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किसानों के अरमान पानी में बहे, चार जगहों से टूटी माईनर
Updated Thu, 02 Nov 2017 01:15 AM IST
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अमर उजाला ब्यूरो
झज्जर/बेरी।
गांव धौड़ के गुजर रही रामपुरा माईनर मंगलवार रात को करीब दो बजे टूट गई, जिससे खेतों में जलमग्न हो गया। रामपुरा माइनर टूटने की सूचना सिंचाई विभाग के अधिकारियों को रात को ही मिल गई और सूचना मिलते ही विभाग के अधिकारी मौके पर पहुंचे और माइनर के पानी को रुकवाया। किसानों की मानें तो माइनर टूटने से लगभग 200 एकड़ में फसल बर्बाद हो गई। ग्रामीणों की सूचना के बाद दोनों माइनरों को जल्द ठीक कराने के लिए सिंचाई विभाग के अधिकारी कर्मचारियों के साथ मौके पर पहुंचे और जेसीबी व पोपलैंड की मदद से माइनर की पटरी को पाटकर किसानों का ज्यादा नुकसान होने से बचा लिया गया।
बता दें कि रामपुरा माइनर में पानी की क्षमता 163 क्यूसेक पानी की है। जबकि इसी माइनर में हेड से करीब 243 क्यूसेक पानी छोड़ दिया गया। यहीं पानी माइनर के टूटने का कारण बना और इसी की वजह से रामपुरा माइनर गांव धौड़ के पास टूटकर गांव दुजाना और धौड़ के किसानों की फसल को ले बैठी। माइनर के तटबंध ओवरफ्लो होने की वजह से पानी बह गया और गांव धौड़ का एक मुर्गी फार्म, 50 एकड़ से अधिक धान व गन्ने की फसल के अलावा करीब 250 खाली भूमि खाली खेतों में गहरा पानी खड़ा हो गया।
मुर्गी फार्म संचालक ने दी माइनर टूटने की सूचना
मुर्गी फार्म संचालक कुलदीप ने देर रात ही सिंचाई विभाग के अधिकारियों को माइनर टूटने की सूचना दे दी थी। माइनर टूटने की सूचना के तुरंत बाद सिंचाई विभाग के कार्यकारी अभियंता अरुण कुमार, एसडीओ यशपाल, जेई सतपाल की टीम जेसीबी मशीन के साथ मौके पर पहुंची और माइनर का पानी बंद कराते हुए मरम्मत का कार्य शुरू किया गया। किसानों ने पानी भरने से धान की फसल को नुकसान हुआ है उसके मुआवजे की मांग की है। किसानों ने बताया कि कई किसानों की धान की फसल गहरा पानी खड़ा हो जाने से खराब हो गई है। किसानों का कहना था कि धान पक चुका था और मौजूदा समय में इस धान की कटाई का कार्य भी किया जा रहा था। ऐसे हालात में पानी भरने से किसानों को धान की फसल को भारी नुकसान हुआ है।
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नहीं करवाई माइनर की सफाई
किसानों ने आरोप लगाया है कि अगर विभाग समय रहते नहर की सफाई करवाता तो माइनर नहीं टूटती किसानों ने मुुख्यमंत्री के दो दिन पहले झज्जर दौरे के दौरान नहर एवं माइनर की सफाई करवाने की मांग रखी थी। किसान मनजीत, अश्वनी, राजेश, लक्ष्मण, कुलदीप, उमेद, महाबीर, दीवान आदि का कहना था कि रामपुरा माइनर टूटने से धान और ईख की फसल बर्बाद हो गई है। प्रशासन जल्द से जल्द पानी को निकलवाए। ताकि समय पर गेहूं की बिजाई समय रहते कर सकें।
फार्म में पानी भरने से मरी 70 मुर्गी
मुर्गी फार्म संचालक कुलदीप ने बताया कि रात को रामपुरा माईनर टूटने से मुर्गी फार्म में पानी भर गया और फार्म के अंदर गैस बन गई जिसके कारण लगभग 70 मुर्गी की मौत हो गई। उन्होंने कहा कि फार्म में पानी भरने से लाखों रुपये का नुकसान हुआ है।
25 हजार प्रति ठेके पर ली जमीन माइनर टूटने से सब कुछ हुआ बर्बाद
गांव धौड़ निवासी अश्वनी ने बताया कि 25 हजार प्रति एकड़ के हिसाब से चार एकड़ जमीन ठेके पर ली थी और एक एकड़ में तो गन्ने की फसल उगाई थी जोकि कट चुकी थी। जबकि तीन एकड़ में धान की फसल लगा रखी थी और रामपुरा माइनर टूटने से तीनों एकड़ में जलमग्न हो गया और सब कुछ बर्बाद हो गया। तीन एकड़ में लगभग एक लाख 80 हजार रुपये की धान फसल होनी थी और अब जलमग्न होने से सब कुछ बर्बाद हो गया है। प्रशासन उसे उचित मुआवजा दे।
तलाव में भी हुआ काफी नुकसान
झज्जर डिस्ट्रीब्यूट्री से तलाव गांव के पास नहर टूटने से काफी नुकसान हुआ है। विभागीय अधिकारियों के अनुसार उन्हें करीब सात बजे नहर टूटने की सूचना मिली थी। जिस पर टीम मौके पर पहुंच गई थी। विभाग की टीम के द्वारा कड़ी मशक्कत के बाद नहर को पाट दिया गया। लेकिन तब तक करीब 100 एकड़ जमीन पर जलभराव हो चुका था।
वर्जन
पीछे से पानी अधिक मात्रा में आने के कारण माइनर टूटी हैं। माइनर की सफाई जैसी कोई समस्या जिले में नहीं है। सूचना मिलते ही तत्काल जेई और दूसरे कर्मियों को मौके पर भेजकर काम शुरू करवा दिया था।
- रमेश चंद्र, एससी नहर विभाग, झज्जर।
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झज्जर/बेरी।
गांव धौड़ के गुजर रही रामपुरा माईनर मंगलवार रात को करीब दो बजे टूट गई, जिससे खेतों में जलमग्न हो गया। रामपुरा माइनर टूटने की सूचना सिंचाई विभाग के अधिकारियों को रात को ही मिल गई और सूचना मिलते ही विभाग के अधिकारी मौके पर पहुंचे और माइनर के पानी को रुकवाया। किसानों की मानें तो माइनर टूटने से लगभग 200 एकड़ में फसल बर्बाद हो गई। ग्रामीणों की सूचना के बाद दोनों माइनरों को जल्द ठीक कराने के लिए सिंचाई विभाग के अधिकारी कर्मचारियों के साथ मौके पर पहुंचे और जेसीबी व पोपलैंड की मदद से माइनर की पटरी को पाटकर किसानों का ज्यादा नुकसान होने से बचा लिया गया।
बता दें कि रामपुरा माइनर में पानी की क्षमता 163 क्यूसेक पानी की है। जबकि इसी माइनर में हेड से करीब 243 क्यूसेक पानी छोड़ दिया गया। यहीं पानी माइनर के टूटने का कारण बना और इसी की वजह से रामपुरा माइनर गांव धौड़ के पास टूटकर गांव दुजाना और धौड़ के किसानों की फसल को ले बैठी। माइनर के तटबंध ओवरफ्लो होने की वजह से पानी बह गया और गांव धौड़ का एक मुर्गी फार्म, 50 एकड़ से अधिक धान व गन्ने की फसल के अलावा करीब 250 खाली भूमि खाली खेतों में गहरा पानी खड़ा हो गया।
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मुर्गी फार्म संचालक ने दी माइनर टूटने की सूचना
मुर्गी फार्म संचालक कुलदीप ने देर रात ही सिंचाई विभाग के अधिकारियों को माइनर टूटने की सूचना दे दी थी। माइनर टूटने की सूचना के तुरंत बाद सिंचाई विभाग के कार्यकारी अभियंता अरुण कुमार, एसडीओ यशपाल, जेई सतपाल की टीम जेसीबी मशीन के साथ मौके पर पहुंची और माइनर का पानी बंद कराते हुए मरम्मत का कार्य शुरू किया गया। किसानों ने पानी भरने से धान की फसल को नुकसान हुआ है उसके मुआवजे की मांग की है। किसानों ने बताया कि कई किसानों की धान की फसल गहरा पानी खड़ा हो जाने से खराब हो गई है। किसानों का कहना था कि धान पक चुका था और मौजूदा समय में इस धान की कटाई का कार्य भी किया जा रहा था। ऐसे हालात में पानी भरने से किसानों को धान की फसल को भारी नुकसान हुआ है।
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नहीं करवाई माइनर की सफाई
किसानों ने आरोप लगाया है कि अगर विभाग समय रहते नहर की सफाई करवाता तो माइनर नहीं टूटती किसानों ने मुुख्यमंत्री के दो दिन पहले झज्जर दौरे के दौरान नहर एवं माइनर की सफाई करवाने की मांग रखी थी। किसान मनजीत, अश्वनी, राजेश, लक्ष्मण, कुलदीप, उमेद, महाबीर, दीवान आदि का कहना था कि रामपुरा माइनर टूटने से धान और ईख की फसल बर्बाद हो गई है। प्रशासन जल्द से जल्द पानी को निकलवाए। ताकि समय पर गेहूं की बिजाई समय रहते कर सकें।
फार्म में पानी भरने से मरी 70 मुर्गी
मुर्गी फार्म संचालक कुलदीप ने बताया कि रात को रामपुरा माईनर टूटने से मुर्गी फार्म में पानी भर गया और फार्म के अंदर गैस बन गई जिसके कारण लगभग 70 मुर्गी की मौत हो गई। उन्होंने कहा कि फार्म में पानी भरने से लाखों रुपये का नुकसान हुआ है।
25 हजार प्रति ठेके पर ली जमीन माइनर टूटने से सब कुछ हुआ बर्बाद
गांव धौड़ निवासी अश्वनी ने बताया कि 25 हजार प्रति एकड़ के हिसाब से चार एकड़ जमीन ठेके पर ली थी और एक एकड़ में तो गन्ने की फसल उगाई थी जोकि कट चुकी थी। जबकि तीन एकड़ में धान की फसल लगा रखी थी और रामपुरा माइनर टूटने से तीनों एकड़ में जलमग्न हो गया और सब कुछ बर्बाद हो गया। तीन एकड़ में लगभग एक लाख 80 हजार रुपये की धान फसल होनी थी और अब जलमग्न होने से सब कुछ बर्बाद हो गया है। प्रशासन उसे उचित मुआवजा दे।
तलाव में भी हुआ काफी नुकसान
झज्जर डिस्ट्रीब्यूट्री से तलाव गांव के पास नहर टूटने से काफी नुकसान हुआ है। विभागीय अधिकारियों के अनुसार उन्हें करीब सात बजे नहर टूटने की सूचना मिली थी। जिस पर टीम मौके पर पहुंच गई थी। विभाग की टीम के द्वारा कड़ी मशक्कत के बाद नहर को पाट दिया गया। लेकिन तब तक करीब 100 एकड़ जमीन पर जलभराव हो चुका था।
वर्जन
पीछे से पानी अधिक मात्रा में आने के कारण माइनर टूटी हैं। माइनर की सफाई जैसी कोई समस्या जिले में नहीं है। सूचना मिलते ही तत्काल जेई और दूसरे कर्मियों को मौके पर भेजकर काम शुरू करवा दिया था।
- रमेश चंद्र, एससी नहर विभाग, झज्जर।