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Jhajjar-Bahadurgarh News: आंसू के साथ गुस्सा, नरेश ने भाई को बताया अहंकारी

Sat, 07 Sep 2024 04:37 AM IST
रोहतक ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, झज्जर/बहादुरगढ़
संवाद न्यूज एजेंसी, झज्जर/बहादुरगढ़ Updated Sat, 07 Sep 2024 04:37 AM IST
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Angry with tears, Naresh called his brother arrogant
-फोटो 52 : मीटिंग में मौजूद कार्यकर्ता। संवाद
बहादुरगढ़। विधानसभा चुनाव में बहादुरगढ़ हलके से भारतीय जनता पार्टी के टिकट को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। भाजपा ने पार्टी के पूर्व विधायक नरेश कौशिक के बजाय उनके भाई दिनेश कौशिक को टिकट दिया है। इससे नरेश कौशिक और समर्थकों में रोष है। कौशिक ने शुक्रवार को नए कार्यालय में समर्थकों की बैठक की। टिकट कटने पर वह समर्थकों की मौजूदगी में मंच पर फूट-फूटकर रोए।
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कार्यकर्ताओं ने नरेश कौशिक की टिकट काटने का विरोध किया और पार्टी से उम्मीदवार बदलकर नरेश कौशिक को टिकट देने की मांग की। पंचायत में वक्ताओं ने पार्टी के राष्ट्रीय सचिव ओमप्रकाश धनखड़ और जिलाध्यक्ष राजपाल शर्मा पर बहादुरगढ़ में भाजपा को नुकसान पहुंचाने का आरोप लगाया।
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नरेश कौशिक को टिकट न मिलने से नाराज कई पार्टी पदाधिकारियों ने सामूहिक त्यागपत्र दे दिए। इस दौरान निर्णय लिया गया कि 9 सितंबर तक पार्टी ने फैसला बदलकर नरेश कौशिक को टिकट नहीं दिया तो 10 सितंबर को वे आगे की रणनीति बनाएंगे। दिनेश कौशिक को टिकट देने के खिलाफ बहादुरगढ़ में रोहतक रोड स्थित पार्टी कार्यालय में भाजपा कार्यकर्ताओं की भारी भीड़ जुटी। तमाम लोगो में भारी रोष देखा गया।
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भाजपा के राष्ट्रीय सचिव ओमप्रकाश धनखड़ और राजपाल शर्मा के खिलाफ वक्ताओं ने रोष जताया। नरेश कौशिक ने बिना नाम लिए धनखड़ को स्वयंभू नेता बताते हुए कहा कि कार्यकर्ताओं को ऐसे नेताओं को सबक सिखाना चाहिए। नगर परिषद के वाइस चेयरमैन भाजपा नेता पालेराम शर्मा ने कहा कि भाजपा जिले में केवल बहादुरगढ़ सीट को ही जीतने की स्थिति में थी। यह तभी संभव था जब यहां भाजपा के सबसे मजबूत नेता नरेश कौशिक को टिकट मिलता। यहां तक कि धनखड़ के भी बादली से जीतने की संभावना नहीं है। इसलिए धनखड़ ने नरेश कौशिक की टिकट इसलिए कटवा दी ताकि जिले में उनके (धनखड़ के) बराबर का कोई नेता खड़ा न हो सके।
कहा कि जिलाध्यक्ष राजपाल कांग्रेस नेताओं से मिले हुए हैं। संभावित उम्मीदवारों की पैरवी करने के मामले में धन का लेनदेन किया गया है। टिकट न मिलने का दुख नरेश कौशिक सहन नहीं कर पाए और मंच पर बोलते हुए भावुक हो गए। उन्होंने पार्टी में विरोधियो पर तो निशाना साधा ही, अपने भाई दिनेश कौशिक को अहंकारी बताया। कहा कि दिनेश ने अपनी बेटी की शादी में भी उन्हें निमंत्रण नहीं दिया था। कहा कि पार्टी के कुछ नेता को दिनेश मजबूत नेता भले ही लगता हो, लेकिन वीरवार को शहर में निकाले गए उसके रोड शो में 100 से अधिक लोग शामिल नहीं थे।

उन्होंने 9 सितंबर तक पार्टी से फैसला बदलने की मांग की। कहा कि यदि भाजपा फैसला नहीं बदलती है, तो हित-अहित का हिसाब लगाना पार्टी की जिम्मेदारी है। पिछड़ा वर्ग मोर्चा के जिलाध्यक्ष धर्मवीर वर्मा, नप अध्यक्ष सरोज राठी के पति रमेश, पंचायत समिति के अध्यक्ष सत्यवान दलाल, पूर्व नपा अध्यक्ष अशोक गुप्ता व पूर्व पार्षद जसबीर सैनी ने भी पंचायत में अपने विचार व्यक्त किए।
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