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टीवीएम युक्त होंगे बहादुरगढ़ के मेट्रो स्टेशन
Updated Sun, 22 Apr 2018 01:36 AM IST
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अमर उजाला ब्यूरो
बहादुरगढ़।
मुंडका-बहादुरगढ़ मार्ग पर मेट्रो रेल चलाने के लिए दिल्ली मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन तेजी से तैयारी में लगा है। हालांकि कोई तारीख, सप्ताह अथवा महीना तो निर्धारित नहीं किया जा सका है, लेकिन रेलवे स्टेशनों पर फिनिशिंग का कार्य तेजी से चल रहा है। इस बीच यह भी तय हुआ है कि इस लाइन के मेट्रो स्टेशनों पर टोकन वेंडिंग मशीन (टीवीएम) लगाई जाएंगी। शुरुआत में इन स्टेशनों पर मैनुुअल टोकन काउंटर भी रहेंगे। कुछ समय बाद सभी मैनुअल कांउटरों को बंद करके टोकन वितरण का सारा काम मशीनों पर निर्भर कर दिया जाएगा।
डीएमआरसी द्वारा ऐसा आने वाले वक्त में सभी स्टेशनों को काउंटरलेस बनाने के लिए किया जा रहा है। सूत्रों के अनुसार, मेट्रो निर्माण के फेस तीन के तहत बन रहे स्टेशनों और पहले से मौजूद सभी मेट्रो स्टेशनों पर टीवीएम लगाई जाएंगी। इसके लिए काम शुरू कर दिया गया है। स्थायी काउंटर की सुविधा सिर्फ उन स्टेशनों पर होगी जहां से रेलवे स्टेशन या फिर बस टर्मिनल इंटरलिंक हैं।
227 हो जाएंगे मेट्रो रेल के स्टेशन
अब तक 118 स्टेशनों पर मैनुअल टोकन काउंटर्स को 519 टीवीएम से बदला जा चुका है। फिलहाल मेट्रो के कुल 183 स्टेशन हैं। तीसरे फेज के पूरे होने के बाद इनकी संख्या 227 हो जाएगी। बता दें कि सबसे पहली टीवीएम 2011 में राजीव चौक स्टेशन पर लगाई गई थी। मेट्रो रेल के 80 फीसदी से अधिक यात्री टोकन के लिए मशीन का सदुपयोग करते हैं। मशीनों के जरिये टिकट वितरण करने से मेट्रो के खर्च की बचत भी होती है।
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डीएमआरसी के प्रबंध निदेशक मंगू सिंह के अनुसार, आनेवाले वक्त में जितने भी नए स्टेशन बनेंगे उनमें मैनुअल टोकन काउंटर्स की जगह टीवीएम का इस्तेमाल होगा। फिलहाल कुछ स्टेशनों पर मैन्युअल टोकन काउंटर्स हैं। लेकिन आने वाले वक्त में उन्हें भी हटा दिया जाएगा। यह इस बात का हिसाब लगाकर किया जाएगा कि वहां से चढ़ने वाले यात्री मशीनों को कितना इस्तेमाल करते हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि वह लोगों को काउंटरलेस की तरफ बढ़ाना चाहते हैं।
बहादुरगढ़ लाइन पर हैं सात स्टेशन
मुंडका-बहादुरगढ़ मेट्रो लाइन पर कुल सात स्टेशन बनाए गए हैं। इनमें दिल्ली सीमा में स्थित मुंडका इंडस्ट्रियल एरिया, घेवरा मोड़, टीकरी गांव व टीकरी बार्डर और बहादुरगढ़ की सीमा में एमआइई, बस स्टैंड और सिटी पार्क स्टेशन शामिल हैं। सभी स्टेशनों पर फिनिशिंग का कार्य तेजी से चल रहा है। कस्टमर केयर बूथ भी तैयार हो गए हैं।
एक गाड़ी मुंडका और दूसरी आएगी सिटी पार्क तक
बहादुरगढ़ डिपो और मुंडका-बहादुरगढ़ मार्ग का एलिवेटिड लिंक ट्रैक कुछ निजी प्रतिष्ठानों से सिर्फ कुछ सौ गज जगह नहीं मिलने के कारण अभी तक नहीं बन पाया है। इसलिए फिलहाल इस लाइन पर गाड़ियों का परिचालन मुंडका डिपो से ही होगा। मुंडका डिपो में कुल 23 गाड़ियां हैं। मेट्रो सूत्रों के अनुसार, फिलहाल अधिकारी इंद्रलोक से एक गाड़ी मुंडका तक और उसके बाद अगली गाड़ी सिटी पार्क तक चलाना अनुकूल मान रहे हैं। इसी तरह कीर्तिनगर से भी एक गाड़ी मुंडका तक और दूसरी गाड़ी सिटी पार्क तक चलाना उचित समझा जा रहा है। इंद्रलोक व कीर्तिनगर से सभी गाड़ियों को बहादुरगढ़ के सिटी पार्क तक बढ़ाना इसलिए ठीक नहीं माना जा रहा कि इससे मुंडका स्टेशन के यात्रियों को नुकसान होगा।
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बहादुरगढ़।
मुंडका-बहादुरगढ़ मार्ग पर मेट्रो रेल चलाने के लिए दिल्ली मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन तेजी से तैयारी में लगा है। हालांकि कोई तारीख, सप्ताह अथवा महीना तो निर्धारित नहीं किया जा सका है, लेकिन रेलवे स्टेशनों पर फिनिशिंग का कार्य तेजी से चल रहा है। इस बीच यह भी तय हुआ है कि इस लाइन के मेट्रो स्टेशनों पर टोकन वेंडिंग मशीन (टीवीएम) लगाई जाएंगी। शुरुआत में इन स्टेशनों पर मैनुुअल टोकन काउंटर भी रहेंगे। कुछ समय बाद सभी मैनुअल कांउटरों को बंद करके टोकन वितरण का सारा काम मशीनों पर निर्भर कर दिया जाएगा।
डीएमआरसी द्वारा ऐसा आने वाले वक्त में सभी स्टेशनों को काउंटरलेस बनाने के लिए किया जा रहा है। सूत्रों के अनुसार, मेट्रो निर्माण के फेस तीन के तहत बन रहे स्टेशनों और पहले से मौजूद सभी मेट्रो स्टेशनों पर टीवीएम लगाई जाएंगी। इसके लिए काम शुरू कर दिया गया है। स्थायी काउंटर की सुविधा सिर्फ उन स्टेशनों पर होगी जहां से रेलवे स्टेशन या फिर बस टर्मिनल इंटरलिंक हैं।
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227 हो जाएंगे मेट्रो रेल के स्टेशन
अब तक 118 स्टेशनों पर मैनुअल टोकन काउंटर्स को 519 टीवीएम से बदला जा चुका है। फिलहाल मेट्रो के कुल 183 स्टेशन हैं। तीसरे फेज के पूरे होने के बाद इनकी संख्या 227 हो जाएगी। बता दें कि सबसे पहली टीवीएम 2011 में राजीव चौक स्टेशन पर लगाई गई थी। मेट्रो रेल के 80 फीसदी से अधिक यात्री टोकन के लिए मशीन का सदुपयोग करते हैं। मशीनों के जरिये टिकट वितरण करने से मेट्रो के खर्च की बचत भी होती है।
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डीएमआरसी के प्रबंध निदेशक मंगू सिंह के अनुसार, आनेवाले वक्त में जितने भी नए स्टेशन बनेंगे उनमें मैनुअल टोकन काउंटर्स की जगह टीवीएम का इस्तेमाल होगा। फिलहाल कुछ स्टेशनों पर मैन्युअल टोकन काउंटर्स हैं। लेकिन आने वाले वक्त में उन्हें भी हटा दिया जाएगा। यह इस बात का हिसाब लगाकर किया जाएगा कि वहां से चढ़ने वाले यात्री मशीनों को कितना इस्तेमाल करते हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि वह लोगों को काउंटरलेस की तरफ बढ़ाना चाहते हैं।
बहादुरगढ़ लाइन पर हैं सात स्टेशन
मुंडका-बहादुरगढ़ मेट्रो लाइन पर कुल सात स्टेशन बनाए गए हैं। इनमें दिल्ली सीमा में स्थित मुंडका इंडस्ट्रियल एरिया, घेवरा मोड़, टीकरी गांव व टीकरी बार्डर और बहादुरगढ़ की सीमा में एमआइई, बस स्टैंड और सिटी पार्क स्टेशन शामिल हैं। सभी स्टेशनों पर फिनिशिंग का कार्य तेजी से चल रहा है। कस्टमर केयर बूथ भी तैयार हो गए हैं।
एक गाड़ी मुंडका और दूसरी आएगी सिटी पार्क तक
बहादुरगढ़ डिपो और मुंडका-बहादुरगढ़ मार्ग का एलिवेटिड लिंक ट्रैक कुछ निजी प्रतिष्ठानों से सिर्फ कुछ सौ गज जगह नहीं मिलने के कारण अभी तक नहीं बन पाया है। इसलिए फिलहाल इस लाइन पर गाड़ियों का परिचालन मुंडका डिपो से ही होगा। मुंडका डिपो में कुल 23 गाड़ियां हैं। मेट्रो सूत्रों के अनुसार, फिलहाल अधिकारी इंद्रलोक से एक गाड़ी मुंडका तक और उसके बाद अगली गाड़ी सिटी पार्क तक चलाना अनुकूल मान रहे हैं। इसी तरह कीर्तिनगर से भी एक गाड़ी मुंडका तक और दूसरी गाड़ी सिटी पार्क तक चलाना उचित समझा जा रहा है। इंद्रलोक व कीर्तिनगर से सभी गाड़ियों को बहादुरगढ़ के सिटी पार्क तक बढ़ाना इसलिए ठीक नहीं माना जा रहा कि इससे मुंडका स्टेशन के यात्रियों को नुकसान होगा।