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चौथे दिन चली 9 रोडवेज की बसें, व्यवस्था बनाने के लिए दस निजी बस भी आईं
Updated Sat, 20 Oct 2018 02:00 AM IST
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चौथे
रोडवेज कर्मचारियों की हड़ताल चौथे दिन प्रवेश कर गई। शुक्रवार को रोडवेज की 9 बसें चलीं, लेकिन इनमें सवारियां न के बराबर रहीं। वहीं आरटीए की ओर से भेजी गई दस निजी बसों के सहारे व्यवस्था सुधारने के प्रयास किए गए। बीते चार दिनों में रोडवेज को लगभग 20 लाख का नुकसान हो चुका है। निलंबित हुए 61 कर्मचारियों के अलावा अन्य कर्मचारी भी अभी काम पर नहीं लौट पाए हैं।
बीते तीन दिनों की अपेक्षा शुक्रवार को बस अड्डा परिसर में चहल पहल दिखाई दी। परिसर में सहकारी समिति एवं निजी बसें खड़ी रहीं, यात्रियों ने इनके जरिये सफर किया। सुरक्षा के लिहाज से पुलिस की तीन गाडिय़ां अड्डा परिसर में मौजूद रही। हालांकि कर्मचारी हड़ताल पर थे, इसके चलते रोडवेज के इंस्पेक्टर, सब इंस्पेक्टर काम को संभाले हुए थे। वे बार-बार बसों की मॉनीटरिंग करते दिखाई दिए।
एक भी कर्मचारी नहीं आया काम पर
हड़ताल के पहले दिन 61 कर्मचारियों को जेल हुई थी। वे निलंबित कर्मचारी जेल में दो दिन रहकर वापस आ गए लेकिन उनके साथी कर्मचारी भी अभी डटे हुए हैं। इन कर्मचारियों को भी निलंबित करने की चेतावनी जारी हो चुकी है, इसके बावजूद शुक्रवार को कर्मचारी काम पर नहीं लौटे। ये कर्मचारी अपने निलंबित किए गए साथी कर्मचारियों के साथ शहर के देवीलाल पार्क में धरने पर बैठे और प्रदर्शन में शामिल हुए।
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रोडवेज की 9 बसें चलीं
बुधवार और वीरवार को रोडवेज की दो-दो बसें चली थी। शुक्रवार को बस अड्डे से रोडवेज की 9 बसें निकलीं। 7 बसें झज्जर की ओर गईं तो दो बसों ने बादली का रुख किया। हालांकि इन बसों में सवारियां न के बराबर थीं। बसों की अड्डे से निकलने की वीडियोग्राफी भी कराई गई।
10 निजी बस आईं
रोडवेज की ओर से आरटीए से 15 निजी बसों की डिमांड की गई थी। शुक्रवार को आरटीए की की तरफ से 10 निजी बसें भेजी गईं। इन बसों व सहकारी समितियों की बसों ने यात्रियों को गंतव्य तक पहुंचाने का जिम्मा संभाला। आरटीए की ओर से भेजी गई 10 बसें सोनीपत, रोहतक, झज्जर आदि रूटों पर दौड़ीं।
की जा रही है व्यवस्था : खर्ब
हड़ताली कर्मचारियों को चेतावनी दी गई है। फिलहाल रोडवेज की 9 बसें चली हैं, आगे-आगे और संख्या बढ़ेगी। इसके अलावा निजी बसें भी आई हैं। यात्रियों को किसी प्रकार की परेशानी नहीं होने दी जाएगी।
-एमएस खर्ब
जीएम, रोडवेज झज्जर
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रोडवेज कर्मचारियों की हड़ताल चौथे दिन प्रवेश कर गई। शुक्रवार को रोडवेज की 9 बसें चलीं, लेकिन इनमें सवारियां न के बराबर रहीं। वहीं आरटीए की ओर से भेजी गई दस निजी बसों के सहारे व्यवस्था सुधारने के प्रयास किए गए। बीते चार दिनों में रोडवेज को लगभग 20 लाख का नुकसान हो चुका है। निलंबित हुए 61 कर्मचारियों के अलावा अन्य कर्मचारी भी अभी काम पर नहीं लौट पाए हैं।
बीते तीन दिनों की अपेक्षा शुक्रवार को बस अड्डा परिसर में चहल पहल दिखाई दी। परिसर में सहकारी समिति एवं निजी बसें खड़ी रहीं, यात्रियों ने इनके जरिये सफर किया। सुरक्षा के लिहाज से पुलिस की तीन गाडिय़ां अड्डा परिसर में मौजूद रही। हालांकि कर्मचारी हड़ताल पर थे, इसके चलते रोडवेज के इंस्पेक्टर, सब इंस्पेक्टर काम को संभाले हुए थे। वे बार-बार बसों की मॉनीटरिंग करते दिखाई दिए।
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एक भी कर्मचारी नहीं आया काम पर
हड़ताल के पहले दिन 61 कर्मचारियों को जेल हुई थी। वे निलंबित कर्मचारी जेल में दो दिन रहकर वापस आ गए लेकिन उनके साथी कर्मचारी भी अभी डटे हुए हैं। इन कर्मचारियों को भी निलंबित करने की चेतावनी जारी हो चुकी है, इसके बावजूद शुक्रवार को कर्मचारी काम पर नहीं लौटे। ये कर्मचारी अपने निलंबित किए गए साथी कर्मचारियों के साथ शहर के देवीलाल पार्क में धरने पर बैठे और प्रदर्शन में शामिल हुए।
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रोडवेज की 9 बसें चलीं
बुधवार और वीरवार को रोडवेज की दो-दो बसें चली थी। शुक्रवार को बस अड्डे से रोडवेज की 9 बसें निकलीं। 7 बसें झज्जर की ओर गईं तो दो बसों ने बादली का रुख किया। हालांकि इन बसों में सवारियां न के बराबर थीं। बसों की अड्डे से निकलने की वीडियोग्राफी भी कराई गई।
10 निजी बस आईं
रोडवेज की ओर से आरटीए से 15 निजी बसों की डिमांड की गई थी। शुक्रवार को आरटीए की की तरफ से 10 निजी बसें भेजी गईं। इन बसों व सहकारी समितियों की बसों ने यात्रियों को गंतव्य तक पहुंचाने का जिम्मा संभाला। आरटीए की ओर से भेजी गई 10 बसें सोनीपत, रोहतक, झज्जर आदि रूटों पर दौड़ीं।
की जा रही है व्यवस्था : खर्ब
हड़ताली कर्मचारियों को चेतावनी दी गई है। फिलहाल रोडवेज की 9 बसें चली हैं, आगे-आगे और संख्या बढ़ेगी। इसके अलावा निजी बसें भी आई हैं। यात्रियों को किसी प्रकार की परेशानी नहीं होने दी जाएगी।
-एमएस खर्ब
जीएम, रोडवेज झज्जर