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521 लाख के प्रोजेक्ट से बुझेगी कैदियों और छात्रों की प्यास
अमर उाला ब्यूरो/सिरसा
Updated Sun, 18 Dec 2016 01:31 AM IST
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प्रोजेक्ट का मेप
- फोटो : amarujala
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जन स्वास्थ्य विभाग द्वारा आज से करीब 10 महीने पहले भेजा गया जेल और इंजीनियरिंग कॉलेज के लिए पानी की समस्या को हल करने का एस्टिमेट पास होकर आ गया है। विभाग का कहना है कि इसके लिए अलग से पाइप लाइन डालने के लिए तैयारियां शुरू कर दी हैं। 12 दिसंबर को टेंडर लगाया जा चुका है, जल्द ही कार्य को गति मिलेगी।
विभाग के अनुसार इस पर करीब 521 लाख रुपये खर्च होंगे, जिसका एस्टिमेट बनाकर आलाधिकारियों के पास भेजा गया था, जो अब पास हो गया है। विभाग की तरफ से पाइप लाइन डालने का नक्शा बनाकर तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। विभागीय अधिकारियों का कहना है कि अब जल्द कार्य को पूरा करने की कोशिश जारी है। इस कार्य के पूरा होते ही जेल और इंजीनियरिंग कॉलेज के लिए पानी की समस्या का निदान संभव होगा। इसके अलावा भी विभाग द्वारा लोगों को पानी की किल्लत से बचाने के लिए करोड़ों के प्रोजेक्ट बनाकर सरकार के पास भेजे जा चुके हैं। जन स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों का कहना है कि पानी की सप्लाई को लेकर शहरवासियों को किसी भी प्रकार से जूझना नहीं पड़ेगा, इसके लिए विभाग हर समय प्रयासरत है। लोगों को पानी की किल्लत न हो, इसके लिए विभाग द्वारा हर संभव कोशिश की जा रही है।
ट्यूबवेल के पानी से चला रहे थे काम
जन स्वास्थ्य विभाग के एक्सईएन आरपी वशिष्ठ ने बताया कि जेल में पीने के पानी की पूर्ति के लिए अब तक ट्यूबवेल के पानी की सप्लाई दी जा रही थी, लेकिन लगातार घट रहे जमीनी पानी के स्तर के कारण गुणवत्ता में भी खराबी आती जा रही है, जो कि शरीर के लिए नुकसानदायक है। जेल के साथ ही नवनिर्मित इंजीनियरिंग कॉलेज में भी पानी की सप्लाई दी जानी थी। इन दोनों की जरूरत को देखते हुए विभाग द्वारा दुल्हेड़ा माइनर से अलग से पाइप लाइन डालने का प्रोजेक्ट पास हो गया हैै। इसके पूरा होते ही दोनों जगहों पर पानी की किल्लत खत्म हो जाएगी। कैदियों और छात्रों दोनों को ही बेहतर पानी की सुविधा उपलब्ध करवाई जा सकेगी।
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दुल्हेड़ा माइनर से जोड़ी जाएगी लाइन
जेल और महाविद्यालय में पानी की सप्लाई पहुंचाने के लिए विभाग द्वारा 5985 मीटर की पाइप लाइन डालने का प्रोजेक्ट बनाया गया है। विभागीय अधिकारियों का कहना है कि यह सप्लाई दुल्हेड़ा माइनर के पानी से जोड़ी जाएगी। इसके लिए 200 एमएम की पाइप लाइन डाली जाएगी। उन्होंने बताया कि इस प्रोजेक्ट के कारण जेल में काफी समय से आ रही पानी की समस्या खत्म होगी और साथ ही नवनिर्मित कॉलेज के छात्रों को भी स्वच्छ पानी उपलब्ध करवाया जा सकेगा।
यह बोले अधिकारी
जिले में पानी की समस्या को सुधारने के लिए इस प्रोजेक्ट के अलावा भी अन्य कई एस्टिमेट बनाकर भेजे जा चुके। जेल और महाविद्यालय के लिए भेजा गया 521 लाख का प्रोजेक्ट पास होकर आ चुका है। 12 दिसंबर को टेंडर लगाया जा चुका है, जोकि 9 जनवरी को ओपन किया जाएगा। इसके साथ ही कार्य को पूरी तरह से गति प्रदान की जाएगी।
एक्सईएन आरपी वशिष्ठ
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विभाग के अनुसार इस पर करीब 521 लाख रुपये खर्च होंगे, जिसका एस्टिमेट बनाकर आलाधिकारियों के पास भेजा गया था, जो अब पास हो गया है। विभाग की तरफ से पाइप लाइन डालने का नक्शा बनाकर तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। विभागीय अधिकारियों का कहना है कि अब जल्द कार्य को पूरा करने की कोशिश जारी है। इस कार्य के पूरा होते ही जेल और इंजीनियरिंग कॉलेज के लिए पानी की समस्या का निदान संभव होगा। इसके अलावा भी विभाग द्वारा लोगों को पानी की किल्लत से बचाने के लिए करोड़ों के प्रोजेक्ट बनाकर सरकार के पास भेजे जा चुके हैं। जन स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों का कहना है कि पानी की सप्लाई को लेकर शहरवासियों को किसी भी प्रकार से जूझना नहीं पड़ेगा, इसके लिए विभाग हर समय प्रयासरत है। लोगों को पानी की किल्लत न हो, इसके लिए विभाग द्वारा हर संभव कोशिश की जा रही है।
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ट्यूबवेल के पानी से चला रहे थे काम
जन स्वास्थ्य विभाग के एक्सईएन आरपी वशिष्ठ ने बताया कि जेल में पीने के पानी की पूर्ति के लिए अब तक ट्यूबवेल के पानी की सप्लाई दी जा रही थी, लेकिन लगातार घट रहे जमीनी पानी के स्तर के कारण गुणवत्ता में भी खराबी आती जा रही है, जो कि शरीर के लिए नुकसानदायक है। जेल के साथ ही नवनिर्मित इंजीनियरिंग कॉलेज में भी पानी की सप्लाई दी जानी थी। इन दोनों की जरूरत को देखते हुए विभाग द्वारा दुल्हेड़ा माइनर से अलग से पाइप लाइन डालने का प्रोजेक्ट पास हो गया हैै। इसके पूरा होते ही दोनों जगहों पर पानी की किल्लत खत्म हो जाएगी। कैदियों और छात्रों दोनों को ही बेहतर पानी की सुविधा उपलब्ध करवाई जा सकेगी।
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दुल्हेड़ा माइनर से जोड़ी जाएगी लाइन
जेल और महाविद्यालय में पानी की सप्लाई पहुंचाने के लिए विभाग द्वारा 5985 मीटर की पाइप लाइन डालने का प्रोजेक्ट बनाया गया है। विभागीय अधिकारियों का कहना है कि यह सप्लाई दुल्हेड़ा माइनर के पानी से जोड़ी जाएगी। इसके लिए 200 एमएम की पाइप लाइन डाली जाएगी। उन्होंने बताया कि इस प्रोजेक्ट के कारण जेल में काफी समय से आ रही पानी की समस्या खत्म होगी और साथ ही नवनिर्मित कॉलेज के छात्रों को भी स्वच्छ पानी उपलब्ध करवाया जा सकेगा।
यह बोले अधिकारी
जिले में पानी की समस्या को सुधारने के लिए इस प्रोजेक्ट के अलावा भी अन्य कई एस्टिमेट बनाकर भेजे जा चुके। जेल और महाविद्यालय के लिए भेजा गया 521 लाख का प्रोजेक्ट पास होकर आ चुका है। 12 दिसंबर को टेंडर लगाया जा चुका है, जोकि 9 जनवरी को ओपन किया जाएगा। इसके साथ ही कार्य को पूरी तरह से गति प्रदान की जाएगी।
एक्सईएन आरपी वशिष्ठ