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शाम होते ही अवैध पीवीसी मार्केट से गुजरने वालों से होती है पूछपाछ

Wed, 23 Jan 2019 01:03 AM IST
Rohtak Bureau रोहतक ब्यूरो
Updated Wed, 23 Jan 2019 01:03 AM IST
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शाम होते ही अवैध पीवीसी मार्केट से गुजरने वालों से होती है पूछपाछ
अमर उजाला ब्यूरो
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बहादुरगढ़। दिल्ली से सटी बहादुरगढ़ की जमीन पर अवैध रूप से विकसित पीवीसी मार्केट पर से गुजरने वाले रास्ते से अगर शाम के समय निकल रहे हैं तो गहनता से आपकी पूछताछ होगी। बता दें यह पूछताछ कोई पुलिस अधिकारी या प्रशासनिक अधिकारी नहीं बल्कि अवैध मार्केट में कुछ लोग करते हैं। ऐसे में हर अनजान चेहरे से मार्केट के दोनों छोर पर पूछताछ की जाती है। अगर आप शाम के समय बहादुरगढ़ की तरफ से पीवीसी मार्केट में जा रहे हैं तो ड्रेन के पुल से नीचे उतरते पूछताछ होगी। अगर आप दिल्ली की तरफ से पुरानी पीवीसी मार्केट से इंट्री करेंगे तो धर्मकांटे के पास ही आप को रुकवाकर गहनता से पूछताछ की जाएगी। उसके बाद तसल्ली होने के बाद ही आपको मार्केट में आने की अनुमति मिलेगी।
मुंडका, कमरुद्दीन नगर, नांगलोई व टीकरी बॉर्डर समेत बाहरी दिल्ली के कई क्षेत्रों में पीवीसी मार्केट थीं। लेकिन राजधानी में बढ़ते प्रदूषण को देखते हुए नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (एनजीटी) ने इन मार्केट को दिल्ली में बंद करने के फरमान जारी कर दिए। एनजीटी के आदेश के बाद प्लास्टिक व्यापारियों ने नई मार्केट विकसित करने के लिए भूमि की तलाश शुरू की। दिल्ली के ठीक साथ सटे बहादुरगढ़ के हरे भरे खेतों पर इनकी गिद्धदृष्टि पड़ी। फिर शुरू हो गया इन व्यापारियों, दलालों व कुछ भू मालिकों का खेल और इस कृषि भूमि पर लगनी शुरू हो गई प्लास्टिक कचरे की दुकानें। अब तो यहां लगभग दो हजार से अधिक दुकान-कारखाने, 3 धर्मकांटें, होटल आदि बन गए हैं। नजर घुमाने पर हर तरफ प्लास्टिक के ढेर ही नजर आते हैं और कुछ भूमि प्रेमी किसान इसे देख आंसू बहाते हैं। एक किसान ने बताया कि कुछ प्रभावी लोग लगातार मार्केट में आते हैं। प्लास्टिक व्यवसायियों को आश्वासन देते हैं कि वे यहां किसी तरह की कार्रवाई नहीं होने देंगे। खैर, इस मामले में कार्रवाई होती है या नहीं होती, ये तो रिपोर्ट आने के बाद ही पता चलेगा है। हां, इस अवैध मार्केट का लगातार बढ़ता दायरा एनजीटी व स्थानीय प्रशासन को नाक दिखा रहा है।
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एनजीटी की चुप्पी बरकरार
नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (एनजीटी) द्वारा बंद किए जाने के बाद दिल्ली के साथ लगती बहादुरगढ़ की भूमि पर विकसित हुई पीवीसी मार्केट तेजी से अपना दायरा बढ़ा रही है। दो महीने पहले दो-तीन प्लास्टिक की दुकान खोलकर नींव रखी गई थी लेकिन अब यह मार्केट जड़ जमा चुकी है। अब तो यह मामला प्रशासनिक अधिकारियों के संज्ञान में आने के बावजूद इस दिशा में कोई ठोस कदम नहीं उठाए जा रहे, जबकि एनजीटी की चुप्पी भी बरकरार है। इधर, नियम-कायदों को धता बताकर प्लास्टिक व्यापारी व भू-मालिक मार्केट के विस्तार में लगे हुए हैं। अब तो काफी पीछे गंदे नाले तक दोनों तरफ दुकानें, कारखाने खुल गए हैं। लगभग 100 एकड़ जमीन थी, अब खेती के नाम पर बस यहां आठ से दस एकड़ जमीन ही शेष रह गई है। गत 9 जनवरी को उपायुक्त सोनल गोयल के संज्ञान में मामला आया तो उन्होंने इस संबंध में स्थानीय अधिकारियों से रिपोर्ट तलब की थी।
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