{"_id":"59e664494f1c1ba7678b6631","slug":"81508271177-jhajjar-bahadurgarh-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"भजनों के माध्यम से ग्रामीणों को किया जागरूक","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
भजनों के माध्यम से ग्रामीणों को किया जागरूक
Updated Wed, 18 Oct 2017 01:42 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
भजनों से ग्रामीणों को किया जागरूक
चरखी दादरी।
सूचना, जनसंपर्क एवं भाषा विभाग मुख्यालय के निर्देश पर भजन मंडलियों ने मंगलवार को घसौला, मोड़ी, मकडाना, मकडानी, लोहरवाडा, मोरवाला व इमलोटा आदि गांव में जागरूकता अभियान चलाया। इस दौरान उन्होंने रागनियों, लोक गीतों के माध्यम से ग्रामीणों को बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ, स्वच्छता, पर्यावरण संरक्षण और सरकार की जनकल्याणकारी नीतियों के प्रति जागरूक किया।
भजन मंडलियों के कलाकारों ने अपने गीतों के जरिये बताया कि बेटा और बेटी एक समान हैं। आज बेटियां बेटों से भी ज्यादा आगे हैं और अपने माता पिता सहित पूरे क्षेत्र का नाम रोशन कर रही हैं। बेटी एक साथ दो घरों को संभालती है। वह, बेटी, बहु, बहन और पत्नी का फर्ज एक साथ निभाती है। कलाकारों ने बताया कि सरकार ने बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ अभियान शुरू करके लोगों की सोच बदलने का काम किया है। सितंबर माह के अंत तक का लिंगानुपात 920 का आंकड़ा छू गया है।
विज्ञापन
चरखी दादरी।
सूचना, जनसंपर्क एवं भाषा विभाग मुख्यालय के निर्देश पर भजन मंडलियों ने मंगलवार को घसौला, मोड़ी, मकडाना, मकडानी, लोहरवाडा, मोरवाला व इमलोटा आदि गांव में जागरूकता अभियान चलाया। इस दौरान उन्होंने रागनियों, लोक गीतों के माध्यम से ग्रामीणों को बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ, स्वच्छता, पर्यावरण संरक्षण और सरकार की जनकल्याणकारी नीतियों के प्रति जागरूक किया।
भजन मंडलियों के कलाकारों ने अपने गीतों के जरिये बताया कि बेटा और बेटी एक समान हैं। आज बेटियां बेटों से भी ज्यादा आगे हैं और अपने माता पिता सहित पूरे क्षेत्र का नाम रोशन कर रही हैं। बेटी एक साथ दो घरों को संभालती है। वह, बेटी, बहु, बहन और पत्नी का फर्ज एक साथ निभाती है। कलाकारों ने बताया कि सरकार ने बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ अभियान शुरू करके लोगों की सोच बदलने का काम किया है। सितंबर माह के अंत तक का लिंगानुपात 920 का आंकड़ा छू गया है।
विज्ञापन