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एटीएम की सुरक्षा राम भरोसे, शाम ढलते ही गिर जाते हैं शटर
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झज्जर। जिले में एटीएम बूथों की सुरक्षा राम भरोसे चल रही है। शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में ज्यादातर एटीएम बूथों पर सुरक्षाकर्मी की तैनाती नहीं है। जिले में हो रही बैंक लूटने व एटीएम उखाड़कर और काटकर चोरी की घटनाओं के बाद भी प्रशासन ने कोई सबक नहीं ले रहा है। पिछले दिनों शहर के पंजाब नेशनल बैंक में स्ट्रांग रूम को गैस कटर से काटने तक का प्रयास किया गया था। हालांकि झज्जर क्षेत्र में पिछले करीब छह माह में एटीएम लूट का कोई मामला सामने नहीं आया है।
रोहतक व गुरुग्राम में कैश वैन में लूट के मामलों के बाद पुलिस पूरी तरह से सतर्क हो गई है। पुलिस की तरफ से बैंकों, एटीएम केंद्रों व कैश वैन के सीसीटीवी की जांच करने व उनका पूरी तरह से काम करने के लिए बैंकों को पत्र लिखा जा चुका है। इतना ही नहीं कैश वैन से कैश लाने ले जाने और एटीएम में कैश डालने के समय सुरक्षा के लिए पुलिस को जानकारी देने के लिए बैंकों को कहा गया है। जिले में विभिन्न बैंकों के तकरीबन 163 एटीएम लगे हुए हैं। इनमें से करीब 70 एटीएम ग्रामीण क्षेत्र में स्थित हैं, लेकिन इन पर सुरक्षा के कोई खास इंतजाम नहीं हैं। इनमें से कुछ बूथों पर ही दिन के समय सुरक्षा गार्ड तैनात मिलते हैं, जबकि एटीएम पर सुरक्षा के लिए एक गार्ड होना जरूरी होता है। यहां मौजूद गार्ड अगर हथियार बंद हों तो एटीएम व उससे रुपये निकालने वाले ग्राहकों की सुरक्षा की जा सकती है। यही कारण बदमाशों की नजर हर समय एटीएम बूथों पर टिकी होती है और मौका मिलते ही घटना को अंजाम देकर बड़े आराम से निकल जाते हैं।
- जिले में 24 बैंकों की 152 हैं शाखाएं
जिले के शहरी व ग्रामीण क्षेत्र में करीब 24 बैंकों की 152 शाखाएं हैं। इनमें करीब 93 एटीएम बैंकों व उनकी शाखाओं में स्थित हैं। इनमें दिन के समय जो सुुरक्षाकर्मी बैंक में रहते हैं वहीं देखरेख करते हैं। इनमें अधिकांश एटीएम के शाम ढलते ही शटर बंद हो जाते हैं। सभी बैंक शाखाओं और एटीएम बूथ पर हथियारबंद सुरक्षाकर्मियों की नियुक्ति में लापरवाही नहीं होनी चाहिए। बैंकों व एटीएम बूथों पर लगाए गए अलार्म सिस्टम की भी समय-समय पर जांच की जानी चाहिए। पुलिस की पीसीआर, राइडर दिन व रात के समय बैंक शाखाओं और एटीएम बूथों को लगातार चेक कर रही हैं।
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- वर्जन
सभी बैंकों के अपने-अपने नियम होते हैं। भारतीय रिजर्व बैंक के अनुसार समय-समय पर सुरक्षा नियमों में बदलाव किया जाता है। कुछ एटीएम में रात के समय सुरक्षा कर्मी रहते हैं, लेकिन सब एटीएम में सुरक्षाकर्मी नहीं हैं। - मनोज सिन्हा, एलडीएम, झज्जर।
- वर्जन
एटीएम, बैंक व कैश वैन के सीसीटीवी पूरी तरह चलने चाहिए। बैंकों में कैश लाने-ले जाने की जानकारी, एटीएम में कैश डालने की जानकारी देने के लिए बैंकों को पत्र जारी कर दिया है। ताकि पुलिस सुरक्षा मुहैया कराई जा सके। पुलिस भी बैंकों व एटीएम केंद्रों के आसपास गश्त करती रहती है। - राहुल देव, डीएसपी, झज्जर।
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रोहतक व गुरुग्राम में कैश वैन में लूट के मामलों के बाद पुलिस पूरी तरह से सतर्क हो गई है। पुलिस की तरफ से बैंकों, एटीएम केंद्रों व कैश वैन के सीसीटीवी की जांच करने व उनका पूरी तरह से काम करने के लिए बैंकों को पत्र लिखा जा चुका है। इतना ही नहीं कैश वैन से कैश लाने ले जाने और एटीएम में कैश डालने के समय सुरक्षा के लिए पुलिस को जानकारी देने के लिए बैंकों को कहा गया है। जिले में विभिन्न बैंकों के तकरीबन 163 एटीएम लगे हुए हैं। इनमें से करीब 70 एटीएम ग्रामीण क्षेत्र में स्थित हैं, लेकिन इन पर सुरक्षा के कोई खास इंतजाम नहीं हैं। इनमें से कुछ बूथों पर ही दिन के समय सुरक्षा गार्ड तैनात मिलते हैं, जबकि एटीएम पर सुरक्षा के लिए एक गार्ड होना जरूरी होता है। यहां मौजूद गार्ड अगर हथियार बंद हों तो एटीएम व उससे रुपये निकालने वाले ग्राहकों की सुरक्षा की जा सकती है। यही कारण बदमाशों की नजर हर समय एटीएम बूथों पर टिकी होती है और मौका मिलते ही घटना को अंजाम देकर बड़े आराम से निकल जाते हैं।
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- जिले में 24 बैंकों की 152 हैं शाखाएं
जिले के शहरी व ग्रामीण क्षेत्र में करीब 24 बैंकों की 152 शाखाएं हैं। इनमें करीब 93 एटीएम बैंकों व उनकी शाखाओं में स्थित हैं। इनमें दिन के समय जो सुुरक्षाकर्मी बैंक में रहते हैं वहीं देखरेख करते हैं। इनमें अधिकांश एटीएम के शाम ढलते ही शटर बंद हो जाते हैं। सभी बैंक शाखाओं और एटीएम बूथ पर हथियारबंद सुरक्षाकर्मियों की नियुक्ति में लापरवाही नहीं होनी चाहिए। बैंकों व एटीएम बूथों पर लगाए गए अलार्म सिस्टम की भी समय-समय पर जांच की जानी चाहिए। पुलिस की पीसीआर, राइडर दिन व रात के समय बैंक शाखाओं और एटीएम बूथों को लगातार चेक कर रही हैं।
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सभी बैंकों के अपने-अपने नियम होते हैं। भारतीय रिजर्व बैंक के अनुसार समय-समय पर सुरक्षा नियमों में बदलाव किया जाता है। कुछ एटीएम में रात के समय सुरक्षा कर्मी रहते हैं, लेकिन सब एटीएम में सुरक्षाकर्मी नहीं हैं। - मनोज सिन्हा, एलडीएम, झज्जर।
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एटीएम, बैंक व कैश वैन के सीसीटीवी पूरी तरह चलने चाहिए। बैंकों में कैश लाने-ले जाने की जानकारी, एटीएम में कैश डालने की जानकारी देने के लिए बैंकों को पत्र जारी कर दिया है। ताकि पुलिस सुरक्षा मुहैया कराई जा सके। पुलिस भी बैंकों व एटीएम केंद्रों के आसपास गश्त करती रहती है। - राहुल देव, डीएसपी, झज्जर।