{"_id":"5b01d08d4f1c1be7408b6c3c","slug":"21526845581-jhajjar-bahadurgarh-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"नहरों में पहुंचा 883 क्यूसेक पानी, पेयजल संकट होगा दूर","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
नहरों में पहुंचा 883 क्यूसेक पानी, पेयजल संकट होगा दूर
Updated Mon, 21 May 2018 01:16 AM IST
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अमर उजाला ब्यूरो
चरखी दादरी।
जिले की नहरों में डिमांड के अनुरूप 883 क्यूसेक पानी पहुंचा है। जिले को इस बार 16 दिन के लिए पानी मिला है। पानी पहुंचते ही जनस्वास्थ्य विभाग अधिकारी भी हरकत में आ गए हैं। शहर के चंपापुरी मेन जलघर में पानी डलना शुरू हो गया है। इस समय गर्मी के मौसम को देखते हुए सभी जलघरों में पानी डाले जाने की सख्त जरूरत बनी हुई है। पिछले दिनों से जिला प्रशासन व संबंधित विभागों का लोगों की पेयजल समस्या पर कतई ध्यान नहीं जा रहा है। जबकि ज्येष्ठ मास में पानी की खपत दो से तीन गुना तक बढ़ जाती है।
चरखी दादरी की नहरों में रविवार को 883 क्यूसेक पानी पहुंच गया है। इस समय मेन लोहारू कैनाल में पानी चल रहा है। सोमवार सांय तक बधवाना नहर में पानी छोड़ दिया जाएगा। शहर के मेन चंपापुरी जलघर में लोहारू नहर से वाटर टैंकों में पानी डाला जाता है। जबकि शहर के दूसरे रामनगर जलघर में बधवाना नहर से पानी डाला जाता है। इस समय चंपापुरी जलघर में पानी डाले जाने का काम शुरू हो गया है। जबकि बधवाना नहर में पानी नहीं छोड़ा जा सका है।
गांव चरखी, ढाणी फौगाट, रानीला, मिसरी, सांवड़, अचीना, बिरही कलां, घसोला, इमलोटा सहित करीब दो दर्जन से ज्यादा गांवों के जलघरों में पानी डाले जाने की जरूरत बनी हुई है। गांव चरखी में पेयजल का सबसे ज्यादा संकट बना हुआ है। गांव चरखी में जलघर तक नई पाइप लाइन न बिछाए जाने से पानी का संकट बना हुआ है। ग्रामीण प्रशासन को भी अवगत करा चुके हैं। इन सभी गांवों की आबादी ज्यादा होने पर पानी की खपत ज्यादा बनी रहती है। जिले में कुल 58 जलघर हैं, जिनके जरिये करीब 100 गांवों को कवर किया जाता है।
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प्रशासन नहीं गंभीर
जिले में पेयजल संकट को लेकर प्रशासन गंभीर नजर नहीं आ रहा है। जिला प्रशासन के उच्च स्तर के अधिकारियों की ओर से गर्मी के मौसम को देखते हुए पेयजल संकट से निपटने के लिए कोई ठोस कदम एवं हिदायतें जारी नहीं की गई हैं। आए दिन लोग पेयजल व बिजली किल्लत को लेकर प्रशासनिक अधिकारियों को ज्ञापन सौंप रहे हैं।
वर्जन
सभी जलघरों में प्राथमिकता से पानी डाला जाएगा। शहर के मेन चंपापुरी जलघर में पानी डालना शुरू करवा दिया है। 12-13 दिनों में शहर के दोनों जलघरों को पानी से भर दिया जाएगा।
- नरेंद्र कुमार, जेई, जनस्वास्थ्य विभाग।
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चरखी दादरी।
जिले की नहरों में डिमांड के अनुरूप 883 क्यूसेक पानी पहुंचा है। जिले को इस बार 16 दिन के लिए पानी मिला है। पानी पहुंचते ही जनस्वास्थ्य विभाग अधिकारी भी हरकत में आ गए हैं। शहर के चंपापुरी मेन जलघर में पानी डलना शुरू हो गया है। इस समय गर्मी के मौसम को देखते हुए सभी जलघरों में पानी डाले जाने की सख्त जरूरत बनी हुई है। पिछले दिनों से जिला प्रशासन व संबंधित विभागों का लोगों की पेयजल समस्या पर कतई ध्यान नहीं जा रहा है। जबकि ज्येष्ठ मास में पानी की खपत दो से तीन गुना तक बढ़ जाती है।
चरखी दादरी की नहरों में रविवार को 883 क्यूसेक पानी पहुंच गया है। इस समय मेन लोहारू कैनाल में पानी चल रहा है। सोमवार सांय तक बधवाना नहर में पानी छोड़ दिया जाएगा। शहर के मेन चंपापुरी जलघर में लोहारू नहर से वाटर टैंकों में पानी डाला जाता है। जबकि शहर के दूसरे रामनगर जलघर में बधवाना नहर से पानी डाला जाता है। इस समय चंपापुरी जलघर में पानी डाले जाने का काम शुरू हो गया है। जबकि बधवाना नहर में पानी नहीं छोड़ा जा सका है।
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गांव चरखी, ढाणी फौगाट, रानीला, मिसरी, सांवड़, अचीना, बिरही कलां, घसोला, इमलोटा सहित करीब दो दर्जन से ज्यादा गांवों के जलघरों में पानी डाले जाने की जरूरत बनी हुई है। गांव चरखी में पेयजल का सबसे ज्यादा संकट बना हुआ है। गांव चरखी में जलघर तक नई पाइप लाइन न बिछाए जाने से पानी का संकट बना हुआ है। ग्रामीण प्रशासन को भी अवगत करा चुके हैं। इन सभी गांवों की आबादी ज्यादा होने पर पानी की खपत ज्यादा बनी रहती है। जिले में कुल 58 जलघर हैं, जिनके जरिये करीब 100 गांवों को कवर किया जाता है।
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प्रशासन नहीं गंभीर
जिले में पेयजल संकट को लेकर प्रशासन गंभीर नजर नहीं आ रहा है। जिला प्रशासन के उच्च स्तर के अधिकारियों की ओर से गर्मी के मौसम को देखते हुए पेयजल संकट से निपटने के लिए कोई ठोस कदम एवं हिदायतें जारी नहीं की गई हैं। आए दिन लोग पेयजल व बिजली किल्लत को लेकर प्रशासनिक अधिकारियों को ज्ञापन सौंप रहे हैं।
वर्जन
सभी जलघरों में प्राथमिकता से पानी डाला जाएगा। शहर के मेन चंपापुरी जलघर में पानी डालना शुरू करवा दिया है। 12-13 दिनों में शहर के दोनों जलघरों को पानी से भर दिया जाएगा।
- नरेंद्र कुमार, जेई, जनस्वास्थ्य विभाग।