{"_id":"5d264d9d8ebc3e6ccf653218","slug":"axcice-and-taxtioin-dipartment-bahadurgarh-news-rtk503928772","type":"story","status":"publish","title_hn":"ऑडिट में पकड़ी चार करोड़ की गड़बड़ी, दो फर्मों पर केस दर्ज","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
ऑडिट में पकड़ी चार करोड़ की गड़बड़ी, दो फर्मों पर केस दर्ज
विज्ञापन
आबकारी एवं कराधान विभाग ने रोहद औद्योगिक क्षेत्र की दो फर्मों (कंपनी) पर केस दर्ज कराया है। इन फर्म पर एच फार्म में हेरफेर कर चार करोड़ रुपये के गड़बड़ी करने का आरोप है। उधर, सिटी थाना पुलिस ने धोखाधड़ी, आपराधिक साजिश, फर्जी दस्तावेज तैयार करने सहित कई अन्य धाराओं के तहत केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। मामला कई वर्ष पुराना है। 2015 में इन कंपनियों द्वारा दूसरी फर्म को दिए गए पांच एच फार्म को बोगस करार दिया गया था। अक्तूबर 2018 में विभाग के मुख्यालय की ओर से इन दोनों फर्म पर केस दर्ज कराने के आदेश जारी हुए थे। अब जांच के बाद आबकारी एवं कराधान अधिकारी की ओर से इन पर केस दर्ज कराया गया है। पुलिस को दी शिकायत में आबकारी एवं कराधान अधिकारी रोहित कुमार ने बताया है कि शिवम मेटल कंट्रोल प्राइवेट लिमिटेड के निदेशक गजानंद अग्रवाल पुत्र लक्ष्मी नारायण, उनके पुत्र मोहन लाल अग्रवाल, मोहिंद्र कुमार अग्रवाल व सज्जन अग्रवाल निवासी पश्चिम विहार नई दिल्ली ने हरियाणा वर्धित कर अधिनियम व केंद्रीय बिक्री कर अधिनियम के तहत टिन 06511703819 के तहत पंजीकृत कराई थी। कंपनी ने वर्ष 2010-11 के दौरान अपनी तिमाही रिटर्न में दिल्ली राज्य की कई फर्मों को एच फार्मों की बिक्री दिखाई थी। बाद में अंतरराज्यीय बिक्री के संबंध में इस विभाग को टैक्स दर में रियायत लेने के लिए विभिन्न राज्यों के व्यापार व कर विभाग द्वारा जारी किए जाने वाले दो एच फार्म दिए थे। इनकी जब ऑडिट की गई तो लेखा परीक्षण दल ने लेखा परीक्षा रिपोर्ट (राजस्व प्राप्ति) में इन फार्मों को बोगस पाया। दूसरी ओर आर्ट माईका लेमीनेटस प्राइवेट लिमिटेड के निदेशक दपिंद्र पाल सिंह पुत्र पृथ्वी लाल सिंह निवासी जनकपुरी नई दिल्ली ने भी हरियाणा वर्धित कर अधिनियम व केंद्रीय बिक्री कर अधिनियम के तहत टिन 06311703832 के तहत पंजीकृत कराई थी। फर्म की ओर से वर्ष 2009-10 के दौरान अपनी तिमाही रिटर्न में दिल्ली राज्य की फर्मों को एच फार्मों की बिक्री दिखाई थी। अंतरराज्यीय बिक्री के संबंध में इस विभाग को टैक्स दर में रियायत लेने के लिए विभिन्न राज्यों के व्यापार व कर विभाग द्वारा जारी किए जाने वाले तीन एच फार्म दिए गए थे। इन एच फार्मों को भी लेखा परीक्षण दल ने लेखा परीक्षा रिपोर्ट (राजस्व प्राप्ति) में बोगस पाया है। अधिकारियों के मुताबिक, दोनों कंपनियों की ओर से जिन पांच एच फार्मों की बिक्री दिखाई गई है, उनकी राशि लगभग चार करोड़ बनती है। हालांकि इनकी पूरी ऑडिट रिपोर्ट नहीं मिली लेकिन जांच में गड़बड़ी सामने आते ही स्थानीय आबकारी एवं कराधान विभाग सक्रिय हो गया। दोनों कंपनियों के निदेशकों के खिलाफ केस दर्ज करवाया गया।
उच्चाधिकारियों के निर्देश पर केस दर्ज करवा दिया गया है। जरूरी दस्तावेज भी पुलिस को उपलब्ध करा दिए जाएंगे। अब आगे की जांच पुलिस करेगी।
रोहित शर्मा, ईटीओ, बहादुरगढ़।
आबकारी एवं कराधान अधिकारी की शिकायत पर विभिन्न धाराओं में केस दर्ज किया गया है। विभाग से रिकॉर्ड लेकर जांच आगे बढ़ाई जाएगी। जांच पूरी होने के बाद ही आगामी कार्रवाई होगी।
रवि कुमार, एसएचओ, शहर थाना।
विज्ञापन
उच्चाधिकारियों के निर्देश पर केस दर्ज करवा दिया गया है। जरूरी दस्तावेज भी पुलिस को उपलब्ध करा दिए जाएंगे। अब आगे की जांच पुलिस करेगी।
रोहित शर्मा, ईटीओ, बहादुरगढ़।
आबकारी एवं कराधान अधिकारी की शिकायत पर विभिन्न धाराओं में केस दर्ज किया गया है। विभाग से रिकॉर्ड लेकर जांच आगे बढ़ाई जाएगी। जांच पूरी होने के बाद ही आगामी कार्रवाई होगी।
विज्ञापन
रवि कुमार, एसएचओ, शहर थाना।