{"_id":"5c155106bdec2258ad31ebc0","slug":"71544900870-jhajjar-bahadurgarh-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"अतिक्रमण की जद में बस स्टैंड रोड 220 दुकानों के सामने लगती है 120 रेहड़ियां","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
अतिक्रमण की जद में बस स्टैंड रोड 220 दुकानों के सामने लगती है 120 रेहड़ियां
Updated Sun, 16 Dec 2018 12:37 AM IST
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अमर उजाला ब्यूरो
चरखी दादरी। नगर परिषद कार्यालय के सामने से लेकर परशुराम चौक तक की 500 मीटर लंबी सड़क अतिक्रमण की चपेट में है। यहां अतिक्रमण का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि सड़क के दोनों तरफ बनीं 220 दुकानों में से 120 के सामने रेहड़ियां लगती हैं। इस कारण मार्केट में आने वाले वाहन चालकों को अपने वाहन सड़क पर ही खड़ा करना पड़ता है। इस कारण बस स्टैंड रोड पर पूरा दिन ट्रैफिक रेंगकर चलता है। इस कारण कई बार जाम की स्थिति बनी रहती है। अतिक्रमण हटाने के मामले में पिछले दिनों विवाद के बाद से ही नगर परिषद बैक फुट पर है।
शहर में नगर परिषद कार्यालय से परशुराम चौक तक सड़क के दोनों ओर लगने वाली रेहड़ियों की वजह से दिनभर जाम की समस्या बनी रहती है। इससे अतिक्रमण को भी बढ़ावा मिल रहा है। नगर परिषद इसे अनदेखा किए हुए है। अमर उजाला ने अतिक्रमण की जमीनी हकीकत देखने के लिए इस मार्ग का जायजा लिया तो सामने आया कि दोनों तरफ करीब 220 दुकानें हैं जिनके सामने 120 के सामने रेहड़ियां या स्टालें लगी हुई हैं। इसके चलते सड़क किनारे वाहन खड़ा करने की जगह ही नहीं बचती है। छोटे और बड़े वाहन जाम में फंसे रहते हैं। ऐसे में पैदल राहगीरों को भी आने जाने में परेशानी आती है। नप कार्यालय से परशुराम चौक तक सड़क मार्ग व्यस्त बना रहता है। बस स्टैंड रोड होने की वजह से यहां से रोजाना करीब 10 हजार छोटे-बड़े वाहन गुजरते हैं। हालांकि यह फोर लेन मार्ग है। अतिक्रमण के चलते न केवल राहगीर परेशान हैं, बल्कि आम वाहन चालकों को भारी परेशानी हो रही है। नगर परिषद इस ओर कोई ध्यान नहीं दे रहा है।
दूसरी तरफ दुकानदारों ने भी अपनी दुकान का सामान दुकानों से बाहर रोड तक लगा रखा है और दुकानों में आने वाले ग्राहक अपने वाहन को सड़क पर ही खड़ा कर देते हैं जिसके कारण राहगीरों व अन्य वाहन चालकों को इस सड़क से गुजरने में दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। इस सड़क पर हर रोज जाम की स्थिति बनी रहती है लेकिन नगर परिषद व यातायात पुलिस का इस ओर कोई ध्यान नहीं है। काफी समय पहले नप कर्मचारियों ने शहर से अतिक्रमण हटवाया था लेकिन खानापूर्ति ही की गई। कुछ दिन बाद ही वही हालात फिर बन गए। नप द्वारा अतिक्रमण हटाने के दौरान दुकानदारों व नप कर्मचारियों के बीच नोकझोंक भी हुई थी।
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यातायात पुलिस का भी ध्यान नहीं
इस समय यातायात पुलिस भी निष्क्रिय बनी हुई है। यातायात पुलिस कर्मचारियों द्वारा भी सड़क पर खड़े होने वाले वाहन चालकों के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की जा रही है। परशुराम चौक पर तो पुलिस कर्मी तैनात रहते हैं लेकिन चौक से नगर परिषद कार्यालय तक अनियंत्रित वाहनों पर कोई शिकंजा नहीं है जिससे
यहां जाम बना रहता है। जब बस स्टैंड परिसर से बसें गेट से बाहर निकलती हैं तो रोडवेज चालकों को काफी कठिनाई होती है। कई बार यहां जाम की वजह से हादसे हो चुके हैं।
विधायक से हुई थी बहस, फिर नहीं चला अभियान
नगर परिषद ने करीब तीन माह पहले शहर में अतिक्रमण हटाओ अभियान चलाया था। इस दौरान बस स्टैंड के सामने कुछ दुकानों के चबूतरे भी तोड़े गए थे। इसके बाद विधायक राजदीप फौगाट को साथ लेकर व्यापारी नगर परिषद कार्यालय पहुंच गए थे और इस दौरान विधायक के साथ अधिकारियों की कहासुनी हो गई थी। इसके बाद से ही नगर परिषद ने शहर में अतिक्रमण हटाओ अभियान नहीं चलाया है।
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चरखी दादरी। नगर परिषद कार्यालय के सामने से लेकर परशुराम चौक तक की 500 मीटर लंबी सड़क अतिक्रमण की चपेट में है। यहां अतिक्रमण का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि सड़क के दोनों तरफ बनीं 220 दुकानों में से 120 के सामने रेहड़ियां लगती हैं। इस कारण मार्केट में आने वाले वाहन चालकों को अपने वाहन सड़क पर ही खड़ा करना पड़ता है। इस कारण बस स्टैंड रोड पर पूरा दिन ट्रैफिक रेंगकर चलता है। इस कारण कई बार जाम की स्थिति बनी रहती है। अतिक्रमण हटाने के मामले में पिछले दिनों विवाद के बाद से ही नगर परिषद बैक फुट पर है।
शहर में नगर परिषद कार्यालय से परशुराम चौक तक सड़क के दोनों ओर लगने वाली रेहड़ियों की वजह से दिनभर जाम की समस्या बनी रहती है। इससे अतिक्रमण को भी बढ़ावा मिल रहा है। नगर परिषद इसे अनदेखा किए हुए है। अमर उजाला ने अतिक्रमण की जमीनी हकीकत देखने के लिए इस मार्ग का जायजा लिया तो सामने आया कि दोनों तरफ करीब 220 दुकानें हैं जिनके सामने 120 के सामने रेहड़ियां या स्टालें लगी हुई हैं। इसके चलते सड़क किनारे वाहन खड़ा करने की जगह ही नहीं बचती है। छोटे और बड़े वाहन जाम में फंसे रहते हैं। ऐसे में पैदल राहगीरों को भी आने जाने में परेशानी आती है। नप कार्यालय से परशुराम चौक तक सड़क मार्ग व्यस्त बना रहता है। बस स्टैंड रोड होने की वजह से यहां से रोजाना करीब 10 हजार छोटे-बड़े वाहन गुजरते हैं। हालांकि यह फोर लेन मार्ग है। अतिक्रमण के चलते न केवल राहगीर परेशान हैं, बल्कि आम वाहन चालकों को भारी परेशानी हो रही है। नगर परिषद इस ओर कोई ध्यान नहीं दे रहा है।
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दूसरी तरफ दुकानदारों ने भी अपनी दुकान का सामान दुकानों से बाहर रोड तक लगा रखा है और दुकानों में आने वाले ग्राहक अपने वाहन को सड़क पर ही खड़ा कर देते हैं जिसके कारण राहगीरों व अन्य वाहन चालकों को इस सड़क से गुजरने में दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। इस सड़क पर हर रोज जाम की स्थिति बनी रहती है लेकिन नगर परिषद व यातायात पुलिस का इस ओर कोई ध्यान नहीं है। काफी समय पहले नप कर्मचारियों ने शहर से अतिक्रमण हटवाया था लेकिन खानापूर्ति ही की गई। कुछ दिन बाद ही वही हालात फिर बन गए। नप द्वारा अतिक्रमण हटाने के दौरान दुकानदारों व नप कर्मचारियों के बीच नोकझोंक भी हुई थी।
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यातायात पुलिस का भी ध्यान नहीं
इस समय यातायात पुलिस भी निष्क्रिय बनी हुई है। यातायात पुलिस कर्मचारियों द्वारा भी सड़क पर खड़े होने वाले वाहन चालकों के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की जा रही है। परशुराम चौक पर तो पुलिस कर्मी तैनात रहते हैं लेकिन चौक से नगर परिषद कार्यालय तक अनियंत्रित वाहनों पर कोई शिकंजा नहीं है जिससे
यहां जाम बना रहता है। जब बस स्टैंड परिसर से बसें गेट से बाहर निकलती हैं तो रोडवेज चालकों को काफी कठिनाई होती है। कई बार यहां जाम की वजह से हादसे हो चुके हैं।
विधायक से हुई थी बहस, फिर नहीं चला अभियान
नगर परिषद ने करीब तीन माह पहले शहर में अतिक्रमण हटाओ अभियान चलाया था। इस दौरान बस स्टैंड के सामने कुछ दुकानों के चबूतरे भी तोड़े गए थे। इसके बाद विधायक राजदीप फौगाट को साथ लेकर व्यापारी नगर परिषद कार्यालय पहुंच गए थे और इस दौरान विधायक के साथ अधिकारियों की कहासुनी हो गई थी। इसके बाद से ही नगर परिषद ने शहर में अतिक्रमण हटाओ अभियान नहीं चलाया है।