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बैंककर्मी बताकर किया फोन, लगा दी 1.60 लाख की चपत
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बहादुरगढ़। गूगल/इंटरनेट मीडिया पर उपलब्ध बैंकों के टोल फ्री नंबरों का प्रयोग सावधानी से करना चाहिए। गूगल पर बहुत से ठगों के नंबर भी उपलब्ध हैं। ये शातिर खुद को बैंक के कस्टमर केयर का कर्मचारी बताकर लोगों से संपर्क करते हैं और बैंक खाते से राशि उड़ा देते हैं। शहर की नई बस्ती के निवासी एक युवक को फोन कर शातिर ने खुद को बैंक कर्मचारी बताया और बैंक खाते से संबंधित जरूरी जानकारियां पूछकर एक लाख 60 हजार 300 रुपये की चपत लगा दी। लाइनपार बहादुरढ़ थाना पुलिस ने मामला दर्ज किया है।
नई बस्ती की गली नंबर-3 के निवासी दिलावर सिंह का पंजाब नेशनल बैंक में खाता है। वह दिल्ली नगर निगम में कर्मचारी हैं। हर रोज दिल्ली जाते-आते हैं। 20 फरवरी को उन्होंने दिल्ली के शास्त्री नगर स्थित एक पेट्रोल पंप से अपनी कार की टंकी में 5 हजार रुपये का पेट्रोल भराया और ऑनलाइन भुगतान के लिए कोशिश की तो ट्रांजेक्शन फेल हो गया। दुबारा कोशिश पर लेनदेन सफल रहा और उनके मोबाइल फोन पर उनके खाते से पांच हजार रुपये कटने का संदेश आ गया। फिर वह चले गए। कुछ ही दूर आए थे कि पहली ट्रांजेक्शन भी सफल होने का संदेश आ गया। इस प्रकार उनके खाते से 5 हजार रुपये ज्यादा चले गए। उन्होंने इसकी शिकायत कर अपने रुपये वापस हासिल करने के लिए पंजाब नेशनल बैंक के टोल फ्री नंबर 18001802222 पर संपर्क करने की कोशिश की, लेकिन संपर्क नहीं हो पाया। उन्होंने कई बार प्रयास किए, लेकिन संपर्क करने में असफल रहे।
इसके बाद 4 मार्च की सुबह दिलावर ने गूगल पर सर्च करके मोबाइल फोन नंबर 8339855842 निकाला। गूगल पर लिखा था कि ये नंबर पीएनबी के कस्टमर केयर का है। दिलावर ने इस नंबर पर डायल किया तो कोई रेस्पांस नहीं मिला। दिन के करीब 4 बजे इस नंबर से दिलावर के मोबाइल फोन पर कॉल आई कि मैं पीएनबी से बोल रहा हूं आपकी कुछ पेमेंट आनी है इसलिए वेरिफाई कराइए। दिलावर झांसे में आ गए और शातिर के पूछने पर अपनी जन्म तिथि और अपने निवास का पिन कोड आदि जानकारी बता दी। बस फिर क्या था कुछ ही पलों में उनके बैंक खाते से 1.50 लाख रुपये कटने का एसएमएस आ गया। ठीक पांच मिनट बाद फिर 10300 रुपये निकल गए। इस प्रकार उनको एक लाख 60 हजार 300 रुपये की चपत लगा दी। अपने साथ हुई ठगी की शिकायत पुलिस से उन्होंने 4 मार्च को ही आनलाइन कर दी। लाइन पार थाना पुलिस ने 11 अप्रैल को एफआईआर दर्ज की है। थाना प्रभारी राजेश कुमार के अनुसार, अज्ञात आरोपी के खिलाफ धोखाधड़ी का केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है।
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नई बस्ती की गली नंबर-3 के निवासी दिलावर सिंह का पंजाब नेशनल बैंक में खाता है। वह दिल्ली नगर निगम में कर्मचारी हैं। हर रोज दिल्ली जाते-आते हैं। 20 फरवरी को उन्होंने दिल्ली के शास्त्री नगर स्थित एक पेट्रोल पंप से अपनी कार की टंकी में 5 हजार रुपये का पेट्रोल भराया और ऑनलाइन भुगतान के लिए कोशिश की तो ट्रांजेक्शन फेल हो गया। दुबारा कोशिश पर लेनदेन सफल रहा और उनके मोबाइल फोन पर उनके खाते से पांच हजार रुपये कटने का संदेश आ गया। फिर वह चले गए। कुछ ही दूर आए थे कि पहली ट्रांजेक्शन भी सफल होने का संदेश आ गया। इस प्रकार उनके खाते से 5 हजार रुपये ज्यादा चले गए। उन्होंने इसकी शिकायत कर अपने रुपये वापस हासिल करने के लिए पंजाब नेशनल बैंक के टोल फ्री नंबर 18001802222 पर संपर्क करने की कोशिश की, लेकिन संपर्क नहीं हो पाया। उन्होंने कई बार प्रयास किए, लेकिन संपर्क करने में असफल रहे।
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इसके बाद 4 मार्च की सुबह दिलावर ने गूगल पर सर्च करके मोबाइल फोन नंबर 8339855842 निकाला। गूगल पर लिखा था कि ये नंबर पीएनबी के कस्टमर केयर का है। दिलावर ने इस नंबर पर डायल किया तो कोई रेस्पांस नहीं मिला। दिन के करीब 4 बजे इस नंबर से दिलावर के मोबाइल फोन पर कॉल आई कि मैं पीएनबी से बोल रहा हूं आपकी कुछ पेमेंट आनी है इसलिए वेरिफाई कराइए। दिलावर झांसे में आ गए और शातिर के पूछने पर अपनी जन्म तिथि और अपने निवास का पिन कोड आदि जानकारी बता दी। बस फिर क्या था कुछ ही पलों में उनके बैंक खाते से 1.50 लाख रुपये कटने का एसएमएस आ गया। ठीक पांच मिनट बाद फिर 10300 रुपये निकल गए। इस प्रकार उनको एक लाख 60 हजार 300 रुपये की चपत लगा दी। अपने साथ हुई ठगी की शिकायत पुलिस से उन्होंने 4 मार्च को ही आनलाइन कर दी। लाइन पार थाना पुलिस ने 11 अप्रैल को एफआईआर दर्ज की है। थाना प्रभारी राजेश कुमार के अनुसार, अज्ञात आरोपी के खिलाफ धोखाधड़ी का केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है।
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