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आवश्यक सेवाओं का हवाला देकर एचएसवीपी ने किया 57 लाख का टेंडर
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अमर उजाला ब्यूरो
बहादुरगढ़। हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण की ओर से लोकसभा चुनावों की घोषणा के बाद भी टेंडर लगाने व लाखों रुपये की लागत के कार्य का वर्क ऑर्डर दे दिया गया है। आचार संहिता लगने के बाद जहां पर किसी भी तरह के टेंडर लगाने व वर्क ऑर्डर देने पर रोक लग जाती है वहीं पर प्राधिकरण के कार्यकारी अभियंता की ओर से आवश्यक सेवाओं का हवाला देते हुए ये दोनों काम सिरे चढ़ाए जा रहे हैं। कार्यकारी अभियंता की ओर से 20 मार्च को करीब 40 लाख रुपये की लागत का सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट के ऑपरेशन एंड मेंटेनेंस का टेंडर लगाया गया है और 22 मार्च को करीब 17 लाख रुपये की लागत से वाटर ट्रीटमेंट प्लांट के वार्षिक मेंटेनेंस का वर्क ऑर्डर जारी कर दिया गया। जबकि वाटर ट्रीटमेंट प्लांट के कार्य की मंजूरी के आदेशों में विभाग के मुख्य अभियंता की ओर से साफ तौर पर लिखा गया है कि वर्क ऑर्डर देते समय लोकसभा चुनाव की आचार संहिता का पूरी तरह पालन किया जाए। मगर यहां तो आवश्यक सेवाओं का हवाला देकर सभी नियमों को ताक पर रखकर टेंडर भी लगा दिया और वर्क ऑर्डर भी दे दिया गया।
आचार संहिता लागूू होने के बाद किसी तरह का टेंडर या वर्क ऑर्डर नहीं दिया जा सकता। अगर एचएसवीपी की ओर से कोई टेंडर लगाया गया है और वर्क ऑर्डर दिया गया है तो यह आचार संहिता का उल्लंघन माना जाएगा। मैं कल ही टेंडर व वर्क ऑर्डर से संबंधित कागजात मंगवाकर चेक करूंगा। अगर तकनीकी अधिकारी यह कह रहे हैं कि यह आवश्यक सेवाओं में आता है तो भी पूरे मामले की जांच की जाएगी। अगर आचार संहिता का कहीं पर उल्लंघन मिला तो कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
तरुण पावरिया, एसडीएम बहादुरगढ़
सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट के ऑपरेशन एंड मेंटनेंस का टेंडर लगाया गया है और वाटर ट्रीटमेंट प्लांट के वार्षिक मेंटनेंस का वर्क ऑर्डर दिया गया है। ये दोनों ही काम आवश्यक सेवाओं में आते हैं। आवश्यक सेवाएं आचार संहिता के दायरे में नहीं आती हैं। मैंने किसी भी तरह से आचार संहिता का उल्लंघन नहीं किया है।
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मनोज, कार्यकारी अभियंता, एचएसवीपी, बहादुरगढ़।
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बहादुरगढ़। हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण की ओर से लोकसभा चुनावों की घोषणा के बाद भी टेंडर लगाने व लाखों रुपये की लागत के कार्य का वर्क ऑर्डर दे दिया गया है। आचार संहिता लगने के बाद जहां पर किसी भी तरह के टेंडर लगाने व वर्क ऑर्डर देने पर रोक लग जाती है वहीं पर प्राधिकरण के कार्यकारी अभियंता की ओर से आवश्यक सेवाओं का हवाला देते हुए ये दोनों काम सिरे चढ़ाए जा रहे हैं। कार्यकारी अभियंता की ओर से 20 मार्च को करीब 40 लाख रुपये की लागत का सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट के ऑपरेशन एंड मेंटेनेंस का टेंडर लगाया गया है और 22 मार्च को करीब 17 लाख रुपये की लागत से वाटर ट्रीटमेंट प्लांट के वार्षिक मेंटेनेंस का वर्क ऑर्डर जारी कर दिया गया। जबकि वाटर ट्रीटमेंट प्लांट के कार्य की मंजूरी के आदेशों में विभाग के मुख्य अभियंता की ओर से साफ तौर पर लिखा गया है कि वर्क ऑर्डर देते समय लोकसभा चुनाव की आचार संहिता का पूरी तरह पालन किया जाए। मगर यहां तो आवश्यक सेवाओं का हवाला देकर सभी नियमों को ताक पर रखकर टेंडर भी लगा दिया और वर्क ऑर्डर भी दे दिया गया।
आचार संहिता लागूू होने के बाद किसी तरह का टेंडर या वर्क ऑर्डर नहीं दिया जा सकता। अगर एचएसवीपी की ओर से कोई टेंडर लगाया गया है और वर्क ऑर्डर दिया गया है तो यह आचार संहिता का उल्लंघन माना जाएगा। मैं कल ही टेंडर व वर्क ऑर्डर से संबंधित कागजात मंगवाकर चेक करूंगा। अगर तकनीकी अधिकारी यह कह रहे हैं कि यह आवश्यक सेवाओं में आता है तो भी पूरे मामले की जांच की जाएगी। अगर आचार संहिता का कहीं पर उल्लंघन मिला तो कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
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तरुण पावरिया, एसडीएम बहादुरगढ़
सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट के ऑपरेशन एंड मेंटनेंस का टेंडर लगाया गया है और वाटर ट्रीटमेंट प्लांट के वार्षिक मेंटनेंस का वर्क ऑर्डर दिया गया है। ये दोनों ही काम आवश्यक सेवाओं में आते हैं। आवश्यक सेवाएं आचार संहिता के दायरे में नहीं आती हैं। मैंने किसी भी तरह से आचार संहिता का उल्लंघन नहीं किया है।
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मनोज, कार्यकारी अभियंता, एचएसवीपी, बहादुरगढ़।