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Jhajjar-Bahadurgarh News: आशा कार्यकर्ताओं ने 19 को प्रदर्शन करने की दी चेतावनी
Thu, 14 Dec 2023 11:21 PM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, झज्जर/बहादुरगढ़
संवाद न्यूज एजेंसी, झज्जर/बहादुरगढ़
Updated Thu, 14 Dec 2023 11:21 PM IST
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संवाद न्यूज एजेंसी
झज्जर। आशा वर्कर्स यूनियन ने 18 दिसंबर तक सभी आशाओं के मानदेय खाते में नहीं आने पर 19 दिसंबर को पूरे प्रदेश में जिला सिविल सर्जन कार्यालय पर प्रदर्शन करने की चेतावनी दी है।
जिला प्रधान कविता, जिला सचिव अनीता, खजांची प्रवेश ने बताया कि आशा कार्यकता 8 अगस्त से 19 अक्तूबर तक हड़ताल की। स्वास्थ्य विभाग के सारे काम ठप हो जाने के बाद सरकार और विभाग ने आशा वर्कर्स यूनियन के प्रतिनिधिमंडल के साथ वार्ता की। पांच दौर वार्ता करके मांगों का कुछ समाधान करने की घोषणा की गई थी। 19 अक्तूबर को मुख्यमंत्री के साथ हुए समझौते को लगभग 2 महीने हो गए हैं। अभी तक भी घोषित मांगों का नोटिफिकेशन जारी नहीं हुआ है। पिछले 5 महीने से आशा वर्करों को पूरे प्रदेश में मानदेय भुगतान नहीं किया गया है। स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों द्वारा पिछले 2 महीने से बताया जा रहा है कि आशा पे ऐप के माध्यम से आशा की पेमेंट दी जाती है। उस एप में टेक्निकल समस्याएं हैं। कमाल की बात तो यह है कि विभाग 5 महीने बाद भी स्वास्थ्य विभाग की टेक्निकल समस्या को ठीक नहीं करवा पाया। सरकार और विभाग बार-बार आशा वर्करों को सड़कों पर आंदोलन करने के लिए मजबूर कर रहा है।
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झज्जर। आशा वर्कर्स यूनियन ने 18 दिसंबर तक सभी आशाओं के मानदेय खाते में नहीं आने पर 19 दिसंबर को पूरे प्रदेश में जिला सिविल सर्जन कार्यालय पर प्रदर्शन करने की चेतावनी दी है।
जिला प्रधान कविता, जिला सचिव अनीता, खजांची प्रवेश ने बताया कि आशा कार्यकता 8 अगस्त से 19 अक्तूबर तक हड़ताल की। स्वास्थ्य विभाग के सारे काम ठप हो जाने के बाद सरकार और विभाग ने आशा वर्कर्स यूनियन के प्रतिनिधिमंडल के साथ वार्ता की। पांच दौर वार्ता करके मांगों का कुछ समाधान करने की घोषणा की गई थी। 19 अक्तूबर को मुख्यमंत्री के साथ हुए समझौते को लगभग 2 महीने हो गए हैं। अभी तक भी घोषित मांगों का नोटिफिकेशन जारी नहीं हुआ है। पिछले 5 महीने से आशा वर्करों को पूरे प्रदेश में मानदेय भुगतान नहीं किया गया है। स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों द्वारा पिछले 2 महीने से बताया जा रहा है कि आशा पे ऐप के माध्यम से आशा की पेमेंट दी जाती है। उस एप में टेक्निकल समस्याएं हैं। कमाल की बात तो यह है कि विभाग 5 महीने बाद भी स्वास्थ्य विभाग की टेक्निकल समस्या को ठीक नहीं करवा पाया। सरकार और विभाग बार-बार आशा वर्करों को सड़कों पर आंदोलन करने के लिए मजबूर कर रहा है।
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