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कैंडल मार्च निकालकर रोशनी के परिवार को रेलवे से मुआवजा देने की मांग
Updated Sun, 08 Apr 2018 02:00 AM IST
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अमर उजाला ब्यूरो
बहादुरगढ़।
दो दिन पहले रेलवे स्टेशन पर एक्सप्रेस ट्रेन के पायदान में उलझकर टूटी अर्थिक प्लेट से हुई बच्ची की मौत के बाद शनिवार को समाजसेवियों ने रोशनी के परिवार के साथ मिलकर शहर में कैंडल मार्च निकाला। समाजसेवियों ने तीन वर्षीय बच्ची रोशनी के परिवार को इसके लिए रेलवे से मुआवजे की मांग की है। हादसे की जांच अभी चल रही है।
राजकीय रेलवे पुलिस ने रोशनी के परिजनों के बयान पर इस मामले में रेलवे की ही लापरवाही को जिम्मेदार मानते हुए केस दर्ज किया है। इसमें आईपीसी 304ए और 175 रेलवे एक्ट की धाराएं जोड़ी गई हैं। अभी जीआरपी रेलवे की विभागीय जांच रिपोर्ट का इंतजार कर रही है। उसी से यह स्पष्ट होगा कि इस लापरवाही के लिए कौन जिम्मेदार है।
निकाला गया कैंडल मार्च
समाजसेवी बुल्लड़ पहलवान ने रोशनी की आत्मा की शांति के लिए कैंडल मार्च निकाला। उन्होंने रेलवे के अधिकारियों से रोशनी के परिवार को मुआवजा दिए जाने की मांग उठाई है। कैंडल मार्च में मासूम रोशनी के पिता मुकेश, परिवार सेे दीपू के अलावा मां शालू व बुल्लड़ अखाड़े के पहलवान साथ रहे। सभी ने एक सुर में रेलवे से रोशनी के परिजनों को मुआवजा दिए जाने की मांग की। रेलवे रोड पर अग्रसेन धर्मशाला से शुरू होकर यह कैंडल मार्च रेलवे स्टेशन पर खत्म हुआ। इस दौरान मासूम रोशनी की आत्मिक शांति की प्रार्थना की गई। सभी ने रेलवे से पीड़ित परिवार के लिए 10 लाख मुआवजे की मांग की। बुल्लड़ पहलवान ने अपनी ओर से भी बच्ची की मां शालू को आर्थिक मदद के तौर पर 6 हजार राशि भेंट की।
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स्टेशन पर की जा रही हैं अर्थिंग प्लेट ठीक
इस हादसे के बाद से ही स्टेशन पर लगी सभी अर्थिंग प्लेट को ठीक किया जा रहा है। ओएचई विभाग के कर्मचारी इस कार्य में लगे हुए हैं। जहां भी प्लेटफार्म पर यह प्लेट उखड़ी हुई थी, वहां पर तारकोल और बजरी डालकर उसे दबाया गया है, ताकि ट्रेन में चढ़ते-उतरते समय यात्रियों के पैर उसमें न उलझें।
यह है मामला
उत्तर प्रदेश के इटावा के कुंवरपुरा गांव के रहने वाले और हाल में लाइनपार के बराही फाटक के नजदीक निवासी मुकेश कुमार की पत्नी शालू वीरवार की सुबह अपने बेटे कृष्ण और तीन वर्षीय बेटी रोशनी के साथ दिल्ली जाने के लिए स्टेशन पर इंतजार कर रही थी। उस वक्त दिल्ली जा रही बीकानेर एक्सप्रेस की बोगी के पायदान में उलझकर ओएचई की अर्थिंग प्लेट टूट गई थी और तेजी से मासूम रोशनी के सीने में लगी। इससे उसकी मौत हो गई थी।
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बहादुरगढ़।
दो दिन पहले रेलवे स्टेशन पर एक्सप्रेस ट्रेन के पायदान में उलझकर टूटी अर्थिक प्लेट से हुई बच्ची की मौत के बाद शनिवार को समाजसेवियों ने रोशनी के परिवार के साथ मिलकर शहर में कैंडल मार्च निकाला। समाजसेवियों ने तीन वर्षीय बच्ची रोशनी के परिवार को इसके लिए रेलवे से मुआवजे की मांग की है। हादसे की जांच अभी चल रही है।
राजकीय रेलवे पुलिस ने रोशनी के परिजनों के बयान पर इस मामले में रेलवे की ही लापरवाही को जिम्मेदार मानते हुए केस दर्ज किया है। इसमें आईपीसी 304ए और 175 रेलवे एक्ट की धाराएं जोड़ी गई हैं। अभी जीआरपी रेलवे की विभागीय जांच रिपोर्ट का इंतजार कर रही है। उसी से यह स्पष्ट होगा कि इस लापरवाही के लिए कौन जिम्मेदार है।
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निकाला गया कैंडल मार्च
समाजसेवी बुल्लड़ पहलवान ने रोशनी की आत्मा की शांति के लिए कैंडल मार्च निकाला। उन्होंने रेलवे के अधिकारियों से रोशनी के परिवार को मुआवजा दिए जाने की मांग उठाई है। कैंडल मार्च में मासूम रोशनी के पिता मुकेश, परिवार सेे दीपू के अलावा मां शालू व बुल्लड़ अखाड़े के पहलवान साथ रहे। सभी ने एक सुर में रेलवे से रोशनी के परिजनों को मुआवजा दिए जाने की मांग की। रेलवे रोड पर अग्रसेन धर्मशाला से शुरू होकर यह कैंडल मार्च रेलवे स्टेशन पर खत्म हुआ। इस दौरान मासूम रोशनी की आत्मिक शांति की प्रार्थना की गई। सभी ने रेलवे से पीड़ित परिवार के लिए 10 लाख मुआवजे की मांग की। बुल्लड़ पहलवान ने अपनी ओर से भी बच्ची की मां शालू को आर्थिक मदद के तौर पर 6 हजार राशि भेंट की।
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स्टेशन पर की जा रही हैं अर्थिंग प्लेट ठीक
इस हादसे के बाद से ही स्टेशन पर लगी सभी अर्थिंग प्लेट को ठीक किया जा रहा है। ओएचई विभाग के कर्मचारी इस कार्य में लगे हुए हैं। जहां भी प्लेटफार्म पर यह प्लेट उखड़ी हुई थी, वहां पर तारकोल और बजरी डालकर उसे दबाया गया है, ताकि ट्रेन में चढ़ते-उतरते समय यात्रियों के पैर उसमें न उलझें।
यह है मामला
उत्तर प्रदेश के इटावा के कुंवरपुरा गांव के रहने वाले और हाल में लाइनपार के बराही फाटक के नजदीक निवासी मुकेश कुमार की पत्नी शालू वीरवार की सुबह अपने बेटे कृष्ण और तीन वर्षीय बेटी रोशनी के साथ दिल्ली जाने के लिए स्टेशन पर इंतजार कर रही थी। उस वक्त दिल्ली जा रही बीकानेर एक्सप्रेस की बोगी के पायदान में उलझकर ओएचई की अर्थिंग प्लेट टूट गई थी और तेजी से मासूम रोशनी के सीने में लगी। इससे उसकी मौत हो गई थी।