{"_id":"69221b8ea0112f84f309491b","slug":"breakthrough-organization-is-making-adolescent-girls-and-women-aware-bahadurgarh-news-c-195-1-nnl1001-128650-2025-11-23","type":"story","status":"publish","title_hn":"Jhajjar-Bahadurgarh News: किशोरियों और महिलाओं को जागरूक कर रही ब्रेक थ्रू संस्था","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Jhajjar-Bahadurgarh News: किशोरियों और महिलाओं को जागरूक कर रही ब्रेक थ्रू संस्था
Sun, 23 Nov 2025 01:52 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, झज्जर/बहादुरगढ़
संवाद न्यूज एजेंसी, झज्जर/बहादुरगढ़
Updated Sun, 23 Nov 2025 01:52 AM IST
विज्ञापन
22jjrp15- एक स्कूल में आयोजित कार्यक्रम में जागरूक करते संस्था के सदस्य। स्रोत-संस्था
झज्जर। समाज में किशोरी व महिलाओं के साथ होने वाले लैंगिक भेदभाव को दूर करने, उनको मान-सम्मान दिलाने के उद्देश्य से ब्रेक थ्रू संस्था गांव-गांव में जाकर जागरूकता अभियान चला रही है। प्रदेश के 6 जिले झज्जर, रोहतक, सोनीपत, पानीपत, करनाल, गुरुग्राम में भी कई सालों से जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है।
झज्जर और रोहतक के 53 गांवों में यह अभियान फिलहाल चल रहा है। संस्था से ममता मीन ने बताया कि ब्रेकथ्रू संस्था से जिला अधिकारी रुचि अधिकारी के नेतृत्व में यह काम किया जा रहा है। ब्रेकथ्रू संस्था का मिशन है कि जेंडर आधारित भेदभाव और हिंसा खत्म हो। ऐसा समाज बने, जहां हर व्यक्ति अपने सपनों को बिना किसी रोकटोक के पूरा कर सके और खुशहाल जीवन जी सके।
झज्जर जिले की 200 से अधिक किशोरी संस्था से जुड़ी हैं, जो खुद अपनी कहानी बयान करती हैं। गांव-गांव में तीन प्रकार के ग्रुप बनाए गए हैं, जो एक साथ मिलकर समस्याओं को दूर करने का काम करते हैं। इसमें यूथ ग्रुप, किशोरी ग्रुप और पेरेंटिंग ग्रुप बनाए गए हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन
झज्जर और रोहतक के 53 गांवों में यह अभियान फिलहाल चल रहा है। संस्था से ममता मीन ने बताया कि ब्रेकथ्रू संस्था से जिला अधिकारी रुचि अधिकारी के नेतृत्व में यह काम किया जा रहा है। ब्रेकथ्रू संस्था का मिशन है कि जेंडर आधारित भेदभाव और हिंसा खत्म हो। ऐसा समाज बने, जहां हर व्यक्ति अपने सपनों को बिना किसी रोकटोक के पूरा कर सके और खुशहाल जीवन जी सके।
विज्ञापन
झज्जर जिले की 200 से अधिक किशोरी संस्था से जुड़ी हैं, जो खुद अपनी कहानी बयान करती हैं। गांव-गांव में तीन प्रकार के ग्रुप बनाए गए हैं, जो एक साथ मिलकर समस्याओं को दूर करने का काम करते हैं। इसमें यूथ ग्रुप, किशोरी ग्रुप और पेरेंटिंग ग्रुप बनाए गए हैं।
विज्ञापन