{"_id":"665f97eac7cee13c320a6944","slug":"amit-shahs-rally-also-failed-to-do-wonders-voters-decreased-even-from-margin-areas-bahadurgarh-news-c-195-1-nnl1001-110835-2024-06-05","type":"story","status":"publish","title_hn":"Jhajjar-Bahadurgarh News: अमित शाह की रैली भी नहीं कर पाई कमाल, मार्जन वाले क्षेत्र से भी घटे वोटर","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Jhajjar-Bahadurgarh News: अमित शाह की रैली भी नहीं कर पाई कमाल, मार्जन वाले क्षेत्र से भी घटे वोटर
Wed, 05 Jun 2024 04:10 AM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, झज्जर/बहादुरगढ़
संवाद न्यूज एजेंसी, झज्जर/बहादुरगढ़
Updated Wed, 05 Jun 2024 04:10 AM IST
विज्ञापन
झज्जर। लोकसभा चुनाव में वोटरों को अपनी तरफ रिझाने के लिए भाजपा ने इस बार कोई कसर नहीं छोड़ी। स्टार प्रचारकों को रोहतक लोकसभा क्षेत्र में बुलाकर रैली व रोड शो किए गए। झज्जर में जिलास्तरीय रैली आयोजित कर देश के गृह मंत्री अमित शाह को बुलाया गया, इसके बावजूद पार्टी जिले में कुछ खास नहीं कर सकी। रैली में गृह मंत्री अमित शाह ने 12 से अधिक बार झज्जर का नाम लेकर युवाओं, किसानों और जवानों को रिझाने का प्रयास किया, लेकिन जिले के लोग उनकी बातों में नहीं आए। यही वजह रही कि जिले की चारों विधानसभा क्षेत्र में भाजपा को लीड दूर-दूर तक नहीं मिली। शुरुआत से लेकर अंत तक मतगणना के दौरान कुछ राउंड को छोड़कर भाजपा प्रत्याशी लीड को तरसते हुए दिखे।
भाजपा के राष्ट्रीय सचिव ओम प्रकाश धनखड़ के विधानसभा क्षेत्र बादली से भी भाजपा प्रत्याशी को को कड़े मार्जन से पीछे रहना पड़ा। बादली विधानसभा से इस बार कांग्रेस प्रत्याशी को 83979 वोट मिले हैं, जबकि भाजपा प्रत्याशी डॉ. अरविंद्र शर्मा को मात्र 37032 वोटों से संतोष करना पड़ा और कांग्रेस प्रत्याशी को यहां से 46947 वोटों की बढ़त मिली। इसका असर आगामी विधानसभा चुनाव में भी पड़ेगा। 2019 में यहां से कांग्रेस प्रत्याशी को मात्र 11554 की लीड मिली थी, जबकि इस बार चार गुणा से ज्यादा लीड हासिल हुई है। बहादुरगढ़ की बात करें तो यहां से भी इस बार पार्टी मार्जन लेने की बजाय पिछड़ गई है।
भाजपा की भीतरी कलह ने पहुंचाया नुकसान
इस बार लोकसभा चुनाव प्रचार के दौरान जहां कांग्रेस कार्यकर्ता एकजुट होकर टोलियों में प्रचार करते नजर आ रहे थे, वहीं भाजपाई टोलियों की बजाय गुट बनाकर प्रचार करते दिखे। कुछ भाजपाईयों की मानें तो प्रचार के दौरान कुछ नेता एक-दूसरे को नीचा दिखाने के चक्कर में दिखे। इसके चलते लोगों से पूरी तरह से संपर्क तक नहीं साध सके। यहां तक की विधानसभा के कई गांवों में भाजपा नेता गए तक नहीं।
विज्ञापन
विज्ञापन
भाजपा के राष्ट्रीय सचिव ओम प्रकाश धनखड़ के विधानसभा क्षेत्र बादली से भी भाजपा प्रत्याशी को को कड़े मार्जन से पीछे रहना पड़ा। बादली विधानसभा से इस बार कांग्रेस प्रत्याशी को 83979 वोट मिले हैं, जबकि भाजपा प्रत्याशी डॉ. अरविंद्र शर्मा को मात्र 37032 वोटों से संतोष करना पड़ा और कांग्रेस प्रत्याशी को यहां से 46947 वोटों की बढ़त मिली। इसका असर आगामी विधानसभा चुनाव में भी पड़ेगा। 2019 में यहां से कांग्रेस प्रत्याशी को मात्र 11554 की लीड मिली थी, जबकि इस बार चार गुणा से ज्यादा लीड हासिल हुई है। बहादुरगढ़ की बात करें तो यहां से भी इस बार पार्टी मार्जन लेने की बजाय पिछड़ गई है।
विज्ञापन
भाजपा की भीतरी कलह ने पहुंचाया नुकसान
इस बार लोकसभा चुनाव प्रचार के दौरान जहां कांग्रेस कार्यकर्ता एकजुट होकर टोलियों में प्रचार करते नजर आ रहे थे, वहीं भाजपाई टोलियों की बजाय गुट बनाकर प्रचार करते दिखे। कुछ भाजपाईयों की मानें तो प्रचार के दौरान कुछ नेता एक-दूसरे को नीचा दिखाने के चक्कर में दिखे। इसके चलते लोगों से पूरी तरह से संपर्क तक नहीं साध सके। यहां तक की विधानसभा के कई गांवों में भाजपा नेता गए तक नहीं।
विज्ञापन