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आरसीबी को चैंपियन बनाने का लक्ष्य विराट के साथ खेलना चाहते हैं : कनिष्क
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16jjrp20- झज्जर। कनिष्क चौहान
झज्जर। अंडर-19 विश्वकप में शानदार प्रदर्शन करने वाले कनिष्क चौहान बंगलूरू कैंप के बाद रविवार को गांव कुलाना लौटे। कनिष्क से अब तक के सफर को लेकर बातचीत की गई जिसमें उन्होंने आगे का क्या लक्ष्य है, कैसे इस मुकाम तक पहुंचे हैं आदि बातें साझा की। दरअसल, सम्मान समारोह से कनिष्क बंगलूरू रवाना हो गए। इसके बाद चार से पांच दिनों तक बंगलूरू स्थित आरसीबी कैंप में पसीना बहाया। कनिष्क को बंगलूरू ने 30 लाख रुपये में अपनी टीम में शामिल किया है। संवाद
अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अंडर-19 खेलने का कब सोचा
इस तरह से दिमाग में बिल्कुल नहीं था कि सिर्फ अंडर-19 अंतरराष्ट्रीय स्तर के लिए तैयार होना है। जब भी हरियाणा टीम में खेलने का मौका मिला तो अच्छा प्रदर्शन करने पर ध्यान रहा। इसके बाद अंडर-19 अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी अच्छा प्रदर्शन किया।
अंडर-19 में इंग्लैंड के खिलाफ पहली शृंखला में चयनित होने के बाद मन में क्या विचार थे
अंडर-19 में इंग्लैंड दौरे के लिए भारतीय टीम में चयन हाेने पर बहुत खुशी थी। इसके बाद सिर्फ आगे होने वाली प्रतियोगिताओं में अच्छा प्रदर्शन कर टीम को जिताने पर फोकस रहा। इस दौरान एशिया कप या फिर वर्ल्ड कप में नाम आने पर ज्यादा नहीं सोचा था बल्कि अपने खेल पर फोकस रहा।
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एशिया कप के फाइनल में हार के बाद क्या सोचा था
एशिया कप में हार के बाद दुख था लेकिन विश्वकप में यह था कि अपना सामान्य खेल खेलेंगे तो भी मैच जीत जाएंगे। हार के बाद सब भूल कर विश्वकप जीतने पर पर फोकस था। टीम के सभी खिलाड़ियों ने अच्छा प्रदर्शन किया और अंडर-19 विश्वकप के चैंपियन बने।
आईपीएल में कौन-सी टीम से खेलना पसंद है
आईपीएल ऑक्शन के दौरान वह भी आरसीबी में जाना चाहते थे जिसके बाद आरसीबी ने उनको 30 लाख रुपये में खरीदा। इसके बाद उनको बहुत खुशी हुई थी। वह विराट कोहली के साथ खेलना चाहते हैं इसलिए आरसीबी में चयन होने चाहते थे।
अब आगे के बारे में क्या सोचा है
अभी आईपीएल पर फोकस है। आईपीएल से भी बहुत कुछ सीखने को मिलेगा। इसके अलावा मौका मिलने पर टीम को जीत दिलाना है। आरसीबी को फिर से चैंपियन बनाना है। इसके बाद सीनियर टीम में खेलना है। उनको शुरुआत से ही क्रिकेट खेलने का सपना है।
अब तक आप अपने प्रदर्शन को किस रूप में देखते हैं
सबसे पहले टीम को अंडर-19 विश्वकप चैंपियन बनाने पर ध्यान रहा। इस दौरान अंडर-19 अंतरराष्ट्रीय में उनकी टीम के साथ उनका भी अच्छा प्रदर्शन रहा। मैच खेलते दौरान मन में यही रहता है कि टीम की जीत होनी चाहिए।
काेचिंग स्टाफ से क्या कुछ सीखा
उनको कोच से भी बहुत कुछ सीखने को मिला है। पिछले 10 वर्षों से कोच जसकरण उनको क्रिकेट की कोचिंग दे रहे हैं। उनसे भी प्रत्येक परिस्थिति को लेकर बातचीत होती रहती है। इसके अलावा अंडर-19 कोच वीवीएस लक्ष्मण व अन्य कोचिंग स्टाफ सदस्याें से भी बहुत कुछ सीखने को मिला। परिस्थिति के अनुसार बल्लेबाज और गेंदबाजी करने का प्रशिक्षण मिला है।
अंडर-19 विश्वकप के फाइनल में स्पिन गेंदबाज होते हुए तेज गेंद डालने का क्या कारण रहा
अंडर-19 विश्वकप के फाइनल मैच में बल्लेबाजी के लिए विकेट अच्छा था जिसके बाद उनकी कोच जसकरण से बात हुई थी। इसके बाद उन्होंने डॉट गेंद व यार्कर गेंद डालने पर फोकस रखने को कहा था ताकि कोई भी बल्लेबाज उनके खिलाफ अधिक रन ना बना सके। इस दौरान बल्लेबाजों पर दबाव बनाने पर फोकस रहा।
प्वाइंट के स्थान पर आपने नई गेंद से ज्यादा फिल्डिंग की, इसका क्या कारण है
वह मैच में हर जगह पर फिल्डिंग करने के लिए तैयार रहे। उनके फिल्डिंग कोच ने शुरुआती पावरप्ले में प्वाइंट पर फिल्डिंग करने के लिए तैयार किया। इसके बाद पावरप्ले के बाद बाउंड्री पर फिल्डिंग की गई। कुछ तेज फिल्डरों को स्थान निर्धारित किया गया। इसके अलावा कुछ साथी उनको चीता कह देते हैं क्योंकि उन्होंने प्वाइंट पर बहुत शानदार व तेज गेंदों को रोका है।
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अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अंडर-19 खेलने का कब सोचा
इस तरह से दिमाग में बिल्कुल नहीं था कि सिर्फ अंडर-19 अंतरराष्ट्रीय स्तर के लिए तैयार होना है। जब भी हरियाणा टीम में खेलने का मौका मिला तो अच्छा प्रदर्शन करने पर ध्यान रहा। इसके बाद अंडर-19 अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी अच्छा प्रदर्शन किया।
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अंडर-19 में इंग्लैंड के खिलाफ पहली शृंखला में चयनित होने के बाद मन में क्या विचार थे
अंडर-19 में इंग्लैंड दौरे के लिए भारतीय टीम में चयन हाेने पर बहुत खुशी थी। इसके बाद सिर्फ आगे होने वाली प्रतियोगिताओं में अच्छा प्रदर्शन कर टीम को जिताने पर फोकस रहा। इस दौरान एशिया कप या फिर वर्ल्ड कप में नाम आने पर ज्यादा नहीं सोचा था बल्कि अपने खेल पर फोकस रहा।
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एशिया कप के फाइनल में हार के बाद क्या सोचा था
एशिया कप में हार के बाद दुख था लेकिन विश्वकप में यह था कि अपना सामान्य खेल खेलेंगे तो भी मैच जीत जाएंगे। हार के बाद सब भूल कर विश्वकप जीतने पर पर फोकस था। टीम के सभी खिलाड़ियों ने अच्छा प्रदर्शन किया और अंडर-19 विश्वकप के चैंपियन बने।
आईपीएल में कौन-सी टीम से खेलना पसंद है
आईपीएल ऑक्शन के दौरान वह भी आरसीबी में जाना चाहते थे जिसके बाद आरसीबी ने उनको 30 लाख रुपये में खरीदा। इसके बाद उनको बहुत खुशी हुई थी। वह विराट कोहली के साथ खेलना चाहते हैं इसलिए आरसीबी में चयन होने चाहते थे।
अब आगे के बारे में क्या सोचा है
अभी आईपीएल पर फोकस है। आईपीएल से भी बहुत कुछ सीखने को मिलेगा। इसके अलावा मौका मिलने पर टीम को जीत दिलाना है। आरसीबी को फिर से चैंपियन बनाना है। इसके बाद सीनियर टीम में खेलना है। उनको शुरुआत से ही क्रिकेट खेलने का सपना है।
अब तक आप अपने प्रदर्शन को किस रूप में देखते हैं
सबसे पहले टीम को अंडर-19 विश्वकप चैंपियन बनाने पर ध्यान रहा। इस दौरान अंडर-19 अंतरराष्ट्रीय में उनकी टीम के साथ उनका भी अच्छा प्रदर्शन रहा। मैच खेलते दौरान मन में यही रहता है कि टीम की जीत होनी चाहिए।
काेचिंग स्टाफ से क्या कुछ सीखा
उनको कोच से भी बहुत कुछ सीखने को मिला है। पिछले 10 वर्षों से कोच जसकरण उनको क्रिकेट की कोचिंग दे रहे हैं। उनसे भी प्रत्येक परिस्थिति को लेकर बातचीत होती रहती है। इसके अलावा अंडर-19 कोच वीवीएस लक्ष्मण व अन्य कोचिंग स्टाफ सदस्याें से भी बहुत कुछ सीखने को मिला। परिस्थिति के अनुसार बल्लेबाज और गेंदबाजी करने का प्रशिक्षण मिला है।
अंडर-19 विश्वकप के फाइनल में स्पिन गेंदबाज होते हुए तेज गेंद डालने का क्या कारण रहा
अंडर-19 विश्वकप के फाइनल मैच में बल्लेबाजी के लिए विकेट अच्छा था जिसके बाद उनकी कोच जसकरण से बात हुई थी। इसके बाद उन्होंने डॉट गेंद व यार्कर गेंद डालने पर फोकस रखने को कहा था ताकि कोई भी बल्लेबाज उनके खिलाफ अधिक रन ना बना सके। इस दौरान बल्लेबाजों पर दबाव बनाने पर फोकस रहा।
प्वाइंट के स्थान पर आपने नई गेंद से ज्यादा फिल्डिंग की, इसका क्या कारण है
वह मैच में हर जगह पर फिल्डिंग करने के लिए तैयार रहे। उनके फिल्डिंग कोच ने शुरुआती पावरप्ले में प्वाइंट पर फिल्डिंग करने के लिए तैयार किया। इसके बाद पावरप्ले के बाद बाउंड्री पर फिल्डिंग की गई। कुछ तेज फिल्डरों को स्थान निर्धारित किया गया। इसके अलावा कुछ साथी उनको चीता कह देते हैं क्योंकि उन्होंने प्वाइंट पर बहुत शानदार व तेज गेंदों को रोका है।