{"_id":"5a5674504f1c1b01198b45e2","slug":"91515615312-jhajjar-bahadurgarh-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"सांझी मदद : जरूरतमंदों की मदद के लिए आगे आए जिलावासी : सोनल गोयल","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
सांझी मदद : जरूरतमंदों की मदद के लिए आगे आए जिलावासी : सोनल गोयल
Updated Thu, 11 Jan 2018 01:45 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
अमर उजाला ब्यूरो
झज्जर।
समाज के लिए कुछ बेहतर करने की सोच, सामाजिक सद्भाव के लिए दान करने वालों को प्रोत्साहन तथा जरूरतमंदों की मदद के लिए आगे आने की परिकल्पना को साकार करने में उपायुक्त सोनल गोयल की पहल पर सांझी मदद कार्यक्रम आरंभ होगा। उपायुक्त वीरवार को नि:स्वार्थ पहल के तहत बाल भवन में बनाए गए विशेष केंद्र का शुभारंभ करेगी। इस केंद्र पर जिला का कोई भी निवासी जरूरतमंदों के लिए पुराने कपड़े, जूते, किताबें, खिलौने व खेल सामग्री का दान कर सकता है। उपायुक्त ने बताया कि वॉल ऑफ काइंडनेस या नेकी की दीवार का प्रयोग भारत सहित दुनिया के अलग-अलग देशों में मानवीय मूल्यों की परंपरा को आगे बढ़ाने में बेहद लोकप्रिय साबित हुआ है।
सांझी मदद कार्यक्रम की नोडल अधिकारी एवं जिला परिषद की सीईओ शिखा ने जानकारी देते हुए बताया कि झज्जर जिला में में कोई भी व्यक्ति या सामाजिक संस्था इस्तेमाल में आ सकने वाले अपने पुराने कपड़े, जूते, खिलौने, किताबें व खेल का सामान का योगदान कर सकता है। आपके पुराने कपड़े और जूते किसी जरूरतमंद को ठंड से बचाने में काम आएंगे, पुरानी किताब अभाव से जूझते किसी बालक के चेहरे पर शिक्षा के दीप का तेज लाएंगी, घर में रखे पुराने खिलौने बचपन की मुस्कान को आगे बढ़ाएंगे। जिला प्रशासन के प्रयास सांझी मदद में बाल भवन, झज्जर आकर योगदान किया जा सकता है।
विज्ञापन
झज्जर।
समाज के लिए कुछ बेहतर करने की सोच, सामाजिक सद्भाव के लिए दान करने वालों को प्रोत्साहन तथा जरूरतमंदों की मदद के लिए आगे आने की परिकल्पना को साकार करने में उपायुक्त सोनल गोयल की पहल पर सांझी मदद कार्यक्रम आरंभ होगा। उपायुक्त वीरवार को नि:स्वार्थ पहल के तहत बाल भवन में बनाए गए विशेष केंद्र का शुभारंभ करेगी। इस केंद्र पर जिला का कोई भी निवासी जरूरतमंदों के लिए पुराने कपड़े, जूते, किताबें, खिलौने व खेल सामग्री का दान कर सकता है। उपायुक्त ने बताया कि वॉल ऑफ काइंडनेस या नेकी की दीवार का प्रयोग भारत सहित दुनिया के अलग-अलग देशों में मानवीय मूल्यों की परंपरा को आगे बढ़ाने में बेहद लोकप्रिय साबित हुआ है।
सांझी मदद कार्यक्रम की नोडल अधिकारी एवं जिला परिषद की सीईओ शिखा ने जानकारी देते हुए बताया कि झज्जर जिला में में कोई भी व्यक्ति या सामाजिक संस्था इस्तेमाल में आ सकने वाले अपने पुराने कपड़े, जूते, खिलौने, किताबें व खेल का सामान का योगदान कर सकता है। आपके पुराने कपड़े और जूते किसी जरूरतमंद को ठंड से बचाने में काम आएंगे, पुरानी किताब अभाव से जूझते किसी बालक के चेहरे पर शिक्षा के दीप का तेज लाएंगी, घर में रखे पुराने खिलौने बचपन की मुस्कान को आगे बढ़ाएंगे। जिला प्रशासन के प्रयास सांझी मदद में बाल भवन, झज्जर आकर योगदान किया जा सकता है।
विज्ञापन