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20 नई मोटरें और 22 पंप-पैनल पहुंचे, जिले की बढ़ेगी 300 क्यूसेक तक पेयजल क्षमता
Updated Sat, 10 Nov 2018 11:29 PM IST
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चरखी दादरी। जिले के नहरों के लिए 20 मोटरें और 22 आधुनिक तकनीक के पंप व पैनल पहुंच गए हैं। नहरी पानी की सप्लाई बंद होते ही सिंचाई विभाग नए पंप और मोटर लगाएगा। इससे जिले की पानी की क्षमता करीब 300 क्यूसेक तक बढ़ जाएगी। इस प्रोजेक्ट के पूरा होने पर नहरी पानी के अलावा पेयजल की भी किल्लत काफी हद तक दूर हो जाएगी। जिले के लिए यह 31.53 करोड़ का प्रोजेक्ट सीएम घोषणा के तहत पूरा होने जा रहा है। सन 1972 के बाद जिले की नहरों के सभी पंप और मोटरें नई लगने जा रही हैं।
जिले की नहरों में पानी की क्षमता इस समय 700 क्यूसेक तक ही है। ज्यादा पानी छोड़ने पर पंप और मोटरें पानी का उठान नहीं कर पाती हैं। इससे पानी पीछे से कम करवाना पड़ता है। कई बार ओवरफ्लो भी हो जाता है। इससे रिजर्व टैंक में पानी उतारना पड़ता है। जिले को नहरी पानी की समय समय पर ज्यादा जरूरत बनी रहती है। ऐसे में 700 क्यूसिक पेयजल और सिंचाई के लिए पर्याप्त नहीं हो पाता है। जिले मेें मेन लोहारू कैनाल व लोहारू फीडर मेन नहरें हैं। इस नहर के पंप हाउसों पर लगे पंप सन 1972-73 के दौरान लगाए गए थे। इस समय काफी जर्जर एवं कंडम हो चुके हैं। इनसे पानी का उठान नहीं हो पाता। इस वजह से पीछे हेड ऑफिस से पानी कम करवाना पड़ता है। इसी वजह से पानी का संकट बना रहता है। घिकाड़ा पंप हाउस पर 28 मोटरें और पंप लगे हैं जिनमें से मुश्किल से 18 पंप ही काम करते हैं बाकी समय- समय पर खराब रहते हैं।
जैसे ही जिले की नहरों में पानी बंद होगा सिंचाई विभाग इन पंप व मोटरों को लगाने का काम शुरू करने की प्लानिंग में है। इससे जिले में नहरी पानी की क्षमता एक हजार क्यूसिक तक पहुंच जाएगी। इस समय रूटीन की क्षमता 700 क्यूसेक तक रहती है। इससे जिले में पेयजल व सिंचाई के पानी की भी पर्याप्त मात्रा में आपूर्ति हो सकेगी। खासकर शहर में समय- समय पर पेयजल संकट बना रहता है। नहरी पानी की किल्लत की वजह से ही पानी का संकट बना रहता है। यही वजह है कि शहर में एक दिन छोड़कर पानी की आपूर्ति करनी पड़ रही है ताकि पानी का स्टोरेज नहरों में पानी न आने तक खत्म न हो जाए।
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26 मोटरें और पंप 35 क्यूसेक क्षमता के लगेंगे
सीएम घोषणा के तहत लोहारू व बधवाना नहरों के पंप व मोटरें चेंज करने का काम पूरा होना है। इसके तहत घिकाड़ा पंप हाउस पर 26 मोटरें और पंप 35 क्यूसेक क्षमता के लगेंगे। इसी प्रकार यहां दो पंप 20 क्यूसेक क्षमता के लगने हैं। इसी प्रकार पंप हाउस दो बरसाना के समीप 17 पंप 60 क्यूसेक क्षमता के व पांच पंप 30 क्यूसेक क्षमता के लगने हैं। इसी प्रकार बधवाना नहर पर सभी सात पंप व मोटरें नई लगेंगी।
भारत सरकार की थर्ड पार्टी ने पास किए हैं पंप व मोटरें
पंप और मोटरों के लिए 31.53 करोड़ के बजट के रेट सीएम और वित्त मंत्री की कमेटी ने तय किए थे। भारत सरकार की थर्ड पार्टी की तरफ से इन पंप और मोटरों की इंस्पेक्शन करवाई गई है। उसके बाद ही इनकी खरीद की जा सकी है। विशेष मेटालॉजिकल युक्त यह पंप व मोटरें एनर्जी एफिशियंसी पर आधारित हैं इनसे बिजली की 50 प्रतिशत तक बचत हो सकेगी।
इस समय नहरों में डि-वाटरिंग का पानी चल रहा है। 15-20 दिनों में नहरी में पानी बंद हो जाएगा उसकेे तत्काल बाद यह पंप व मोटरें नई लगा दी जाएंगी। - वेदपाल, एसडीओ, मेकेनिकल शाखा, सिंचाई विभाग
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जिले की नहरों में पानी की क्षमता इस समय 700 क्यूसेक तक ही है। ज्यादा पानी छोड़ने पर पंप और मोटरें पानी का उठान नहीं कर पाती हैं। इससे पानी पीछे से कम करवाना पड़ता है। कई बार ओवरफ्लो भी हो जाता है। इससे रिजर्व टैंक में पानी उतारना पड़ता है। जिले को नहरी पानी की समय समय पर ज्यादा जरूरत बनी रहती है। ऐसे में 700 क्यूसिक पेयजल और सिंचाई के लिए पर्याप्त नहीं हो पाता है। जिले मेें मेन लोहारू कैनाल व लोहारू फीडर मेन नहरें हैं। इस नहर के पंप हाउसों पर लगे पंप सन 1972-73 के दौरान लगाए गए थे। इस समय काफी जर्जर एवं कंडम हो चुके हैं। इनसे पानी का उठान नहीं हो पाता। इस वजह से पीछे हेड ऑफिस से पानी कम करवाना पड़ता है। इसी वजह से पानी का संकट बना रहता है। घिकाड़ा पंप हाउस पर 28 मोटरें और पंप लगे हैं जिनमें से मुश्किल से 18 पंप ही काम करते हैं बाकी समय- समय पर खराब रहते हैं।
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जैसे ही जिले की नहरों में पानी बंद होगा सिंचाई विभाग इन पंप व मोटरों को लगाने का काम शुरू करने की प्लानिंग में है। इससे जिले में नहरी पानी की क्षमता एक हजार क्यूसिक तक पहुंच जाएगी। इस समय रूटीन की क्षमता 700 क्यूसेक तक रहती है। इससे जिले में पेयजल व सिंचाई के पानी की भी पर्याप्त मात्रा में आपूर्ति हो सकेगी। खासकर शहर में समय- समय पर पेयजल संकट बना रहता है। नहरी पानी की किल्लत की वजह से ही पानी का संकट बना रहता है। यही वजह है कि शहर में एक दिन छोड़कर पानी की आपूर्ति करनी पड़ रही है ताकि पानी का स्टोरेज नहरों में पानी न आने तक खत्म न हो जाए।
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26 मोटरें और पंप 35 क्यूसेक क्षमता के लगेंगे
सीएम घोषणा के तहत लोहारू व बधवाना नहरों के पंप व मोटरें चेंज करने का काम पूरा होना है। इसके तहत घिकाड़ा पंप हाउस पर 26 मोटरें और पंप 35 क्यूसेक क्षमता के लगेंगे। इसी प्रकार यहां दो पंप 20 क्यूसेक क्षमता के लगने हैं। इसी प्रकार पंप हाउस दो बरसाना के समीप 17 पंप 60 क्यूसेक क्षमता के व पांच पंप 30 क्यूसेक क्षमता के लगने हैं। इसी प्रकार बधवाना नहर पर सभी सात पंप व मोटरें नई लगेंगी।
भारत सरकार की थर्ड पार्टी ने पास किए हैं पंप व मोटरें
पंप और मोटरों के लिए 31.53 करोड़ के बजट के रेट सीएम और वित्त मंत्री की कमेटी ने तय किए थे। भारत सरकार की थर्ड पार्टी की तरफ से इन पंप और मोटरों की इंस्पेक्शन करवाई गई है। उसके बाद ही इनकी खरीद की जा सकी है। विशेष मेटालॉजिकल युक्त यह पंप व मोटरें एनर्जी एफिशियंसी पर आधारित हैं इनसे बिजली की 50 प्रतिशत तक बचत हो सकेगी।
इस समय नहरों में डि-वाटरिंग का पानी चल रहा है। 15-20 दिनों में नहरी में पानी बंद हो जाएगा उसकेे तत्काल बाद यह पंप व मोटरें नई लगा दी जाएंगी। - वेदपाल, एसडीओ, मेकेनिकल शाखा, सिंचाई विभाग