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रेहड़ीधारक को कराना होगा रजिस्ट्रेशन, आई कार्ड लगाकर बेचेंगे सब्जियां व फल
Updated Wed, 07 Feb 2018 12:35 AM IST
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अब आई कार्ड लगाकर सब्जियां बेचेंगे सब्जी और फल वाले
हनी सोनी
चरखी दादरी।
अब शहर के रेहड़ी चालक आई कार्ड लगाकर सब्जी और फल बेचेंगे। नगर परिषद रेहड़ी लगाने वाले हर शख्स का डाटा जुटाएगी। इसके लिए शहर में सर्वे किया जाएगा और एक स्ट्रीट वेंडिंग कमेटी गठित की जाएगी। अपनी रेहड़ी लगाने के लिए रेहड़ीधारक को नगर परिषद से रजिस्ट्रेशन कराना होगा। इतना ही नहीं रेहड़ीधार को आई कार्ड दिए जाएंगे जो लगाने अनिवार्य होंगे। नगर परिषद इन रेहड़ीधारकों को बिजली और शौचालयों जैसे मूलभूत सुविधाएं भी मुहैया कराएगी। इस प्लानिंग के मुताबिक एक तरफ जहां नगर परिषद की आय में बढ़ोतरी होगी। इसके अलावा शहरवासियों को सामान खरीदने के लिए अलग-अलग जगहों की भागदौड़ से भी छुटकारा मिल जाएगा और उन्हें एक जगह ही सारा सामान मिलेगा।
शहर की सड़कों पर जगह-जगह अव्यवस्थित ढंग से खड़ी नजर आने वाले रेहड़ीधारकों को नगर परिषद स्थायी जगह मुहैया कराएगी। इसके लिए रजिस्ट्रेशन कराना अनिवार्य होगा। शहर के रेहड़ीधारकों की एक स्ट्रीट वेंडर कमेटी भी गठित की जाएगी। इससे पहले शहर में सर्वे किया जाएगा और सभी रेहड़ीधारकों को नगर परिषद से अपना अगर कोई रेहड़ीधारक रजिस्ट्रेशन नहीं करवाएगा तो उसे अवैध माना जाएगा और सामान सहित रेहड़ी भी जब्त की जाएगी। इस प्लानिंग को सिरे चढ़ाने के लिए सरकार के निर्देशों पर नगर परिषद ने एक कंपनी हायर कर ली है। अगले चार-पांच रोज में सर्वे करने टीम नगर परिषद कार्यालय पहुंच जाएगी। नप की यह प्लानिंग सिरे चढ़ने के बाद एक तरफ अतिक्रमण व जाम से छुटकारा मिलेगा तो दूसरी तरफ नगर परिषद की आय भी बढ़ेगी। इतना ही नहीं नगर परिषद रेहड़ीधारकों को जगह-जगह मुहैया कराने के साथ-साथ शौचालय, लाइटों सहित अन्य मूलभूत सुविधाएं भी देगी।
ट्रैफिक व्यवस्था व नप की इनकम में होगा सुधार
हाल ही में सरकार के निर्देशों पर नगर परिषद न स्ट्रीट वेंडर कमेटी के गठन व शहर में जगह-जगह सड़क किनारे लगने वाली रेहड़ियों से प्रभावित ट्रैफिक व्यवस्था को दुरुस्त करने के लिए एक कंपनी से कांट्रेक्ट किया है। यह कंपनी शहर का सर्वे कर रेहड़ीधारकों की संख्या का अनुमान लगाएगी। सर्वे कार्य में तीन से चार दिन का समय लग सकता है। इस समयावधि में नगर परिषद शहर में तीन से चार जगहों का चयन करेंगे जहां सभी रेहड़ियां खड़ी करवाई जाएगी।
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प्रवासी रेहड़ीधारकों की बढ़ रही तादाद, 90 फीसदी का नहीं रिकॉर्ड
नप सूत्रों की मानें तो अधिकारी इस समय शहर में रेहड़ीधारकों की संख्या 500 से 600 आंक रहे हैं। इनमें से दस प्रतिशत रेहड़ीधारकों को तो नगर परिषद अधिकारी जानते हैं लेकिन 90 फीसदी का ब्यौरा तक नगर परिषद के पास नहीं है। इस समय प्रवासी रेहड़ीधारकों की तादाद शहर में लगातार बढ़ रही है। इनकी जानकारी न तो पुलिस के पास है और न ही नगर परिषद के पास। ऐसे में दूसरे प्रदेश का अपराधी प्रवृत्ति का शख्स भी बड़े आराम से शहर में रह सकता है।
बिजली, शौचालयों व पानी का प्रबंध करवाकर देगी नप
रेहड़ियों का सर्वे कार्य अगले चार-पांच रोज में शुरू होने की उम्मीद है और रेहड़ीधारकों को स्थायी जगह देना भी नप की प्लानिंग में शामिल है। इतना ही नहीं नप सचिव संजय यादव ने बताया कि इन रेहड़ीधारकों को शौचालयों, पानी व लाइटों की सुविधा भी मुहैया कराई जाएगी ताकि इन्हें परेशानियां न आएं। इसके लिए इनसे मासिक चार्ज लिया जाएगा जोकि बेहद कम होगा। उन्होंने बताया कि रेहड़ियों की संख्या की वास्तविक स्थिति लगने के बाद इस चार्ज का निर्धारण किया जाएगा।
रेहड़ियों पर नंबर तो रेहड़ीधारक को आई कार्ड लगाना होगा अनिवार्य
नप सचिव के मुताबिक शहर की सभी रेहड़ियों को रजिस्टर्ड किया जाएगा। हर रेहड़ी पर नंबर अंकित होगा और रेहड़ीधारक को आई कार्ड दिया जाएगा। इस पर रेहड़ीधारक का नाम, पता, फोटो व अन्य ब्यौरे सहित रजिस्ट्रेशन नंबर अंकित होगा। यह कार्ड नगर परिषद ही रेहड़ीधारकों को बनवाकर देगी।
दुकानदारों की रुकेगी अवैध वसूली, नप का काम होगा कम
शहर की सड़कों पर दुकानों के सामने रेहड़ियां लगाने वालों से दुकानदार प्रतिमाह वसूली करती हैं। जहां रेहड़ीधारक खड़े होते हैं वो जगह नगर परिषद की है और दुकानदार इनसे तीन से चार हजार रुपये प्रतिमाह रेहड़ी लगवाने की एवज में लेते हैं। इस तरह के मामले नगर परिषद अधिकारियों के संज्ञान में भी आ चुके हैं। इतना ही नहीं सड़क किनारे से रेहड़ियां हटने के बाद अतिक्रमण पर बहुत हद तक अंकुश लग जाएगा और नप अधिकारियों का कामकाज भी इससे कम होगा।
यहां खड़ी होती हैं शहर में रेहड़ियां
इस समय शहर के बस स्टैंड रोड, कोर्ट रोड, पुराना बस स्टैंड क्षेत्र, लाला लाजपतराय चौक, हीरा चौक, लोहारू चौक, रेलवे रोड, पुरानी सब्जी मंडी रोड, रोहतक रोड, काठमंडी रोड, ढाणी फाटक रोड आदि प्रमुख जगहों पर रेहड़ियां खड़ी होती हैं। नप आंकड़ों के अनुसार किसी भी रेहड़ीधारक ने अपना रजिस्ट्रेशन नहीं करवा रखा।
वर्जन::
सरकार के निर्देशों पर अगले चार-पांच रोज में सर्वे कंपनी पहुंच जाएगी। इसके बाद सभी रेहड़ियों का रजिस्ट्रेशन किया जाएगा और इन्हें स्थायी जगह मुहैया कराई जाएगी। सभी रेहड़ीधारकों को आई कार्ड व नंबर दिए जाएंगें। रेहड़ीधारक को आईकार्ड लगाना अनिवार्य होगा। इससे इनकम बढ़ने के साथ-साथ व्यवस्थाओं में भी सुधार होगा।
संजय यादव, सचिव नगर परिषद
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हनी सोनी
चरखी दादरी।
अब शहर के रेहड़ी चालक आई कार्ड लगाकर सब्जी और फल बेचेंगे। नगर परिषद रेहड़ी लगाने वाले हर शख्स का डाटा जुटाएगी। इसके लिए शहर में सर्वे किया जाएगा और एक स्ट्रीट वेंडिंग कमेटी गठित की जाएगी। अपनी रेहड़ी लगाने के लिए रेहड़ीधारक को नगर परिषद से रजिस्ट्रेशन कराना होगा। इतना ही नहीं रेहड़ीधार को आई कार्ड दिए जाएंगे जो लगाने अनिवार्य होंगे। नगर परिषद इन रेहड़ीधारकों को बिजली और शौचालयों जैसे मूलभूत सुविधाएं भी मुहैया कराएगी। इस प्लानिंग के मुताबिक एक तरफ जहां नगर परिषद की आय में बढ़ोतरी होगी। इसके अलावा शहरवासियों को सामान खरीदने के लिए अलग-अलग जगहों की भागदौड़ से भी छुटकारा मिल जाएगा और उन्हें एक जगह ही सारा सामान मिलेगा।
शहर की सड़कों पर जगह-जगह अव्यवस्थित ढंग से खड़ी नजर आने वाले रेहड़ीधारकों को नगर परिषद स्थायी जगह मुहैया कराएगी। इसके लिए रजिस्ट्रेशन कराना अनिवार्य होगा। शहर के रेहड़ीधारकों की एक स्ट्रीट वेंडर कमेटी भी गठित की जाएगी। इससे पहले शहर में सर्वे किया जाएगा और सभी रेहड़ीधारकों को नगर परिषद से अपना अगर कोई रेहड़ीधारक रजिस्ट्रेशन नहीं करवाएगा तो उसे अवैध माना जाएगा और सामान सहित रेहड़ी भी जब्त की जाएगी। इस प्लानिंग को सिरे चढ़ाने के लिए सरकार के निर्देशों पर नगर परिषद ने एक कंपनी हायर कर ली है। अगले चार-पांच रोज में सर्वे करने टीम नगर परिषद कार्यालय पहुंच जाएगी। नप की यह प्लानिंग सिरे चढ़ने के बाद एक तरफ अतिक्रमण व जाम से छुटकारा मिलेगा तो दूसरी तरफ नगर परिषद की आय भी बढ़ेगी। इतना ही नहीं नगर परिषद रेहड़ीधारकों को जगह-जगह मुहैया कराने के साथ-साथ शौचालय, लाइटों सहित अन्य मूलभूत सुविधाएं भी देगी।
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ट्रैफिक व्यवस्था व नप की इनकम में होगा सुधार
हाल ही में सरकार के निर्देशों पर नगर परिषद न स्ट्रीट वेंडर कमेटी के गठन व शहर में जगह-जगह सड़क किनारे लगने वाली रेहड़ियों से प्रभावित ट्रैफिक व्यवस्था को दुरुस्त करने के लिए एक कंपनी से कांट्रेक्ट किया है। यह कंपनी शहर का सर्वे कर रेहड़ीधारकों की संख्या का अनुमान लगाएगी। सर्वे कार्य में तीन से चार दिन का समय लग सकता है। इस समयावधि में नगर परिषद शहर में तीन से चार जगहों का चयन करेंगे जहां सभी रेहड़ियां खड़ी करवाई जाएगी।
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प्रवासी रेहड़ीधारकों की बढ़ रही तादाद, 90 फीसदी का नहीं रिकॉर्ड
नप सूत्रों की मानें तो अधिकारी इस समय शहर में रेहड़ीधारकों की संख्या 500 से 600 आंक रहे हैं। इनमें से दस प्रतिशत रेहड़ीधारकों को तो नगर परिषद अधिकारी जानते हैं लेकिन 90 फीसदी का ब्यौरा तक नगर परिषद के पास नहीं है। इस समय प्रवासी रेहड़ीधारकों की तादाद शहर में लगातार बढ़ रही है। इनकी जानकारी न तो पुलिस के पास है और न ही नगर परिषद के पास। ऐसे में दूसरे प्रदेश का अपराधी प्रवृत्ति का शख्स भी बड़े आराम से शहर में रह सकता है।
बिजली, शौचालयों व पानी का प्रबंध करवाकर देगी नप
रेहड़ियों का सर्वे कार्य अगले चार-पांच रोज में शुरू होने की उम्मीद है और रेहड़ीधारकों को स्थायी जगह देना भी नप की प्लानिंग में शामिल है। इतना ही नहीं नप सचिव संजय यादव ने बताया कि इन रेहड़ीधारकों को शौचालयों, पानी व लाइटों की सुविधा भी मुहैया कराई जाएगी ताकि इन्हें परेशानियां न आएं। इसके लिए इनसे मासिक चार्ज लिया जाएगा जोकि बेहद कम होगा। उन्होंने बताया कि रेहड़ियों की संख्या की वास्तविक स्थिति लगने के बाद इस चार्ज का निर्धारण किया जाएगा।
रेहड़ियों पर नंबर तो रेहड़ीधारक को आई कार्ड लगाना होगा अनिवार्य
नप सचिव के मुताबिक शहर की सभी रेहड़ियों को रजिस्टर्ड किया जाएगा। हर रेहड़ी पर नंबर अंकित होगा और रेहड़ीधारक को आई कार्ड दिया जाएगा। इस पर रेहड़ीधारक का नाम, पता, फोटो व अन्य ब्यौरे सहित रजिस्ट्रेशन नंबर अंकित होगा। यह कार्ड नगर परिषद ही रेहड़ीधारकों को बनवाकर देगी।
दुकानदारों की रुकेगी अवैध वसूली, नप का काम होगा कम
शहर की सड़कों पर दुकानों के सामने रेहड़ियां लगाने वालों से दुकानदार प्रतिमाह वसूली करती हैं। जहां रेहड़ीधारक खड़े होते हैं वो जगह नगर परिषद की है और दुकानदार इनसे तीन से चार हजार रुपये प्रतिमाह रेहड़ी लगवाने की एवज में लेते हैं। इस तरह के मामले नगर परिषद अधिकारियों के संज्ञान में भी आ चुके हैं। इतना ही नहीं सड़क किनारे से रेहड़ियां हटने के बाद अतिक्रमण पर बहुत हद तक अंकुश लग जाएगा और नप अधिकारियों का कामकाज भी इससे कम होगा।
यहां खड़ी होती हैं शहर में रेहड़ियां
इस समय शहर के बस स्टैंड रोड, कोर्ट रोड, पुराना बस स्टैंड क्षेत्र, लाला लाजपतराय चौक, हीरा चौक, लोहारू चौक, रेलवे रोड, पुरानी सब्जी मंडी रोड, रोहतक रोड, काठमंडी रोड, ढाणी फाटक रोड आदि प्रमुख जगहों पर रेहड़ियां खड़ी होती हैं। नप आंकड़ों के अनुसार किसी भी रेहड़ीधारक ने अपना रजिस्ट्रेशन नहीं करवा रखा।
वर्जन::
सरकार के निर्देशों पर अगले चार-पांच रोज में सर्वे कंपनी पहुंच जाएगी। इसके बाद सभी रेहड़ियों का रजिस्ट्रेशन किया जाएगा और इन्हें स्थायी जगह मुहैया कराई जाएगी। सभी रेहड़ीधारकों को आई कार्ड व नंबर दिए जाएंगें। रेहड़ीधारक को आईकार्ड लगाना अनिवार्य होगा। इससे इनकम बढ़ने के साथ-साथ व्यवस्थाओं में भी सुधार होगा।
संजय यादव, सचिव नगर परिषद