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Jhajjar-Bahadurgarh News: साल्हावास में डेढ़ करोड़ की लागत से बना महेंद्रगढ़ कैनाल पर पुल
Sun, 17 Mar 2024 01:20 AM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, झज्जर/बहादुरगढ़
संवाद न्यूज एजेंसी, झज्जर/बहादुरगढ़
Updated Sun, 17 Mar 2024 01:20 AM IST
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साल्हावास। साल्हावास-कोसली मार्ग पर दिसंबर में शुरू हुए पुल का निर्माण पूरा हो गया है। लगभग चार महीने तक पुल निर्माण प्रक्रिया अब पूरी हो गई है। इससे वाहनों का आवागमन सुगम हो गया है। पुल निर्माण में 1.50 करोड़ रुपये की लागत आई है। अब लोगों को इसके बनने का लाभ भी मिलने लगा है।
पुल को लगभग 12 मीटर चौड़ा बनाया गया है। इससे पहले पुल का आकार बहुत कम था। इसके चलते आवागमन में परेशानी हो रही थी। अब पुल चौड़ा होने के बाद साइड से दो वाहनों के आसानी से निकलने का रास्ता बन गया है। यह प्रोजेक्ट सिंचाई विभाग के सौजन्य से पूरा हुआ है। मालूम हो कि इस पुल का निर्माण कई वर्षों पहले करवाया गया था। महेंद्रगढ़ कैनाल स्थित साल्हावास नहर पर बने पुल कंडम स्थिति में थे। सिंचाई विभाग ने इन कंडम पुलों की जगह अब नए पुल बनाए हैं। यही नहीं पुराने पुल हादसों का कारण भी बनते जा रहे हैं। कई जगह पुल की साइड वाॅल टूटी थी तो कहीं पुल का लेंटर जवाब दे चुका था। यातायात की दृष्टि से साल्हावास में महेंद्रगढ़ कैनाल पर बना ये पुल सुरक्षित नहीं था। किसान फसल कटाई के समय ट्रैक्टर से अनाज आदि लेकर इन पुलों के जरिये ही गुजरते हैं। इसी प्रकार अन्य भारी वाहनों का भी आवागमन बना रहता है।
सर्वे कराता है विभाग
विभाग भी समय-समय पर पुलों का सर्वे करवाता आ रहा है ताकि कंडम पुल का नए सिरे से निर्माण करवाया जा सके। अब साल्हावास स्थित महेंद्रगढ़ कैनाल पर बने नए पुल का निर्माण हुआ है।
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कई गांवों के लोगों को मिलेगा फायदा
सिंचाई विभाग चरखी दादरी के एसडीओ सुंदर सिंह ने बताया कि लगभग डेढ़ करोड़ रुपये की लागत से पुल का निर्माण किया गया है। लगभग दो दर्जन गांवों के लोगों को इसका लाभ मिलेगा।
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पुल को लगभग 12 मीटर चौड़ा बनाया गया है। इससे पहले पुल का आकार बहुत कम था। इसके चलते आवागमन में परेशानी हो रही थी। अब पुल चौड़ा होने के बाद साइड से दो वाहनों के आसानी से निकलने का रास्ता बन गया है। यह प्रोजेक्ट सिंचाई विभाग के सौजन्य से पूरा हुआ है। मालूम हो कि इस पुल का निर्माण कई वर्षों पहले करवाया गया था। महेंद्रगढ़ कैनाल स्थित साल्हावास नहर पर बने पुल कंडम स्थिति में थे। सिंचाई विभाग ने इन कंडम पुलों की जगह अब नए पुल बनाए हैं। यही नहीं पुराने पुल हादसों का कारण भी बनते जा रहे हैं। कई जगह पुल की साइड वाॅल टूटी थी तो कहीं पुल का लेंटर जवाब दे चुका था। यातायात की दृष्टि से साल्हावास में महेंद्रगढ़ कैनाल पर बना ये पुल सुरक्षित नहीं था। किसान फसल कटाई के समय ट्रैक्टर से अनाज आदि लेकर इन पुलों के जरिये ही गुजरते हैं। इसी प्रकार अन्य भारी वाहनों का भी आवागमन बना रहता है।
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सर्वे कराता है विभाग
विभाग भी समय-समय पर पुलों का सर्वे करवाता आ रहा है ताकि कंडम पुल का नए सिरे से निर्माण करवाया जा सके। अब साल्हावास स्थित महेंद्रगढ़ कैनाल पर बने नए पुल का निर्माण हुआ है।
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कई गांवों के लोगों को मिलेगा फायदा
सिंचाई विभाग चरखी दादरी के एसडीओ सुंदर सिंह ने बताया कि लगभग डेढ़ करोड़ रुपये की लागत से पुल का निर्माण किया गया है। लगभग दो दर्जन गांवों के लोगों को इसका लाभ मिलेगा।