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2.15 लाख एमटी गेहूं खरीद का लक्ष्य, नहीं हैं भंडारण के पुख्ता इंतजाम
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झज्जर। जिले की अनाज मंडियों में खरीदे जाने वाले गेहूं के भंडारण के लिए कवर्ड गोदाम भी पूरे नहीं हैं। जिले में 2.15 लाख एमटी गेहूं खरीद का लक्ष्य रखा गया है। लेकिन कवर्ड गोदामों की क्षमता को देखा जाए तो खाद्य आपूर्ति विभाग व हैफेड के पास मात्र 26 हजार एमटी के गोदाम हैं। इन गोदामों में एक मंडी के गेहूं भी कवर्ड एरिया में नहीं आएंगे और बाकी बचे हुए गेहूं को खुले आसमान के नीचे भंडारण किया जाएगा। खरीद एजेंसियों के पास खुले आसमान के नीचे गेहूं का भंडारण करने के अलावा कोई चारा नहीं है। जिले की आठ अनाज मंडियों में गेहूं की खरीद की जाती है। इन मंडियों में खरीदा गया गेहूं तलाव गांव के पास स्थित हैफेड के गोदामों के अलावा खाद्य आपूर्ति विभाग के बेरी और बहादुरगढ़ के गोदामों में भंडारण किया जाता है। इन गोदामों में खुला स्पेश भी फुल होने के बाद अनाज मंडियों में गेहूं का भंडारण शुरू कर दिया जाता है। अगर रोड व रेल मूवमेंट खरीद के दौरान ही आ जाएं तो काफी गेहूं मूवमेंट के माध्यम से बाहर भेज दिया जाता है। अन्यथा बचे हुए गेहूं का भंडारण खुले आसमान के नीचे ही करना पड़ता है। इससे गेहूं के खराब होने का भय बना रहता है और काफी गेहूं बारिश आदि के कारण खराब भी हो जाता है।
पिछले साल हुई खरीद से निर्धारित किया जाता है लक्ष्य
सरकार की तरफ से हर जिला में पिछले साल हुई गेहूं की खरीद से लक्ष्य निर्धारित किया जाता है। जिले में पिछले साल 20 लाख 15 हजार क्विंटल गेहूं खरीदा गया था। गेहूं खरीद के दौरान आए रोड व रेल मूवमेंट में काफी गेहूं का उठान हो गया था और भंडारण किये गए गेहूं का उठान भी साथ-साथ होता रहा। जिसकी वजह से इस बार गोदाम खाली हो गए हैं।
वेयर हाउस के गोदामों में किया सरसों का भंडारण
इस बार शहर के गुरुग्राम रोड पर हरियाणा वेयर हाउस कॉरपोरेशन के गोदामों में गेहूं की बजाये सरसों का भंडारण किया जा रहा है। इन गोदामों में गेहूं रखने के लिए स्थान नहीं बचा है। जबकि हरियाणा वेयर हाउस कॉरपोरेशन की
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तरफ से अनाज मंडियों में गेहूं की खरीद की जाएगी। केवल एफसीआई की तरफ से खरीदे जाने वाले गेहूं का भंडारण दूसरे स्थानों पर एफसीआई के गोदामों में भंडारण के लिए ले जाया जाएगा। बाकी सभी एजेंसियों की तरफ से खरीदे जाने वाले गेहूं का भंडारण जिला की मंडियों व गोदामों में किया जाएगा।
गेहूं की खरीद नहीं हो पाई शुरू
सरकार की तरफ से गेहूं की खरीद के आदेश एक अप्रैल से शुरू करने के लिए दिये गए थे। लेकिन आज तक गेहूं की खरीद शुरू नहीं हो पाई है। जिले में चार सरकारी एजेंसियां निर्धारित की गई हैं। इनमें खाद्य आपूर्ति विभाग, हरियाणा वेयर हाउस कॉरपोरेशन, हैफेड व एफसीआई शामिल हैं। अनाज मंडियों में गेहूं की आवक शुरू हो चुकी है। लेेकिन नमी की मात्रा अधिक होने के कारण खरीद शुरू नहीं हो पाई हैं।
जिले में अभी गेहूं की खरीद नमी अधिक होने के कारण शुरू नहीं हो पाई है। भंडारण के लिए करीब 26 हजार एमटी गेहूं के लिए कवर्ड गोदाम हैं। बाकी गेहूं खुले में ही भंडारण किया जाएगा।
अशोक शर्मा, डीएफएससी, झज्जर।
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पिछले साल हुई खरीद से निर्धारित किया जाता है लक्ष्य
सरकार की तरफ से हर जिला में पिछले साल हुई गेहूं की खरीद से लक्ष्य निर्धारित किया जाता है। जिले में पिछले साल 20 लाख 15 हजार क्विंटल गेहूं खरीदा गया था। गेहूं खरीद के दौरान आए रोड व रेल मूवमेंट में काफी गेहूं का उठान हो गया था और भंडारण किये गए गेहूं का उठान भी साथ-साथ होता रहा। जिसकी वजह से इस बार गोदाम खाली हो गए हैं।
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वेयर हाउस के गोदामों में किया सरसों का भंडारण
इस बार शहर के गुरुग्राम रोड पर हरियाणा वेयर हाउस कॉरपोरेशन के गोदामों में गेहूं की बजाये सरसों का भंडारण किया जा रहा है। इन गोदामों में गेहूं रखने के लिए स्थान नहीं बचा है। जबकि हरियाणा वेयर हाउस कॉरपोरेशन की
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तरफ से अनाज मंडियों में गेहूं की खरीद की जाएगी। केवल एफसीआई की तरफ से खरीदे जाने वाले गेहूं का भंडारण दूसरे स्थानों पर एफसीआई के गोदामों में भंडारण के लिए ले जाया जाएगा। बाकी सभी एजेंसियों की तरफ से खरीदे जाने वाले गेहूं का भंडारण जिला की मंडियों व गोदामों में किया जाएगा।
गेहूं की खरीद नहीं हो पाई शुरू
सरकार की तरफ से गेहूं की खरीद के आदेश एक अप्रैल से शुरू करने के लिए दिये गए थे। लेकिन आज तक गेहूं की खरीद शुरू नहीं हो पाई है। जिले में चार सरकारी एजेंसियां निर्धारित की गई हैं। इनमें खाद्य आपूर्ति विभाग, हरियाणा वेयर हाउस कॉरपोरेशन, हैफेड व एफसीआई शामिल हैं। अनाज मंडियों में गेहूं की आवक शुरू हो चुकी है। लेेकिन नमी की मात्रा अधिक होने के कारण खरीद शुरू नहीं हो पाई हैं।
जिले में अभी गेहूं की खरीद नमी अधिक होने के कारण शुरू नहीं हो पाई है। भंडारण के लिए करीब 26 हजार एमटी गेहूं के लिए कवर्ड गोदाम हैं। बाकी गेहूं खुले में ही भंडारण किया जाएगा।
अशोक शर्मा, डीएफएससी, झज्जर।