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Jhajjar-Bahadurgarh News: गर्दन टेढ़ी कर मोबाइल देखने से बढ़ रहे सर्वाइकल दर्द के मरीज
Sat, 27 Sep 2025 10:56 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, झज्जर/बहादुरगढ़
संवाद न्यूज एजेंसी, झज्जर/बहादुरगढ़
Updated Sat, 27 Sep 2025 10:56 PM IST
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-फोटो 61 : अस्पताल में इलाज करने के लिए लाइन में लगे मरीज। संवाद
बहादुरगढ़। चैटिंग के लिए लंबे समय तक मोबाइल-कंप्यूटर का इस्तेमाल लोगों को सर्वाइकल का दर्द दे रहा है। आड़े-तिरछे और टेढ़ी-मेढ़ी गर्दन कर कार्य करने से यह रोग बढ़ा है। इनमें आधे से ज्यादा मरीज युवा हैं। दर्द बंद न होने पर डॉक्टर को दिखाने पहुंच रहे हैं। भविष्य में इनकी संख्या और बढ़ने की आशंका चिकित्सक जता रहे हैं।
नागरिक अस्पताल के फिजिशियन डॉ. सुंदरम ने बताया कि फिजियोथेरेपी कराने आने वालों में से 25 से 40 वर्ष के मरीज हैं। पूछताछ में पाया कि आड़े-तिरछे और गर्दन टेढ़ी-मेढ़ी कर मोबाइल देखते हैं। कंप्यूटर पर सीधे नहीं बैठते और स्क्रीन और की-बोर्ड भी आंखों की सीध में नहीं बल्कि नीचे रखा है। ऐसे में युवाओं को भी दिक्कत मिली, जो जिम में तेजी से वजन उठाकर व्यायाम करते हैं। इससे गर्दन में दर्द, अकड़न, खिंचाव होने की परेशानी होने लगती है।
उपचार न कराने पर खतरा
होम्योपैथी चिकित्सक डॉ. सुनील कुमार ने बताया कि 12 से 20 साल तक के करीब 14 फीसदी मरीज हैं। इनमें सबसे बड़ी वजह मोबाइल-कंप्यूटर-लैपटॉप पर गलत ढंग से काम करने और अधिक समय बिताना है। दवा-फिजियोथेरेपी से ये परेशानी ठीक हो जाती हीै। 30 से 40 साल के मरीज उपचार और कार्यशैली नहीं सुधारने पर इनमें 3-5 फीसदी को सर्वाइकल स्पॉन्डिलाइटिस की दिक्कत होने लगती है।
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ये करें
- मोबाइल गर्दन सीधे करके देखें। जरूरी कार्य करें। टीवी-मोबाइल और लैपटॉप को लेटकर देखने से बचें।
- कंप्यूटर चलाते वक्त पीठ और गर्दन सीधे करके चलाएं।
- कंप्यूटर पर 40-60 मिनट काम कर गर्दन का 2-5 मिनट तक व्यायाम करें। मोटा तकिया नहीं लगाएं।
- महिलाएं लंबे समय तक गर्दन झुकाकर कार्य करने से बचें।
- परामर्श से कैल्शियम-विटामिन डी खाएं। फिजियोथेरेपी कराएं।
- जिम में तेजी से वजन न उठाएं, अधिक वजन उठाने से भी बचें।
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नागरिक अस्पताल के फिजिशियन डॉ. सुंदरम ने बताया कि फिजियोथेरेपी कराने आने वालों में से 25 से 40 वर्ष के मरीज हैं। पूछताछ में पाया कि आड़े-तिरछे और गर्दन टेढ़ी-मेढ़ी कर मोबाइल देखते हैं। कंप्यूटर पर सीधे नहीं बैठते और स्क्रीन और की-बोर्ड भी आंखों की सीध में नहीं बल्कि नीचे रखा है। ऐसे में युवाओं को भी दिक्कत मिली, जो जिम में तेजी से वजन उठाकर व्यायाम करते हैं। इससे गर्दन में दर्द, अकड़न, खिंचाव होने की परेशानी होने लगती है।
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उपचार न कराने पर खतरा
होम्योपैथी चिकित्सक डॉ. सुनील कुमार ने बताया कि 12 से 20 साल तक के करीब 14 फीसदी मरीज हैं। इनमें सबसे बड़ी वजह मोबाइल-कंप्यूटर-लैपटॉप पर गलत ढंग से काम करने और अधिक समय बिताना है। दवा-फिजियोथेरेपी से ये परेशानी ठीक हो जाती हीै। 30 से 40 साल के मरीज उपचार और कार्यशैली नहीं सुधारने पर इनमें 3-5 फीसदी को सर्वाइकल स्पॉन्डिलाइटिस की दिक्कत होने लगती है।
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ये करें
- मोबाइल गर्दन सीधे करके देखें। जरूरी कार्य करें। टीवी-मोबाइल और लैपटॉप को लेटकर देखने से बचें।
- कंप्यूटर चलाते वक्त पीठ और गर्दन सीधे करके चलाएं।
- कंप्यूटर पर 40-60 मिनट काम कर गर्दन का 2-5 मिनट तक व्यायाम करें। मोटा तकिया नहीं लगाएं।
- महिलाएं लंबे समय तक गर्दन झुकाकर कार्य करने से बचें।
- परामर्श से कैल्शियम-विटामिन डी खाएं। फिजियोथेरेपी कराएं।
- जिम में तेजी से वजन न उठाएं, अधिक वजन उठाने से भी बचें।