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र्दनभर हुई बूंदाबांदी से जन-जीवन प्रभावित, दो डिग्री लुढ़का अधिकतम तापमान

Sun, 03 Mar 2019 12:11 AM IST
Rohtak Bureau रोहतक ब्यूरो
Updated Sun, 03 Mar 2019 12:11 AM IST
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र्दनभर हुई बूंदाबांदी से जन-जीवन प्रभावित, दो डिग्री लुढ़का अधिकतम तापमान
अमर उजाला ब्यूरो
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चरखी दादरी। जिले में शनिवार को दिनभर बूंदाबांदी हुई। इससे मौसम में अचानक बदलाव आ गया। बारिश की झड़ी से आम जनजीवन पर प्रतिकूल असर देखने में आया। दिनभर में रुक रुककर हुई चार एमएम बारिश से अधिकतम तापमान दो डिग्री लुढ़क गया। शनिवार को जिले का अधिकतम तापमान 21 और न्यूनतम 13 डिग्री दर्ज किया गया। बारिश को गेहूं और जौ की फसलों के लिए फायदेमंद माना जा रहा है।
शुक्रवार रात से ही मौसम ने करवट ली। रात के समय ही बादल छा गए थे। सुबह के समय हल्की बूंदाबांदी हुई है। शनिवार को दिनभर बूंदाबांदी होती रही। इससे मौसम में ठंडक बढ़ गई। दिन का अधिकतम तापमान 21 और न्यूनतम 13 डिग्री दर्ज किया गया। देर सायं तक आसमान में बादल छाए रहे। 16 किलोमीटर प्रति घंटे की गति से हवाएं भी चलीं। मौसम में 60 प्रतिशत आर्र्दता बनी रही। बारिश की झड़ी में लोगों को आवागमन में काफी परेशानी हुई। स्कूली बच्चों को खासी परेशानी हुई। शहर की सड़कों की खराब स्थिति होने से वाहन चालकों को दिक्कतें हुई। बारिश से रबी की प्रमुख गेहूं, जौ की फसलों में काफी फायदा पहुंचने की संभावना है। सरसों की फसल इस समय पकाव की स्थिति में है ऐसे में सरसों में थोड़ा नुकसान होने की आशंका जताई जा रही है।
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54 हजार 100 हेक्टेयर है गेहूं का रकबा
जिले में गेहूं का रकबा 54 हजार 100 हेक्टेयर क्षेत्र व सरसो की बिजाई 53 हजार 900 हेक्टेयर क्षेत्र में कर रखी है। जौ का रकबा 3800 हेक्टेयर क्षेत्र है। इस बार हर दो-तीन चार दिन में मौसम करवट ले रहा है। जब भी तापमान असंतुलित होता है तो बारिश का आकार बन जाता है। बारिश होने पर तापमान फिर संतुलन में आ जाता है। वैसे इस सर्द सीजन में मार्च तक ठंड का जारी रहना रबी की फसलों के लिए बेहद फायदेमंद माना जा रहा है।
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इस बार मार्च तक ठंड बनी रहने से रबी की फसलों का पकाव बढ़िया होगा। रबी की फसल को पकाव तक हल्की ठंड की जरूरत होती है। अचानक अधिक तापमान बढने से फसलों का सही पकाव नहीं हो पाता। - रमेश रोहिल्ला, कृषि विकास अधिकारी
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