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कर्ज के भुगतान में दिए सिक्के तो बैंक ने किए वापस
Updated Sat, 24 Jun 2017 12:53 AM IST
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अमर उजाला ब्यूरो
बेरी (झज्जर)।
चिमनी गांव के चरण स्वरूप नामक दुकानदार ने अपना व्यापार चलाने के लिए पंजाब नैशनल बैंक की शाखा से एक लाख रुपये का कर्ज लिया था। इसी कर्ज की नोटबंदी के दौरान किस्त भी संबंधित बैंक में जमा कराने गया था। लेकिन उस दौरान बैंक कर्मियों ने नोटबंदी में काम ज्यादा होने की बात कह कर उसे बाद में किस्त जमा कराने की बात कही। इसी रस्साकसी में चार माह बीत गए और जो किस्त उपभोक्ता को जमा करानी थी वह घर के अन्य कार्यों में खर्च हो गई। लेकिन अब जब उसने दोबारा से किस्त भरनी चाही तो उसके पास किस्त जमा कराने के लिए दस-दस रुपये के सिक्के थे। जिन्हें वह जब बैंक में जमा कराने गया तो वहां संबंधित कर्मचारी ने न तो उसकी किस्त जमा कराई। बल्कि साथ ही उसके साथ दुर्व्यवहार भी किया।
पीड़ित ने इस मामले की शिकायत प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को करने के साथ-साथ आरबीआई और बैंक के उच्चाधिकारियों को भी शिकायत भेजी है। पीड़ित चरणस्वरूप का कहना है कि वह बाद में झज्जर के एक बैंक में सिक्के जमा करवाने गया तो वहां पर सिक्के जमा कर लिए, लेकिन पंजाब नेशनल बैंक स्टाफ ने उसकी किश्त जमा करने से साफ मना कर दिया और पुलिस पकड़वाने के लिए कहने लगे।
विदित रहे कि बेरी के पंजाब नेशनल बैंक स्टाफ की बेरी पालिका पार्षद और बेरी बाजार के दुकानदारों ने दुर्व्यवहार करने की शिकायत लगाई थी और बैंक के हेडऑफिस से उच्च अधिकारी ने बेरी शाखा में पहुंचकर सुलह करवाई थी। लेकिन बैंक स्टाफ के व्यवहार में सुधार ना होने पर कस्बे के लोगों में रोष बना हुआ है।
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बेरी (झज्जर)।
चिमनी गांव के चरण स्वरूप नामक दुकानदार ने अपना व्यापार चलाने के लिए पंजाब नैशनल बैंक की शाखा से एक लाख रुपये का कर्ज लिया था। इसी कर्ज की नोटबंदी के दौरान किस्त भी संबंधित बैंक में जमा कराने गया था। लेकिन उस दौरान बैंक कर्मियों ने नोटबंदी में काम ज्यादा होने की बात कह कर उसे बाद में किस्त जमा कराने की बात कही। इसी रस्साकसी में चार माह बीत गए और जो किस्त उपभोक्ता को जमा करानी थी वह घर के अन्य कार्यों में खर्च हो गई। लेकिन अब जब उसने दोबारा से किस्त भरनी चाही तो उसके पास किस्त जमा कराने के लिए दस-दस रुपये के सिक्के थे। जिन्हें वह जब बैंक में जमा कराने गया तो वहां संबंधित कर्मचारी ने न तो उसकी किस्त जमा कराई। बल्कि साथ ही उसके साथ दुर्व्यवहार भी किया।
पीड़ित ने इस मामले की शिकायत प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को करने के साथ-साथ आरबीआई और बैंक के उच्चाधिकारियों को भी शिकायत भेजी है। पीड़ित चरणस्वरूप का कहना है कि वह बाद में झज्जर के एक बैंक में सिक्के जमा करवाने गया तो वहां पर सिक्के जमा कर लिए, लेकिन पंजाब नेशनल बैंक स्टाफ ने उसकी किश्त जमा करने से साफ मना कर दिया और पुलिस पकड़वाने के लिए कहने लगे।
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विदित रहे कि बेरी के पंजाब नेशनल बैंक स्टाफ की बेरी पालिका पार्षद और बेरी बाजार के दुकानदारों ने दुर्व्यवहार करने की शिकायत लगाई थी और बैंक के हेडऑफिस से उच्च अधिकारी ने बेरी शाखा में पहुंचकर सुलह करवाई थी। लेकिन बैंक स्टाफ के व्यवहार में सुधार ना होने पर कस्बे के लोगों में रोष बना हुआ है।
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