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27 साल तक सहेज कर रखा सुर-ए मलिका भौंसले का नगमा

Tue, 21 Aug 2018 12:40 AM IST
Updated Tue, 21 Aug 2018 12:40 AM IST
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27 साल तक सहेज कर रखा सुर-ए मलिका भौंसले का नगमा
अमर उजाला ब्यूरो
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झज्जर। 27 साल पहले झज्जर के एक युवा अधिवक्ता व गीतकार को सुर-ए मलिका आशा भौंसले ने स्वर दिए। करीब तीन दशक तक खासतौर पर सावन पर स्वरबद्ध किए गए इस गीत को सहेज कर रखा गया। लेकिन इस बार सावन के आगमन के साथ ही झज्जर बार में कार्यरत व बार एसोसिएशन के पूर्व प्रधान श्यामसुंदर गोयल ने इस गीत को एलबम बनाकर रिलीज किया तो गीत को लेकर लोगों में खासी दीवानगी दिखी। इस बात की बानगी इससे भी दिखती है कि इस गीत 25 जुलाई को यू-ट्यूब पर अपलोड किया गया तथा तब से एक लाख 30 हजार 128 लोगों द्वारा इसे सुना व देखा जा चुका है। 1100 लोगों ने इसे लाइक किया है।
काव्य पाठ लिखने के शौकीन एडवोकेट श्याम सुंदर गोयल ने अपने संघर्ष के दिनों में कई गीत लिखे और मुंबई फिल्म जगत की ओर कूच कर दिया। उसी दौरान एक स्टूडियो में जब गोयल द्वारा सावन पर लिखे गए गीत पर लीजेंड आशा भौंसले की नजर पड़ी तो वह उसे अपनी आवाज देने को तैयार हो गईं। श्याम सुंदर गोयल बताते हैं कि साल 1991 में जब गीत आशा भौंसले की आवाज में रिकार्ड हुआ तो इसके कॉपी राइट व ओरिजनल रिकार्ड लेकर वह झज्जर आ गए। यहां जो फिल्म पार्टनरशिप में बननी थी वह फ्लोर पर नहीं आ सकी। लिहाजा आशा भौंसले की आवाज को उन्होंने 27 साल तक सहेज कर रखा और वकालत के कैरियर में तल्लीन हो गए।
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स्कूल-कॉलेज के समय जुड़े रंगमंच से
गोयल के अनुसार वह अपने स्कूल व कॉलेज के समय से ही रंगमंच से जुड़े। 90 के दशक में वह एक हरियाणवी फिल्म बनाना चाहते थे पूर्ण भक्त। इस फिल्म की कहानी व गीत उन्होंने लिखे। चूंकि वे शुरू से ही आशा भौंसले की आवाज के दीवाने थे, तब मुंबई जाकर वह अपने एक परिचित के माध्यम से महालक्ष्मी स्टूडियो पहुंचे। उस स्टूडियो में आशा भौंसले रिकार्डिंग के लिए आई हुईं थी। उन्हें जब यह बताया गया कि हरियाणा से एक युवा गीतकार अपना एक गीत लेकर आए हैं तब आशा भौंसले ने उनका गीत ‘तेरी याद सताए सावन में, मुझे नींद न आए सावन में...’ को सुनकर आशा भौंसले तुरंत ही अपनी आवाज देने को तैयार हो गईं।
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जहां लिखा गीत वहीं पर फिल्माया
इस पूरे मामले में विशेष बात यह है कि एडवोकेट श्यामसुंदर गोयल ने 90 के दशक में जिस घर के अंदर बैठकर यह गीत लिखा उसी घर में ही 27 साल बाद जब उन्होंने इस गीत को आज के माहौल में लाने का मन बनाया। काफी खर्चीली लोकेशन की बजाय गोयल ने इस विडियो एलबम को अपने घर, पड़ोस व अपने परम मित्र रमेश रोहिला के स्कूल में फिल्माया। इस फिल्म में युवती का किरदार साल 2014 में मिस हरियाणा रह चुकीं जैसमीन व हीरो का किरदार श्यामसुंदर गोयल के ज्येष्ठ पुत्र गौरव व विलेन के रूप में गोयल के अनुज पुत्र ने ही निभाया है।
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