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फर्द के लिए किसान काटते रहे चक्कर, नहीं बेच पाए शेड्यल वाले दिन सरसों
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अमर उजाला ब्यूरो
चरखी दादरी। दादरी अनाज मंडी में सरसों की आवक और खरीद अब जोर पकड़ने लगी है। इससे मंडी में चहल-पहल शुरू हो गई है। वीरवार को अनाज मंडी पहुंचे 140 किसानों को गेटपास जारी कर करीब तीन हजार क्विंटल सरसों खरीदी गई। हालांकि कई गांवों के किसानों को शेड्यूल वाले दिन फर्द के लिए पटवारियों और तहसील कार्यालय के चक्कर लगाने पड़े और इसके चलते वे अपनी सरसों नहीं बेच पाए। इन किसानों का गांव दूसरा है जबकि जमीन अन्य गांव की सीमा में पड़ते हैं। वीरवार को इस तरह के कई मामले सामने आने के बाद मार्केटिंग बोर्ड अधिकारियों ने फर्द की शर्त हटाकर जमाबंदी या गिरदावरी रिपोर्ट भी मान्य कर दी है। यह नियम शुक्रवार से लागू होगा।
प्रदेश सरकार ने 28 मार्च से प्रदेश की सभी मंडियों में सरसों की सरकारी खरीद शुरू करने का शेड्यूल जारी किया था। दादरी मंडी में खरीद प्रक्रिया विधिवत रूप से तीन अप्रैल दोपहर दो बजे से शुरू हो पाई थी। इससे पहले खरीद शुरू न होने के चलते बीते पांच दिनों से किसानों को अपनी सरसों लेकर तो वापिस लौटना पड़ रहा था। वीरवार को भी अधिकारियों ने सरसों की खरीद दोपहर दो बजे शुरू की। जब तक मंडी पहुंचे किसान इंतजार करते रहे। अधिकारियों का तर्क है कि मंडी पहुंचने वाले किसानों को दोपहर तक गेट पास जारी किए और यह प्रक्रिया पूरी होने के बाद उनसे सरसों खरीदी गई। अधिकारियों का दावा है कि शुक्रवार को खरीद प्रक्रिया ने रफ्तार पकड़ी है। जिन किसानों को गेटपास जारी किए गए उन सभी से सरसों खरीदी गई है।
मार्केट कमेटी सचिव बसंत कुमार ने बताया कि छह अप्रैल शनिवार को उन किसानों की सरसों की खरीदी जाएगी, जो अभी तक जारी किए शेड्यूल के दौरान नहीं आ सके। इसमें एक से पांच अप्रैल तक के शेड्यूल में वर्णित गांव शामिल हैं। उन्होंने बताया कि आठ अप्रैल सोमवार को गांव भागवी, टिकान कलां, रामपुरा, अटेला कलां, आबिदपुरा, असावरी, जावा, दुधवा व लांबा के किसानों से सरसों खरीदी जाएगी। इसके बाद नौ अप्रैल को गांव पैंतावास खुर्द, पैंतावास कलां, चरखी, लोहरवाड़ा, रानीला, खेड़ी बत्तर, मंदौला, पांडवान, मानकावास एवं सांजरवास, दस अप्रैल को गांव ढाणी फौगाट, बिरही कलां, झिंझर, नीमली, डाढ़ीबाना, पातुवास, साहुवास, सांतौर, चंदेनी व मिसरी, 11 अप्रैल को गांव डुडीवाला नंदकरण, डुडीवाला किशनपुरा, पिचौपा कलां, डोहकामोजी, चांगरोड़, छपार, कासनी, चिडिय़ा व घिकाड़ा के किसान मंडी में सरसों लेकर आ सकते हैं। बसंत कुमार ने बताया कि 12 अप्रैल को गांव शीशवाला, महड़ा, झोझू कलां, झोझू खुर्द, फतेहगढ़, मिर्च, सौंफ, सांवड़, हिंडोल व मोड़ी तथा 13 अप्रैल को गांव पालड़ी, कलाली, दादरी, रूदड़ौल, मकड़ाना, खेड़ीबूरा, तिवाला, बादल, डोहका हरिया और रामबास के किसानों से सरसों खरीदी जाएगी। सरकारी गुणवत्ता के अनुसार एक किसान से 25 क्विंटल सरसों ही खरीदी जा सकती है। सरसों में नमी की मात्रा आठ प्रतिशत, कच्चा छुरीदार व अविकसित दाना चार प्रतिशत, क्षतिग्रस्त व घुन दो प्रतिशत, अशुद्घ तारामीरा दो प्रतिशत, अन्य पदार्थ दस प्रतिशत व छोटा कृश बीज दस प्रतिशत से अधिक नहीं होना चाहिए। मार्केट कमेटी सचिव ने बताया कि दादरी में हैफेड एजेंसी सरसों की खरीद कर रही है। किसान अपने साथ बैंक खाता, पहचान पत्र व मार्केट कमेटी का गेट पास साथ लेकर आएं।
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पुरानी सरसों खरीद पर संशय बरकरार, किसानों को लौटाया
वीरवार को कुछ ऐसे किसान मंडी पहुंचे जो पुरानी सरसों लेकर आए थे। नैफेड अधिकारियों ने स्थिति स्पष्ट नहीं होने से इन किसानों की सरसों नहीं खरीदी। नैफड मंडी इंस्पेक्टर कपिल ने बताया कि इस संबंध में पहले चंडीगढ़ बात की जाएगी और इसके बाद जो निर्देश उन्हें मिलेंगे उसी अनुरूप सरसों खरीद की जाएगी।
जिन किसानों की दूसरे गांव में जमीन वो रहे परेशान
- मेरा गांव लांबा है जबकि मेरी ढाई एकड़ जमीन टिकाण कलां में पड़ती है। आज मंडी पहुंचा तो फर्द मांगी गई। तहसील कार्यालय का चक्कर लगा चुका लेकिन बात नहीं बनी और बिना सरसों बेचे वापस जा रहा हूं। जयसिंह
- मेरा गांव लांबा है जबकि जमीन कोलहावास की सीमा में है। फर्द मांगी गई तो तहसील कार्यालय पहुंचा लेकिन वहां दो घंटे इंतजार करने के बाद भी काम नहीं बन पाया और मंडी वापिस आ गया। सतबीर सिंह
- मेरा गांव खेड़ी बत्तर है और जमीन भैरवी गांव की सीमा में पड़ती है। गेटपास लेने पहुंचा तो कंप्यूटर की सूची में नाम ही नहीं मिला। तहसील कार्यालय का चक्कर लगा चुका लेकिन बात नहीं बनी। सुरेश कुमार
- मैं दादरी में रहता हूं जबकि मेरी जमीन भैरवी गांव में है। मंडी आने पर मुझसे फर्द मांगी गई और पटवारखाने पहुंचा तो वहां पटवारी ही नहीं मिला। अब बिना सरसों बेचे वापस जाना पड़ रहा है। प्रकाश श्योराण
आज हमने 140 किसानों को गेटपास जारी कर करीब तीन हजार क्विंटल सरसों खरीदी है। दूसरे गांवों की जमीन को लेकर किसानों को शुक्रवार से फर्द लाने की आवश्यकता नहीं पड़ेगा, वो जमाबंदी या गिरदावरी रिपोर्ट भी साथ ला सकते हैं। - रामकिशन, मंडी सुपरवाइजर
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चरखी दादरी। दादरी अनाज मंडी में सरसों की आवक और खरीद अब जोर पकड़ने लगी है। इससे मंडी में चहल-पहल शुरू हो गई है। वीरवार को अनाज मंडी पहुंचे 140 किसानों को गेटपास जारी कर करीब तीन हजार क्विंटल सरसों खरीदी गई। हालांकि कई गांवों के किसानों को शेड्यूल वाले दिन फर्द के लिए पटवारियों और तहसील कार्यालय के चक्कर लगाने पड़े और इसके चलते वे अपनी सरसों नहीं बेच पाए। इन किसानों का गांव दूसरा है जबकि जमीन अन्य गांव की सीमा में पड़ते हैं। वीरवार को इस तरह के कई मामले सामने आने के बाद मार्केटिंग बोर्ड अधिकारियों ने फर्द की शर्त हटाकर जमाबंदी या गिरदावरी रिपोर्ट भी मान्य कर दी है। यह नियम शुक्रवार से लागू होगा।
प्रदेश सरकार ने 28 मार्च से प्रदेश की सभी मंडियों में सरसों की सरकारी खरीद शुरू करने का शेड्यूल जारी किया था। दादरी मंडी में खरीद प्रक्रिया विधिवत रूप से तीन अप्रैल दोपहर दो बजे से शुरू हो पाई थी। इससे पहले खरीद शुरू न होने के चलते बीते पांच दिनों से किसानों को अपनी सरसों लेकर तो वापिस लौटना पड़ रहा था। वीरवार को भी अधिकारियों ने सरसों की खरीद दोपहर दो बजे शुरू की। जब तक मंडी पहुंचे किसान इंतजार करते रहे। अधिकारियों का तर्क है कि मंडी पहुंचने वाले किसानों को दोपहर तक गेट पास जारी किए और यह प्रक्रिया पूरी होने के बाद उनसे सरसों खरीदी गई। अधिकारियों का दावा है कि शुक्रवार को खरीद प्रक्रिया ने रफ्तार पकड़ी है। जिन किसानों को गेटपास जारी किए गए उन सभी से सरसों खरीदी गई है।
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मार्केट कमेटी सचिव बसंत कुमार ने बताया कि छह अप्रैल शनिवार को उन किसानों की सरसों की खरीदी जाएगी, जो अभी तक जारी किए शेड्यूल के दौरान नहीं आ सके। इसमें एक से पांच अप्रैल तक के शेड्यूल में वर्णित गांव शामिल हैं। उन्होंने बताया कि आठ अप्रैल सोमवार को गांव भागवी, टिकान कलां, रामपुरा, अटेला कलां, आबिदपुरा, असावरी, जावा, दुधवा व लांबा के किसानों से सरसों खरीदी जाएगी। इसके बाद नौ अप्रैल को गांव पैंतावास खुर्द, पैंतावास कलां, चरखी, लोहरवाड़ा, रानीला, खेड़ी बत्तर, मंदौला, पांडवान, मानकावास एवं सांजरवास, दस अप्रैल को गांव ढाणी फौगाट, बिरही कलां, झिंझर, नीमली, डाढ़ीबाना, पातुवास, साहुवास, सांतौर, चंदेनी व मिसरी, 11 अप्रैल को गांव डुडीवाला नंदकरण, डुडीवाला किशनपुरा, पिचौपा कलां, डोहकामोजी, चांगरोड़, छपार, कासनी, चिडिय़ा व घिकाड़ा के किसान मंडी में सरसों लेकर आ सकते हैं। बसंत कुमार ने बताया कि 12 अप्रैल को गांव शीशवाला, महड़ा, झोझू कलां, झोझू खुर्द, फतेहगढ़, मिर्च, सौंफ, सांवड़, हिंडोल व मोड़ी तथा 13 अप्रैल को गांव पालड़ी, कलाली, दादरी, रूदड़ौल, मकड़ाना, खेड़ीबूरा, तिवाला, बादल, डोहका हरिया और रामबास के किसानों से सरसों खरीदी जाएगी। सरकारी गुणवत्ता के अनुसार एक किसान से 25 क्विंटल सरसों ही खरीदी जा सकती है। सरसों में नमी की मात्रा आठ प्रतिशत, कच्चा छुरीदार व अविकसित दाना चार प्रतिशत, क्षतिग्रस्त व घुन दो प्रतिशत, अशुद्घ तारामीरा दो प्रतिशत, अन्य पदार्थ दस प्रतिशत व छोटा कृश बीज दस प्रतिशत से अधिक नहीं होना चाहिए। मार्केट कमेटी सचिव ने बताया कि दादरी में हैफेड एजेंसी सरसों की खरीद कर रही है। किसान अपने साथ बैंक खाता, पहचान पत्र व मार्केट कमेटी का गेट पास साथ लेकर आएं।
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पुरानी सरसों खरीद पर संशय बरकरार, किसानों को लौटाया
वीरवार को कुछ ऐसे किसान मंडी पहुंचे जो पुरानी सरसों लेकर आए थे। नैफेड अधिकारियों ने स्थिति स्पष्ट नहीं होने से इन किसानों की सरसों नहीं खरीदी। नैफड मंडी इंस्पेक्टर कपिल ने बताया कि इस संबंध में पहले चंडीगढ़ बात की जाएगी और इसके बाद जो निर्देश उन्हें मिलेंगे उसी अनुरूप सरसों खरीद की जाएगी।
जिन किसानों की दूसरे गांव में जमीन वो रहे परेशान
- मेरा गांव लांबा है जबकि मेरी ढाई एकड़ जमीन टिकाण कलां में पड़ती है। आज मंडी पहुंचा तो फर्द मांगी गई। तहसील कार्यालय का चक्कर लगा चुका लेकिन बात नहीं बनी और बिना सरसों बेचे वापस जा रहा हूं। जयसिंह
- मेरा गांव लांबा है जबकि जमीन कोलहावास की सीमा में है। फर्द मांगी गई तो तहसील कार्यालय पहुंचा लेकिन वहां दो घंटे इंतजार करने के बाद भी काम नहीं बन पाया और मंडी वापिस आ गया। सतबीर सिंह
- मेरा गांव खेड़ी बत्तर है और जमीन भैरवी गांव की सीमा में पड़ती है। गेटपास लेने पहुंचा तो कंप्यूटर की सूची में नाम ही नहीं मिला। तहसील कार्यालय का चक्कर लगा चुका लेकिन बात नहीं बनी। सुरेश कुमार
- मैं दादरी में रहता हूं जबकि मेरी जमीन भैरवी गांव में है। मंडी आने पर मुझसे फर्द मांगी गई और पटवारखाने पहुंचा तो वहां पटवारी ही नहीं मिला। अब बिना सरसों बेचे वापस जाना पड़ रहा है। प्रकाश श्योराण
आज हमने 140 किसानों को गेटपास जारी कर करीब तीन हजार क्विंटल सरसों खरीदी है। दूसरे गांवों की जमीन को लेकर किसानों को शुक्रवार से फर्द लाने की आवश्यकता नहीं पड़ेगा, वो जमाबंदी या गिरदावरी रिपोर्ट भी साथ ला सकते हैं। - रामकिशन, मंडी सुपरवाइजर