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Jhajjar-Bahadurgarh News: 500 कट्टा डीएपी खाद बिका, मंडी में लगी किसानों की लाइन
Sun, 13 Oct 2024 03:03 AM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, झज्जर/बहादुरगढ़
संवाद न्यूज एजेंसी, झज्जर/बहादुरगढ़
Updated Sun, 13 Oct 2024 03:03 AM IST
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12jjrp24- झज्जर। अनाज मंडी में खाद लेने के लिए लाइन में लगे किसान। संवाद
झज्जर। किसानों में डीएपी खाद के लिए मारामारी मची है। झज्जर मंडी में स्थित सरकारी खाद-बीज की दुकान पर दस दिनों बाद 500 कट्टा डीएपी खाद पहुंचा। जैसे ही किसानों को पता चला तो दुकान पर भीड़ लग गई। किसानों ने सभी कट्टों को खरीद लिया।
जिले रबी की फसल के लिए किसान फसलों की तैयारी करने में लगे हुए हैं, लेकिन जिले में किसानों को डीएपी खाद नहीं मिल रहीं। लोगों को खाली हाथ लौटकर जाना पड़ा रहा था या फिर एनपीके खाद के प्रयोग करने की सलाह दी जा रही थी। खाद की कमी होने के कारण से लोगों के मन में भय बना हुआ है। इसी कारण लोग एनपीके खाद को भी खरीद रहे थे।
शनिवार को अनाज मंडी में स्थित सरकारी खाद की दुकान पर दस दिनों के बाद डीएपी खाद पहुंचा। किसानों काे पता चलने के बाद लंबी लाइन गई। इसके बाद 500 कट्टे खाद के हाथोंहाथ बिक गए। एक किसान को पांच कट्टे दिए गए। लोगों को डीएपी ना मिलने पर एनपीके के लिए जागरूक किया जा रहा है ताकि किसानों को फसल की बुआई में देरी नहीं हो और समय पर फसल की बुआई की जा सके।
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जिले में इस साल 14 हजार एमटी डीएपी की मांग
इस साल जिले में रबी की फसल बुआई के लिए 14 हजार एमटी डीएपी खाद की मांग की गई है। पिछले साल करीब 7400 एमटी डीएपी जिले में आया था। लोगों में डीएपी के लिए मारा-मारी हो रही है। जिन किसानों को डीएपी नहीं मिल रही है वो एनपीके खाद का प्रयोग कर फसलों की बुआई कर सकते हैं।
वर्जन
इस साल जिले में 14 हजार एमटी डीएपी की मांग भेजी गई है। किसानों को घबराने की जरूरत नही है। जिन किसानों को डीएपी खाद नहीं मिली, वह एनपीके खाद का इस्तेमाल कर फसलो की बुआई कर सकते हैं।-जितेंद्र अहलावत, उप निदेशक, कृषि कल्याण विभाग, झज्जर
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जिले रबी की फसल के लिए किसान फसलों की तैयारी करने में लगे हुए हैं, लेकिन जिले में किसानों को डीएपी खाद नहीं मिल रहीं। लोगों को खाली हाथ लौटकर जाना पड़ा रहा था या फिर एनपीके खाद के प्रयोग करने की सलाह दी जा रही थी। खाद की कमी होने के कारण से लोगों के मन में भय बना हुआ है। इसी कारण लोग एनपीके खाद को भी खरीद रहे थे।
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शनिवार को अनाज मंडी में स्थित सरकारी खाद की दुकान पर दस दिनों के बाद डीएपी खाद पहुंचा। किसानों काे पता चलने के बाद लंबी लाइन गई। इसके बाद 500 कट्टे खाद के हाथोंहाथ बिक गए। एक किसान को पांच कट्टे दिए गए। लोगों को डीएपी ना मिलने पर एनपीके के लिए जागरूक किया जा रहा है ताकि किसानों को फसल की बुआई में देरी नहीं हो और समय पर फसल की बुआई की जा सके।
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जिले में इस साल 14 हजार एमटी डीएपी की मांग
इस साल जिले में रबी की फसल बुआई के लिए 14 हजार एमटी डीएपी खाद की मांग की गई है। पिछले साल करीब 7400 एमटी डीएपी जिले में आया था। लोगों में डीएपी के लिए मारा-मारी हो रही है। जिन किसानों को डीएपी नहीं मिल रही है वो एनपीके खाद का प्रयोग कर फसलों की बुआई कर सकते हैं।
वर्जन
इस साल जिले में 14 हजार एमटी डीएपी की मांग भेजी गई है। किसानों को घबराने की जरूरत नही है। जिन किसानों को डीएपी खाद नहीं मिली, वह एनपीके खाद का इस्तेमाल कर फसलो की बुआई कर सकते हैं।-जितेंद्र अहलावत, उप निदेशक, कृषि कल्याण विभाग, झज्जर