{"_id":"65c10aec9de2be9622054383","slug":"all-india-electricity-consumer-association-will-celebrate-protest-day-today-against-privatization-bahadurgarh-news-c-200-1-bgh1002-105319-2024-02-05","type":"story","status":"publish","title_hn":"Jhajjar-Bahadurgarh News: निजीकरण के खिलाफ आज विरोध दिवस मनाएंगे","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Jhajjar-Bahadurgarh News: निजीकरण के खिलाफ आज विरोध दिवस मनाएंगे
Mon, 05 Feb 2024 09:51 PM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, झज्जर/बहादुरगढ़
संवाद न्यूज एजेंसी, झज्जर/बहादुरगढ़
Updated Mon, 05 Feb 2024 09:51 PM IST
विज्ञापन
बहादुरगढ़। निजीकरण करने, स्मार्ट व प्रीपेड मीटर लगाने व बिजली बिलों में बढ़ोतरी के खिलाफ ऑल इंडिया इलेक्ट्रिसिटी कंज्यूमर एसोसिएशन ने 6 फरवरी को अखिल भारतीय विरोध दिवस मनाने का फैसला लिया है।
6 फरवरी को एक बजे पंजाब, हरियाणा, दिल्ली, राजस्थान व मध्यप्रदेश के बिजली उपभोक्ता दिल्ली के जंतर मंतर पर विरोध प्रदर्शन करेंगे और केंद्रीय बिजली मंत्री आरके सिंह को अपनी मांगों का ज्ञापन देंगे। एसोसिएशन के प्रदेश सचिव मेहर सिंह बांगड़ व प्रदेश प्रधान इंद्र सिंह मलिक ने बताया कि केंद्र व राज्य की सरकार बिजली जैसी मूलभूत जरूरत को भी प्राइवेट कंपनियों के हवाले करने पर अड़ी है। निजीकरण के बाद बिजली के बिलों में बेतहाशा बढ़ोतरी होगी। जिससे बिजली आम आदमी की पहुंच से बाहर हो जाएगी। बिजली कानून 2003 के जरिए बिजली उत्पादन का क्षेत्र प्राइवेट कंपनियों के लिए खोल दिया गया था। उसी का नतीजा है कि बिजली उत्पादन का 50 प्रतिशत निजी कंपनियों के कब्जे में आ चुका है। बिजली वितरण का क्षेत्र भी पूरी तरह से प्राइवेट कंपनियों के लिए खोलने की जरूरत से ही बिजली बिल 2022 लाया गया है। इस कानून के बनने के बाद बिजली सप्लाई का क्षेत्र भी निजी कंपनियों के कब्जे में चला जाएगा। निजी कं पनियों की सुविधा के लिए ही स्मार्ट मीटर लगाए जा रहे हैं, जिनको कभी भी प्रीपेड मोड में बदला जा सकता है। मोबाइल की तरह से स्मार्ट मीटर को पहले रिचार्ज करना होगा।
विज्ञापन
6 फरवरी को एक बजे पंजाब, हरियाणा, दिल्ली, राजस्थान व मध्यप्रदेश के बिजली उपभोक्ता दिल्ली के जंतर मंतर पर विरोध प्रदर्शन करेंगे और केंद्रीय बिजली मंत्री आरके सिंह को अपनी मांगों का ज्ञापन देंगे। एसोसिएशन के प्रदेश सचिव मेहर सिंह बांगड़ व प्रदेश प्रधान इंद्र सिंह मलिक ने बताया कि केंद्र व राज्य की सरकार बिजली जैसी मूलभूत जरूरत को भी प्राइवेट कंपनियों के हवाले करने पर अड़ी है। निजीकरण के बाद बिजली के बिलों में बेतहाशा बढ़ोतरी होगी। जिससे बिजली आम आदमी की पहुंच से बाहर हो जाएगी। बिजली कानून 2003 के जरिए बिजली उत्पादन का क्षेत्र प्राइवेट कंपनियों के लिए खोल दिया गया था। उसी का नतीजा है कि बिजली उत्पादन का 50 प्रतिशत निजी कंपनियों के कब्जे में आ चुका है। बिजली वितरण का क्षेत्र भी पूरी तरह से प्राइवेट कंपनियों के लिए खोलने की जरूरत से ही बिजली बिल 2022 लाया गया है। इस कानून के बनने के बाद बिजली सप्लाई का क्षेत्र भी निजी कंपनियों के कब्जे में चला जाएगा। निजी कं पनियों की सुविधा के लिए ही स्मार्ट मीटर लगाए जा रहे हैं, जिनको कभी भी प्रीपेड मोड में बदला जा सकता है। मोबाइल की तरह से स्मार्ट मीटर को पहले रिचार्ज करना होगा।
विज्ञापन