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Jhajjar-Bahadurgarh News: रुस्तम-ए-हिंद, हिंद केसरी और भारत केसरी खिताबों के गलत इस्तेमाल पर होगी कार्रवाई
Thu, 14 Nov 2024 02:53 AM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, झज्जर/बहादुरगढ़
संवाद न्यूज एजेंसी, झज्जर/बहादुरगढ़
Updated Thu, 14 Nov 2024 02:53 AM IST
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-फोटो 64 : जितेंद्र राठी, संघ के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष।
बहादुरगढ़। भारतीय शैली कुश्ती संघ की अनुमति के बिना होने वाले रुस्तम-ए-हिंद, हिंद केसरी व भारत केसरी खिताबों के आयोजकों पर संघ ने कड़ी कार्रवाई करने की चेतावनी दी है। संघ के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष जितेंद्र राठी ने कहा कि फर्जी खिताबों के कारण भारत में कुश्ती में भारी गिरावट आ रही है। कई फर्जी संस्थाएं नकली खिताबों का आयोजन कर लोगों को धोखा दे रही हैं।
इंडियन स्टाइल रेसलिंग फेडरेशन पिछले 68 सालों से रुस्तम-ए-हिंद, हिंद केसरी व भारत केसरी प्रतियोगिताओं का आयोजन करती आ रही हैं। ये तीनों खिताबों को सरकार की ओर से पंजीकृत ट्रेडमार्क और अदालती आदेशों के साथ भारतीय शैली कुश्ती महासंघ के स्वामित्व में हैं।
इंडियन स्टाइल रेसलिंग फेडरेशन संगठन के कार्यकारी अध्यक्ष जितेंद्र राठी ने कहा कि रुस्तम-ए-हिंद, हिंद केसरी व भारत केसरी खिताबों से कोई भी व्यक्ति सरकारी नौकरी, सरकारी पेंशन योजना और सरकारी योजनाओं का लाभ उठा सकता है, लेकिन कुछ फर्जी संस्थाएं और पहलवान इसका गलत इस्तेमाल कर रहे हैं। संघ ऐसे लोगों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई करेगा।
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इंडियन स्टाइल रेसलिंग फेडरेशन संगठन के महासचिव गौरव रोशनलाल ने कहा कि बिना अनुमति के हमारे ट्रेडमार्क रुस्तम-ए-हिंद, हिंद केसरी व भारत केसरी का उपयोग करना ट्रेडमार्क उल्लंघन है। इसके लिए कानूनी कार्रवाई का भी प्रावधान है। इंडियन स्टाइल रेसलिंग फेडरेशन अभी कानूनी कार्रवाई करने के लिए कानूनी सलाहकारों से चर्चा कर रहे हैं और जल्द ही हम उल्लघंन करने वाले सभी लोगों को कानूनी नोटिस भेजेंगे।
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इंडियन स्टाइल रेसलिंग फेडरेशन पिछले 68 सालों से रुस्तम-ए-हिंद, हिंद केसरी व भारत केसरी प्रतियोगिताओं का आयोजन करती आ रही हैं। ये तीनों खिताबों को सरकार की ओर से पंजीकृत ट्रेडमार्क और अदालती आदेशों के साथ भारतीय शैली कुश्ती महासंघ के स्वामित्व में हैं।
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इंडियन स्टाइल रेसलिंग फेडरेशन संगठन के कार्यकारी अध्यक्ष जितेंद्र राठी ने कहा कि रुस्तम-ए-हिंद, हिंद केसरी व भारत केसरी खिताबों से कोई भी व्यक्ति सरकारी नौकरी, सरकारी पेंशन योजना और सरकारी योजनाओं का लाभ उठा सकता है, लेकिन कुछ फर्जी संस्थाएं और पहलवान इसका गलत इस्तेमाल कर रहे हैं। संघ ऐसे लोगों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई करेगा।
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इंडियन स्टाइल रेसलिंग फेडरेशन संगठन के महासचिव गौरव रोशनलाल ने कहा कि बिना अनुमति के हमारे ट्रेडमार्क रुस्तम-ए-हिंद, हिंद केसरी व भारत केसरी का उपयोग करना ट्रेडमार्क उल्लंघन है। इसके लिए कानूनी कार्रवाई का भी प्रावधान है। इंडियन स्टाइल रेसलिंग फेडरेशन अभी कानूनी कार्रवाई करने के लिए कानूनी सलाहकारों से चर्चा कर रहे हैं और जल्द ही हम उल्लघंन करने वाले सभी लोगों को कानूनी नोटिस भेजेंगे।