{"_id":"5cc600e1bdec2207410e57d1","slug":"31556480225-jhajjar-bahadurgarh-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"सरसों की खरीद न होने पर किसानों ने मंडी गेट पर जड़ा ताला","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
सरसों की खरीद न होने पर किसानों ने मंडी गेट पर जड़ा ताला
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
झज्जर। सरसों की खरीद नहीं होने से परेशान किसानों ने रविवार को मातनहेल की मंडी के दोनों गेट पर ताला लगा दिया। ताला लगाने के बाद मंडी गेट पर बैठे किसानों ने धरना देकर नारेबाजी की। वहीं किसानों ने जाम भी लगा दिया। मंडी गेट पर ताला लगाए जाने की सूचना पर पहुंची साल्हावास थाना पुलिस ने किसानों को समझाने का प्रयास किया लेकिन किसान नहीं माने। हालांकि किसानों ने जाम तो खोल दिया लेकिन मंडी गेट पर लगा ताला नहीं खोला। असके बाद पर्चेजर संदीप कुमार को मौके पर बुलाया गया। उन्होंने किसानों को लिखित में आश्वासन दिया कि वे अगले चार दिन में मंडी में आई सरसों व कटे हुए टोकन की सरसों खरीद लेंगे। वहीं खरीद के दिन ही किसानों के पैसे खाते में डलवा देंगे। इसके बाद किसानों ने मंडी गेट से ताला खोल दिया।
13 अप्रैल से बंद पड़ी है खरीद
मंडी गेट पर ताला लगाने वाले किसानों का आरोप है कि 13 अप्रैल के बाद से किसानों की सरसों का एक भी दाना नहीं खरीदा गया है। पर्चेजर शाम को पांच बजे मंडी में आता है तथा किसानों द्वारा पूछने पर उन्हें बताया जाता है कि सरकार की ओर से खरीद के आदेश नहीं है। इसके चलते वे अब तक चुप थे लेकिन तानाशाही से तंग आकर वे ताला लगाने पर मजबूर हुुए हैं।
हैफेड व नैफेड के अधिकारी किसानों को गुमराह कर परेशान कर रहे हैं। मंडी गेट पर ताला लगाने के बाद खरीद के आदेश कहां से आ गए। अधिकारियों को यहां की समस्याओं की तरफ ध्यान देना चाहिए, नहीं तो किसान आंदोलन के लिए मजबूर हो जाएंगे।
विज्ञापन
सुनीत, प्रदेशाध्यक्ष, किसान जनहित समिति।
चार दिन में सरसों खरीद कर किसानों की समस्या को खत्म कर दिया जाएगा। सरसों खरीद के लिए किसानों को परेशानी नहीं आने दी जाएगी।
संदीप, पर्चेजर, मातनहेल मंडी।
विज्ञापन
13 अप्रैल से बंद पड़ी है खरीद
मंडी गेट पर ताला लगाने वाले किसानों का आरोप है कि 13 अप्रैल के बाद से किसानों की सरसों का एक भी दाना नहीं खरीदा गया है। पर्चेजर शाम को पांच बजे मंडी में आता है तथा किसानों द्वारा पूछने पर उन्हें बताया जाता है कि सरकार की ओर से खरीद के आदेश नहीं है। इसके चलते वे अब तक चुप थे लेकिन तानाशाही से तंग आकर वे ताला लगाने पर मजबूर हुुए हैं।
विज्ञापन
हैफेड व नैफेड के अधिकारी किसानों को गुमराह कर परेशान कर रहे हैं। मंडी गेट पर ताला लगाने के बाद खरीद के आदेश कहां से आ गए। अधिकारियों को यहां की समस्याओं की तरफ ध्यान देना चाहिए, नहीं तो किसान आंदोलन के लिए मजबूर हो जाएंगे।
विज्ञापन
सुनीत, प्रदेशाध्यक्ष, किसान जनहित समिति।
चार दिन में सरसों खरीद कर किसानों की समस्या को खत्म कर दिया जाएगा। सरसों खरीद के लिए किसानों को परेशानी नहीं आने दी जाएगी।
संदीप, पर्चेजर, मातनहेल मंडी।