपुर की घोड़ी चमेली पशु मेले की रौनक बनी। लग्जरी कारों से भी महंगी घोड़ी बेरी में लगे गधे और घोड़ों के मेले में आकर्षण का केंद्र रही। परिवार की सदस्य बताकर मालिक ने इसे बेचने से इंकार कर दिया।
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इस लंबी-तगड़ी घोड़ी की कीमत 20 लाख बताई जा रही है लेकिन इसके मालिक गांव जहांगीरपुर निवासी घोड़ी मालिक ने इसे बेचने से साफ मना कर दिया है। बोला केवल नुमाइश के लिए मेले में लाया है। ये उनके परिवार की सदस्य है।
बेर में पशु मेला में पिछले चार वर्षों से नहीं लग रहा था, लेकिन इस बार बार पशु मेले में रौनक देखने को मिल रही है। मेले में आए ज्यादातर व्यापारी पशु विक्रेता ऐसे ही पीढ़ी दर पीढ़ी आ रहे हैं। बहुत से ऐसे व्यापारी मिले, जिन्हें नवरात्रों में बेरी आने का चलन विरासत में मिला।
घोड़ी मालिक प्रमोद जहांगीरपुर का कहना है कि घोड़ी को तीन साल पहले 2500 किलोमीटर दूर जालौर से लेकर आए थे। चमेली हरियाणा, यूपी, राजस्थान, दिल्ली, पंजाब में रिवाल चाल प्रतियोगिता में हर बार चैंपियन बनती हैं। वर्ष 2023 में पंजाब के मुक्सर में हुई प्रतियोगिता में भी घोड़ी चमेली चैंपियन बनी थी। अब तक 72 बार चैंपियन बन चुकी है।
बिल्ला और सिकंदर को देखने के लिए उमड़ी भीड़
पुश मेले में नुमाइश के लिए लेकर पहुंचे बिल्ला ओर सिकंदर को भी देखने के लिए लोगों की भीड़ उमड़ी। घोड़ा मालिक राजबीर ने बताया कि घोड़ों की कीमत अनमोल है। यह हमारे परिवार के सदस्य है, जिनको मेले में नुमाइश के लिए लेकर आते हैं। बिल्ला की उम्र 14 वर्ष जोकि कई बार हरियाणा चैंपियन बन चुका है। सिकंदर की उम्र ढ़ाई साल व मारवाड़ी नस्ल का है। सर्दी में बाजरा और गर्मी में चने सुबह-शाम 2-2 किलो दूध पीता है। मेले में बिल्ला और सिकंदर की कीमत पहुंचने के लिए लोग पहुंचते हैं तो मालिक बेचने से मना कर देता है और उनका कहना है कि यह हमारे परिवार के सदस्य है। मेले में वह केवल नुमाइश के लिए घोड़ों को लेकर आते हैं।
ये है घोड़ी चमेली
नाम : चमेली
नस्ल : मारवाड़ी
खासियत : रिवाल चाल में 72 बार बनी चैंपियन
कद : 62 इंच
उम्र : 16 साल
खुराक : 5 किलो चने, 5 किलो दूध, 250 ग्राम घी