{"_id":"5c4a0e14bdec224bc62b4737","slug":"31548357140-jhajjar-bahadurgarh-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"मीटिंग में पहुंचे ही ईपीसीए के अध्यक्ष बोले, बहादुरगढ़ का बुरा हाल","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
मीटिंग में पहुंचे ही ईपीसीए के अध्यक्ष बोले, बहादुरगढ़ का बुरा हाल
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बहादुरगढ़। राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली से सटे बहादुरगढ़ में बढ़ते प्रदूषण को देखते हुए पर्यावरण प्रदूषण (रोकथाम एंव नियंत्रण प्राधिकरण) ईपीसीए के अध्यक्ष वीरवार को बहादुरगढ़ पहुंचे। बहादुरगढ़ पहुंचने पर उन्होंने पीडब्ल्यूडी रेस्ट हाउस में जिले व उपमंडल के अधिकारियों के साथ मीटिंग की। मीटिंग के दौरान बहादुरगढ़ में बढ़ते प्रदूषण को देखकर उनके तेवर सख्त नजर आएं। मीटिंग के दौरान उन्होंने अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए कि शहर में किसी भी कीमत पर प्रदूषण को बढ़ने से रोकना होगा।
पीडब्ल्यूडी के रेस्ट हाउस के मीटिंग करने पहुंचे ही ईपीसीए के अध्यक्ष डॉ. भूरेलाल ने कहा कि बहादुरगढ़ का तो बहुत बुरा हाल है। इस दौरान मौजूद अधिकारियों के पसीने छूट गए। उन्होंने अमर उजाला में लगातार प्रकाशित हो रही खबर का संज्ञान लेते हुए कहा कि राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली की सीमा से लगते हरियाणा क्षेत्र में अवैध रूप से चल रही पीवीसी मार्केट के बारे में भी पूछताछ की। उन्होंने कहा कि इस तरह से कृषि भूमि का वाणिज्यिक इस्तेमाल करना गैर कानूनी है। राजस्व विभाग इस मामले में भूस्वामियों को नोटिस जारी करते हुए आवश्यक कार्रवाई करे।
पीवीसी मार्केट की जांच के लिए गठित की टीम
राष्ट्रीय राजधानी से सटे बहादुरगढ़ में अवैध रूप से बसी पीवीसी मार्केट के ईपीसीए के अध्यक्ष ने एक कमेटी का गठन किया है। यह कमेटी एसडीएम की निगरानी में काम करेगी। कमेटी में अलग-अलग विभागों के अधिकारियों को जोड़ा गया है। इसमें एचएसआईआईडीसी, डीटीपी, एमसी के आईओ, वाणिज्य विभाग के अधिकारी को जोड़ा गया है। उन्होंने कहा कि अवैध पीवीसी मार्केट में पेट्रोलिंग भी कराई जाए, जिससे वहां से फैलना वाले प्रदूषण पर त्वरित रोक लगाई जा सके। उन्होंने सख्त लहजे में कहा कि बिना सीएलयू के यह मार्केट कैसे बसी।
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सीएलयू होगी तभी चलेगी फैक्टरी और कारखाना
मीटिंग के दौरान डॉ. भूरेलाल ने कहा कि अगर किसी के पास सीएलयू नहीं है तो उसको किसी भी सूरत में चलने नहीं दिया जाएगा। बिना सीएलयू कोई फैक्टरी, कारखाना या गोदाम चलता पाया जाएगा तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने मौजूद सभी अधिकारियों को कहा कि प्रदूषण की रोकथाम के मामले में किसी भी तरह की कोई कोताही न बरतें और न ही किसी को बरतने दें। अगर आपके क्षेत्र में कोई प्रदूषण फैलाता पाया जाएगा तो उसकी जिम्मेदारी संबंधित विभाग की होगी और उस कार्रवाई भी अमल में लाई जाएगी।
बिना सीएलयू एग्रीकल्चर लैंड के कॉमर्शियल यूज पर लगाई रोक
ईपीसीए के अध्यक्ष डॉ. भूरेलाल ने सीएलयू एग्रीकल्चर लैंड के कॉमर्शियल यूज करने को लेकर कड़ा रुख अख्तियार किया और अधिकारियों को निर्देश दिए गए समय रहते इसको बंद कराएं। बता दें कि पिछले दो माह से बहादुरगढ़ के जटवाड़े की जमीन पर अवैध रूप से पीवीसी मार्केट का जमावड़ा हो रहा है और यह मार्केट दिन-प्रतिदिन अपने पैर पसार रही है। मार्केट के आसपास खेती करने वाले किसानों को इससे काफी आर्थिक नुकसान भी उठाना पड़ रहा है। अवैध रूप से बसाई गई पीवीसी मार्केट से भू-मालिक लाखों रुपये का किराया वसूल रहे हैं। दिल्ली में अवैध रूप से चल रही पीवीसी मार्केट व अन्य फैक्टरी बंद हो जाने के कारण इन दिनों शहर में प्रदूषण बढ़ाने वाली इकाईयां निरंतर स्थापित हो रही हैं।
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पीडब्ल्यूडी के रेस्ट हाउस के मीटिंग करने पहुंचे ही ईपीसीए के अध्यक्ष डॉ. भूरेलाल ने कहा कि बहादुरगढ़ का तो बहुत बुरा हाल है। इस दौरान मौजूद अधिकारियों के पसीने छूट गए। उन्होंने अमर उजाला में लगातार प्रकाशित हो रही खबर का संज्ञान लेते हुए कहा कि राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली की सीमा से लगते हरियाणा क्षेत्र में अवैध रूप से चल रही पीवीसी मार्केट के बारे में भी पूछताछ की। उन्होंने कहा कि इस तरह से कृषि भूमि का वाणिज्यिक इस्तेमाल करना गैर कानूनी है। राजस्व विभाग इस मामले में भूस्वामियों को नोटिस जारी करते हुए आवश्यक कार्रवाई करे।
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पीवीसी मार्केट की जांच के लिए गठित की टीम
राष्ट्रीय राजधानी से सटे बहादुरगढ़ में अवैध रूप से बसी पीवीसी मार्केट के ईपीसीए के अध्यक्ष ने एक कमेटी का गठन किया है। यह कमेटी एसडीएम की निगरानी में काम करेगी। कमेटी में अलग-अलग विभागों के अधिकारियों को जोड़ा गया है। इसमें एचएसआईआईडीसी, डीटीपी, एमसी के आईओ, वाणिज्य विभाग के अधिकारी को जोड़ा गया है। उन्होंने कहा कि अवैध पीवीसी मार्केट में पेट्रोलिंग भी कराई जाए, जिससे वहां से फैलना वाले प्रदूषण पर त्वरित रोक लगाई जा सके। उन्होंने सख्त लहजे में कहा कि बिना सीएलयू के यह मार्केट कैसे बसी।
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सीएलयू होगी तभी चलेगी फैक्टरी और कारखाना
मीटिंग के दौरान डॉ. भूरेलाल ने कहा कि अगर किसी के पास सीएलयू नहीं है तो उसको किसी भी सूरत में चलने नहीं दिया जाएगा। बिना सीएलयू कोई फैक्टरी, कारखाना या गोदाम चलता पाया जाएगा तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने मौजूद सभी अधिकारियों को कहा कि प्रदूषण की रोकथाम के मामले में किसी भी तरह की कोई कोताही न बरतें और न ही किसी को बरतने दें। अगर आपके क्षेत्र में कोई प्रदूषण फैलाता पाया जाएगा तो उसकी जिम्मेदारी संबंधित विभाग की होगी और उस कार्रवाई भी अमल में लाई जाएगी।
बिना सीएलयू एग्रीकल्चर लैंड के कॉमर्शियल यूज पर लगाई रोक
ईपीसीए के अध्यक्ष डॉ. भूरेलाल ने सीएलयू एग्रीकल्चर लैंड के कॉमर्शियल यूज करने को लेकर कड़ा रुख अख्तियार किया और अधिकारियों को निर्देश दिए गए समय रहते इसको बंद कराएं। बता दें कि पिछले दो माह से बहादुरगढ़ के जटवाड़े की जमीन पर अवैध रूप से पीवीसी मार्केट का जमावड़ा हो रहा है और यह मार्केट दिन-प्रतिदिन अपने पैर पसार रही है। मार्केट के आसपास खेती करने वाले किसानों को इससे काफी आर्थिक नुकसान भी उठाना पड़ रहा है। अवैध रूप से बसाई गई पीवीसी मार्केट से भू-मालिक लाखों रुपये का किराया वसूल रहे हैं। दिल्ली में अवैध रूप से चल रही पीवीसी मार्केट व अन्य फैक्टरी बंद हो जाने के कारण इन दिनों शहर में प्रदूषण बढ़ाने वाली इकाईयां निरंतर स्थापित हो रही हैं।