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सिर आंखों पर बैठाया लाडले को, झज्जर में बजरंग का ढोल नगाडे़ के साथ स्वागत
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टोक्यो ओलंपिक में कांस्य पदक जीत कर देश की झोली में डालने वाले अपने लाडले बजरंग पूनिया को का अपने गृह जनपद पहुंचने पर लोगों ने ढोल-नगाड़े के साथ स्वागत किया। जिले के सीमा में प्रवेश करते ही उनके काफिले पर जगह-जगह पुष्प वर्षा की गई। जबकि स्वागत के लिए सड़क के दोनों तरफ लोगों ने लाडले बजरंग की एक झलक पाने की होड़ लग गई। डीजे की धुन पर राष्ट्रभक्ति गीतों के बीच ओलंपिक में कांस्य पदक विजेता अपने जिले के पहलवान को लोगों ने सिर माथे पर बिठाया।
सांपला रोड से जैसे ही ओलंपियन बजरंग पूनिया का काफिला जिले की सीमा में प्रवेश किया, सैकड़ों की संख्या में शहरवासियों, पूनिया खाप के प्रतिनिधियों, विभिन्न अखाड़ों से आए पहलवानों ने बजरंग पूनिया का फूल मालाओं, ढोल नगाड़ों व डीजे के साथ भव्य स्वागत किया। इस दौरान पहलवान बजरंग पूनिया ने सभी लोगों का हाथ जोड़कर आभार व्यक्त किया। शहर के सांपला चौक से छारा चुंगी, आंबेडकर चौक से होते हुए पुराने बस स्टैंड, छिकारा चौक से होते जहांआरा बाग स्टेडियम, तहसील रोड से कोसली रोड पर पहलवान बजरंग पूनिया का काफिला पहुंचा। करीब दो घंटे में काफिला गांव में पहुंचा।
छत्रसाल स्टेडियम से बजरंग के कोच रामफल मान ने बताया कि बजरंग पूनिया शुरू से ही प्रतिभावान खिलाड़ी रहा है और हमेशा कुश्ती प्रतियोगिता जीतकर ही आया है। उन्होंने बताया कि बजरंग पूनिया शुरुआती दिनों से ही जहां कहीं भी कुश्ती लड़ने के लिए गया वहां से कभी खाली हाथ लौट कर नहीं आया। हमेशा कोई न कोई मेडल लेकर ही आया है।
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बजरंग पूनिया के सीनियर साथी रहे कृष्ण पहलवान ने बताया कि बजरंग पूनिया में जीतने की ललक और हौसला शुरू से ही रहा है। जिसकी जीत पर आज पूरा देश गर्व कर रहा है। इस अवसर पर पूनिया कृष्ण पूनिया खाप के प्रवक्ता और विभिन्न अखाड़ों के संचालक पहलवान मौजूद रहे और कांस्य पदक विजेता का भव्य और जोरदार स्वागत किया गया।
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सांपला रोड से जैसे ही ओलंपियन बजरंग पूनिया का काफिला जिले की सीमा में प्रवेश किया, सैकड़ों की संख्या में शहरवासियों, पूनिया खाप के प्रतिनिधियों, विभिन्न अखाड़ों से आए पहलवानों ने बजरंग पूनिया का फूल मालाओं, ढोल नगाड़ों व डीजे के साथ भव्य स्वागत किया। इस दौरान पहलवान बजरंग पूनिया ने सभी लोगों का हाथ जोड़कर आभार व्यक्त किया। शहर के सांपला चौक से छारा चुंगी, आंबेडकर चौक से होते हुए पुराने बस स्टैंड, छिकारा चौक से होते जहांआरा बाग स्टेडियम, तहसील रोड से कोसली रोड पर पहलवान बजरंग पूनिया का काफिला पहुंचा। करीब दो घंटे में काफिला गांव में पहुंचा।
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छत्रसाल स्टेडियम से बजरंग के कोच रामफल मान ने बताया कि बजरंग पूनिया शुरू से ही प्रतिभावान खिलाड़ी रहा है और हमेशा कुश्ती प्रतियोगिता जीतकर ही आया है। उन्होंने बताया कि बजरंग पूनिया शुरुआती दिनों से ही जहां कहीं भी कुश्ती लड़ने के लिए गया वहां से कभी खाली हाथ लौट कर नहीं आया। हमेशा कोई न कोई मेडल लेकर ही आया है।
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बजरंग पूनिया के सीनियर साथी रहे कृष्ण पहलवान ने बताया कि बजरंग पूनिया में जीतने की ललक और हौसला शुरू से ही रहा है। जिसकी जीत पर आज पूरा देश गर्व कर रहा है। इस अवसर पर पूनिया कृष्ण पूनिया खाप के प्रवक्ता और विभिन्न अखाड़ों के संचालक पहलवान मौजूद रहे और कांस्य पदक विजेता का भव्य और जोरदार स्वागत किया गया।