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Jhajjar-Bahadurgarh News: हिट एंड रन कानून के विरोध में बहादुरगढ़ ट्रांसपोर्टरों ने की नारेबाजी
Tue, 02 Jan 2024 10:15 PM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, झज्जर/बहादुरगढ़
संवाद न्यूज एजेंसी, झज्जर/बहादुरगढ़
Updated Tue, 02 Jan 2024 10:15 PM IST
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बहादुरगढ़। हिट एंड रन कानून का देश में लगातार विरोध हो रहा है। बहादुरगढ़ में भी मंगलवार को इसका असर देखने को मिला। ट्रक ऑपरेटरों ने नए कानून का विरोध जताते हुए इसे वापस लेने की मांग की। बहादुरगढ में कई यूनियनों के ट्रांसपोर्टरों ने एकत्रित होकर नए कानून के विरोध में नारेबाजी की। इसके बाद एसडीएम राहुल मोदी को परिवहन मंत्री के नाम मांगों से संबंधित ज्ञापन सौंपा गया।
परनाला रोड स्थित दी बहादुरगढ़ पब्लिक कैरियर यूनियन में मंगलवार सुबह कई यूनियनों के पदाधिकारी व ट्रांसपोर्टर जुटे। इन्होंने हिट एंड रन कानून पर चर्चा करते हुए विरोध जताया। ट्रांसपोर्टरों ने कहा कि हाइवे पर अधिकांश दुर्घटनाओं में बड़े वाहनों का दोष नहीं होता, लेकिन फिर भी जिम्मेदार मान लिए जाते हैं। ऐसी स्थिति में माल वाहक चालक अपनी जान बचाने के लिए खिसकता है। नए कानून में ड्राइवरों की सुरक्षा का कोई प्रावधान ही नहीं है। देश के विकास में ट्रक ड्राइवरों का अहम योगदान है। यदि ड्राइवर हड़ताल करते हैं तो देश ठप हो जाएगा और इसका असर आमजन पर पड़ेगा। बादली रोड पर स्थित शिव ट्रबो यूनियन के प्रधान हरबीर सिंह जून ने बताया कि बहादुरगढ़ में 17 अलग-अलग यूनियन हैं और लगभग दस हजार मालवाहक वाहन हैं। फिलहाल ट्रांसपोर्टरों ने हड़ताल से इंकार किया है और 10 जनवरी तक इंतजार करने का निर्णय लिया है। यदि यहां के ट्रांसपोर्टर हड़ताल पर जाते हैं तो काफी नुकसान हो सकता है। 10 जनवरी तक उनकी मांग पूरी नहीं होती तो इसके बाद कड़ा फैसला लिया जाएगा और चक्का जाम होगा। अभी ट्रकों से सप्लाई लगातार जारी है।
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परनाला रोड स्थित दी बहादुरगढ़ पब्लिक कैरियर यूनियन में मंगलवार सुबह कई यूनियनों के पदाधिकारी व ट्रांसपोर्टर जुटे। इन्होंने हिट एंड रन कानून पर चर्चा करते हुए विरोध जताया। ट्रांसपोर्टरों ने कहा कि हाइवे पर अधिकांश दुर्घटनाओं में बड़े वाहनों का दोष नहीं होता, लेकिन फिर भी जिम्मेदार मान लिए जाते हैं। ऐसी स्थिति में माल वाहक चालक अपनी जान बचाने के लिए खिसकता है। नए कानून में ड्राइवरों की सुरक्षा का कोई प्रावधान ही नहीं है। देश के विकास में ट्रक ड्राइवरों का अहम योगदान है। यदि ड्राइवर हड़ताल करते हैं तो देश ठप हो जाएगा और इसका असर आमजन पर पड़ेगा। बादली रोड पर स्थित शिव ट्रबो यूनियन के प्रधान हरबीर सिंह जून ने बताया कि बहादुरगढ़ में 17 अलग-अलग यूनियन हैं और लगभग दस हजार मालवाहक वाहन हैं। फिलहाल ट्रांसपोर्टरों ने हड़ताल से इंकार किया है और 10 जनवरी तक इंतजार करने का निर्णय लिया है। यदि यहां के ट्रांसपोर्टर हड़ताल पर जाते हैं तो काफी नुकसान हो सकता है। 10 जनवरी तक उनकी मांग पूरी नहीं होती तो इसके बाद कड़ा फैसला लिया जाएगा और चक्का जाम होगा। अभी ट्रकों से सप्लाई लगातार जारी है।
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