फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Jhajjar/Bahadurgarh News ›   झोझूकलां सीएचसी में डिलीवरी सुविधा मिली बंद, बलकरा पीएचसी पर जड़ा था ताला

झोझूकलां सीएचसी में डिलीवरी सुविधा मिली बंद, बलकरा पीएचसी पर जड़ा था ताला

Thu, 24 Jan 2019 01:03 AM IST
Rohtak Bureau रोहतक ब्यूरो
Updated Thu, 24 Jan 2019 01:03 AM IST
विज्ञापन
झोझूकलां सीएचसी में डिलीवरी सुविधा मिली बंद, बलकरा पीएचसी पर जड़ा था ताला
अमर उजाला ब्यूरो
विज्ञापन

चरखी दादरी। सीएचसी (सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र) और पीएचसी (प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र) पर तैनात स्टाफ ड्यूटी के प्रति कतई गंभीर नहीं है। इसकी बानगी बुधवार को सीएमओ के औचक निरीक्षण में देखने को मिली। सीएमओ ने तीन पीएचसी और एक सीएचसी का औचक निरीक्षण किया तो यहां स्टाफ सदस्य और चिकित्सक ड्यूटी से नदारद मिले। इस पर संज्ञान लेकर सीएमओ ने उपस्थित सभी कर्मचारियों से स्पष्टीकरण मांग लिया है। अगले तीन वर्किंग-डे में इन्हें सीएमओ के समक्ष अपना पक्ष रखना होगा।
पीएचसी और सीएचसी की व्यवस्थाओं का सीएमओ विरेंद्र यादव लगातार जायजा ले रहे हैं। चरखी दादरी में अपने चार माह के कार्यकाल में सीएमओ ने तीसरा बार इन स्वास्थ्य केंद्रों का औचक निरीक्षण किया। पहले दो निरीक्षण में भी चिकित्सकों और स्टाफ सदस्यों की नदारद रहने की पाल खोल चुकी हैं। इस पर उन्हें चेतावनी देकर छोड़ा गया था। उक्त कर्मचारियों द्वारा अपनी कार्यशैली में कोई सुधार किया गया है या नहीं, इसका बुधवार को सीएमओ ने फिर से जायजा लिया। सीएमओ सुबह करीब नौ बजे बलकरा पीएचसी केंद्र पहुंचे। उन्हें यहां ताला लगा मिला और पूरा स्टाफ गैर हाजिर था। सीएमओ ने बताया कि यहां दो चिकित्सक तैनात हैं जिनमें से एक ट्रेनिंग पर गया हुआ है और दूसरा नदारद मिला। सीएमओ ने बताया कि नौ बजे तक यहां कोई स्टाफ सदस्य नहीं पहुंचा था। इसके बाद सवा नौ बजे सीएमओ संतोखपुरा पीएचसी पहुंचे। यहां के हालात भी निराशाजनक मिले। सीएमओ ने बताया कि यहां भी दो चिकित्सक नियुक्त किए गए हैं और इनमें से एक की ड्यूटी मानकावास गांव में लगाई गई है। उन्होंने बताया कि जब जांच की गई तो उक्त चिकित्सक तो मानकावास गांव में ड्यूटी पर मिला जबकि दूसरा चिकित्सक नदारद था। उन्होंने बताया कि यहां केवल एलटी (लैब टेक्नीशियन) ही उपस्थित मिला जबकि अन्य स्टाफ सदस्य भी गैर हाजिर मिले। इसके बाद सीएमओ झोझू सीएचसी पहुंचे। यहां के हालात और चौंकाने वाले मिले। पूछताछ में सामने आया कि बिल्डिंग न होने के चलते यहां डिलीवरी सेवा बंद पड़ी है और अन्य किसी जगह इसकी व्यवस्था करने के प्रयास तक नहीं किए गए हैं। इसके अलावा सीएमओ ने बाढड़ा पीएचसी का निरीक्षण भी किया। इससे पहले सीएमो झोझू स्थित एक रक्तदान शिविर में भी पहुंचे और वहां दस से ज्यादा बार रक्तदान करने वालों को विभाग की तरफ से उन्होंने सम्मानित किया।
विज्ञापन


आंगनबाड़ी भवन में डिलीवरी की वैकल्पिक व्यवस्था करने के दिए आदेश
सीएमओ के संज्ञान में आया कि झोझूकलां में डिलीवरी पिछले कुछ दिनों से बंद पड़ी है। जब उन्होंने स्टाफ से पूछताछ की तो सामने आया कि बिल्डिंग नहीं होने के चलते यह सेवा बंद करनी पड़ी। इस पर सीएमओ ने चिकित्सक संदीप साहू और डिप्टी सिविल सर्जन संजय गुप्ता को सरपंच से बातचीत कर वैैकल्पिक व्यवस्था के तौर किसी आंगनबाड़ी केंद्र में यह सेवा शुरू करने के आदेश दिए। सीएमओ ने यह प्रबंध करने के लिए दस दिन का समय दिया है।
विज्ञापन
विज्ञापन


बाढड़ा पीएचसी को दिया 5.60 लाख का बजट
सीएमओ ने बाढड़ा पीएचसी में करीब तीन घंटे बिताए। वे यहां दोपहर 12 बजे पहुंचे और तीन बजे तक रहे। इस दौरान यहां मूलभूत सुविधाएं मुहैया कराने के लिए सीएमओ ने 5.60 लाख रुपये का बजट भी जारी किया। उन्होंने कहा कि इस बजट से यहां पार्क, साइन बोर्ड, मेंटिनेंस, रंग-रोगन, पार्किंग, बगीचा आदि की व्यवस्था कराई जाएगी। उन्होंने बताया कि एनक्यूवास सर्टिफिकेट के लिए जल्द ही यहां निरीक्षण करने टीम पहुंचेगी।


निरीक्षण के दौरान सुबह नौ बजे बलकरा पीएचसी पर ताला लगा मिला। सुबह 9.25 बजे यहां दोबारा पहुंचे तो चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी गेट खोल रहा था और उस समय तक भी यहां कोई कर्मचारी नहीं पहुंचा था। संतोखपुरा पीएचसी पर चिकित्सक और कुछ कर्मचारी गैर हाजिर मिले। इनसे जवाब मांगा गया है। - विरेंद्र यादव, सीएमओ
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed