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Jhajjar-Bahadurgarh News: अभियान शुरू, अग्रवाल कॉलोनी स्थित पार्क से पकड़े 20 बंदर
Thu, 23 Jan 2025 02:20 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, झज्जर/बहादुरगढ़
संवाद न्यूज एजेंसी, झज्जर/बहादुरगढ़
Updated Thu, 23 Jan 2025 02:20 AM IST
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-फोटो 51 : अग्रवाल कॉलोनी में स्थित पार्क में पकड़े गए बंदर। संवाद
बहादुरगढ़। शहर में बढ़ती बंदरों की संख्या और उनके हमलों को देखते हुए उन्हें पकड़ने का अभियान शुरू हो गया है।बुधवार को शहर की अग्रवाल कॉलोनी स्थित पार्क में 20 बंदरों को पकड़ा गया है। पकड़ने के बाद इन्हें कटेसर और अरावली के जंगलों में छोड़ा जाएगा। बंदरों को पकड़ने के लिए नगर परिषद की ओर से टेंडर लगाया गया था। टेंंडर गुरुग्राम की एजेंसी संजय कांट्रेक्ट को अलॉट किया गया।
अब एजेंसी की ओर से बंदरों को पकड़ने की कार्रवाई शुरू की गई है। प्रति बंदर 1417 रुपये के हिसाब से टेंडर दिया गया। इस अभियान के तहत कुल 3 हजार बंदर बहादुरगढ़ शहर की अलग-अलग कॉलोनियों से पकड़ने का लक्ष्य तय किया गया है। पकड़े गए बंदरों के लिए खाने-पीने का प्रबंध भी एजेंसी की ओर से किया जाएगा।
बंदरों से परेशान हैं शहरवासी
बंदरों का आतंक शहर में बढ़ता जा रहा है। बंदर घरों में घुसकर सामान बिखेर रहे हैं व छोटे बच्चों, वृद्धों पर भी हमला कर रहे हैं। बीते वर्ष बंदरों ने काठमंडी और अनाज मंडी में कई लोगों को काटकर जख्मी किया था। काठमंडी में एक बुजुर्ग महिला को बंदरों ने सिर से लेकर पैरों तक काट लिया था। करीब दो महीने में महिला ठीक हो पाई थी।
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सवा साल पहले भी पकड़े गए थे बंदर
शहर में बंदरों को पकड़ने का काम करीब सवा साल बाद हो रहा है। सवा साल पहले बंदरों को यमुनानगर के कटेसर जंगलों में छोड़ा गया था। उस समय भी काफी संख्या में बंदरों को पकड़ा गया था। अब बंदरों को अरावली और कटेसर के जंगलों में छोड़ा जाएगा।
कई कॉलोनियों में है बंदरों की संख्या अधिक
शहर की अग्रवाल कॉलोनी, शहीद ब्रिगेडियर होशियार सिंह स्टेडियम इंदिरा मार्केट, नई बस्ती, काठमंडी, छिकारा कॉलोनी, लाइनपार क्षेत्र में बंदरों की संख्या अधिक है। लोग घरों से बाहर निकलने और छतों पर जाने से भी डरते हैं। कई बार शहरवासियों ने नप अधिकारियों को इन्हें पकड़ने के लिए शिकायत की गई थी। अब कार्य शुरू हो गया है।
शहरवासियों को अब बंदरों से निजात मिलेगी। जिस एजेंसी को टेंडर दिया गया है, उसकी तरफ से बंदरों को पकड़ने का काम शुरू कर दिया गया है। जल्द ही शहर से सभी बंदरों को पकड़कर कलेसर और अरावली जंगलों में छोड़ दिया जाएगा। 3 हजार बंदरों को पकड़ने का लक्ष्य तय किया गया है।
- संजय रोहिल्ला, ईओ, नगर परिषद बहादुरगढ़।
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अब एजेंसी की ओर से बंदरों को पकड़ने की कार्रवाई शुरू की गई है। प्रति बंदर 1417 रुपये के हिसाब से टेंडर दिया गया। इस अभियान के तहत कुल 3 हजार बंदर बहादुरगढ़ शहर की अलग-अलग कॉलोनियों से पकड़ने का लक्ष्य तय किया गया है। पकड़े गए बंदरों के लिए खाने-पीने का प्रबंध भी एजेंसी की ओर से किया जाएगा।
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बंदरों से परेशान हैं शहरवासी
बंदरों का आतंक शहर में बढ़ता जा रहा है। बंदर घरों में घुसकर सामान बिखेर रहे हैं व छोटे बच्चों, वृद्धों पर भी हमला कर रहे हैं। बीते वर्ष बंदरों ने काठमंडी और अनाज मंडी में कई लोगों को काटकर जख्मी किया था। काठमंडी में एक बुजुर्ग महिला को बंदरों ने सिर से लेकर पैरों तक काट लिया था। करीब दो महीने में महिला ठीक हो पाई थी।
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सवा साल पहले भी पकड़े गए थे बंदर
शहर में बंदरों को पकड़ने का काम करीब सवा साल बाद हो रहा है। सवा साल पहले बंदरों को यमुनानगर के कटेसर जंगलों में छोड़ा गया था। उस समय भी काफी संख्या में बंदरों को पकड़ा गया था। अब बंदरों को अरावली और कटेसर के जंगलों में छोड़ा जाएगा।
कई कॉलोनियों में है बंदरों की संख्या अधिक
शहर की अग्रवाल कॉलोनी, शहीद ब्रिगेडियर होशियार सिंह स्टेडियम इंदिरा मार्केट, नई बस्ती, काठमंडी, छिकारा कॉलोनी, लाइनपार क्षेत्र में बंदरों की संख्या अधिक है। लोग घरों से बाहर निकलने और छतों पर जाने से भी डरते हैं। कई बार शहरवासियों ने नप अधिकारियों को इन्हें पकड़ने के लिए शिकायत की गई थी। अब कार्य शुरू हो गया है।
शहरवासियों को अब बंदरों से निजात मिलेगी। जिस एजेंसी को टेंडर दिया गया है, उसकी तरफ से बंदरों को पकड़ने का काम शुरू कर दिया गया है। जल्द ही शहर से सभी बंदरों को पकड़कर कलेसर और अरावली जंगलों में छोड़ दिया जाएगा। 3 हजार बंदरों को पकड़ने का लक्ष्य तय किया गया है।
- संजय रोहिल्ला, ईओ, नगर परिषद बहादुरगढ़।