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फैक्टरी में आग से करोड़ों का नुकसान
Updated Sun, 10 Dec 2017 01:02 AM IST
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अमर उजाला ब्यूरो
बहादुरगढ़।
एचएसआईडीसी की ओर से विकसित फुटवियर पार्क की एक हवाई चप्पल फैक्टरी आग लगने से नष्ट हो गई। आग पर काबू पाने के लिए दिल्ली, रोहतक, सोनीपत व झज्जर से भी दमकल फायर ब्रिगेड बुलानी पड़ी। इसके बावजूद शनिवार शाम तक भी आग पूरी तरह शांत नहीं हो पाई। इस भयंकर आग से कंपनी का करोड़ों रुपये का नुकसान हुआ है।
सेक्टर-17 के फुटवियर पार्क की फिजिक फुटवियर लि. इंडस्ट्री में शनिवार सुबह करीब 4 बजे आग लग गई। चौकीदार को फैक्टरी भवन में धुआं उठता दिखाई दिया तो उसने फैक्टरी प्रबंधकों और फायर ब्रिगेड को सूचित किया। बहादुरगढ़ के दोनों दमकल केंद्रों की चार गाड़ियां मौके पर पहुंच गई और आग बुझाने की कोशिश शुरू कर दी। जिला दमकल अधिकारी डीके नंदा ने बताया कि फुटवियर बनाने में कई तरह के अत्यंत शीघ्र ज्वलनशील पदार्थों का इस्तेमाल किया जाता है, इसलिए आग विकराल रूप लेती गई। कच्चे माल और कुछ सामान को बचाने की कोशिश की गई। लेकिन रात के समय श्रमिकों न मिलने से बचाव कार्य सही गति से नहीं चल पाया। कच्चे व तैयार माल, मशीनों और पूरे भवन को आग ने अपनी चपेट में ले लिया। फैक्टरी प्रबंधन ने दिल्ली दमकल से मदद मांगी। वहां से तीन गाड़ियां आईं। कुल मिलाकर 14 दमकल गाड़ियां शनिवार सुबह करीब 4 बजे लगी आग को शाम तक भी पूरी तरह शांत नहीं कर पाई।
बच गया जानी नुकसान
हर रात की तरह शुक्रवार रात को भी फिजिक इंडस्ट्री में उत्पादन कार्य बंद था। उस समय केवल एक चौकीदार ही फैक्टरी परिसर में था। इसलिए सौभाग्य से जानी नुकसान नहीं हुआ। अन्यथा आग व उसके धुएं का गुब्बार इतना भयानक था कि कोई भी चपेट में आ सकता था।
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आग बुझाने में हुई कठिनाई
दमकल अधिकारी नंदा ने बताया कि कई कारणों सेे बचाव कार्यों में दिक्कतें आई। अनुमान लगाया गया है कि आग की शुरुआत फैक्टरी के बेसमेंट से हुई। फैक्टरी में भारी मात्रा में सामान भरा था। इससे दमकल कर्मचारियों को आग बुझाने में कठिनाई हुई। यहां तक कि आग के करीब पहुंचने के लिए रास्ते भी खाली नहीं थे। सीढ़ियों में भी बहुत ज्यादा सामान रखा था।
कारण अभी स्पष्ट नहीं
आग लगने का कारण अभी स्पष्ट नहीं हो पाया है। हालांकि बचाव कार्यों पर नजर रख रहे एक सरकारी कर्मचारी ने बताया कि फैक्टरी में बिजली सप्लाई की मेन लाइन तो उस समय बंद थी, मगर कंप्यूटर सिस्टम के लिए यूपीएस आन था। इसलिए अनुमान लगाया जा रहा है कि यह घटना बिजली के शार्ट सर्किट से हुई।
400 से अधिक श्रमिकों के रोजगार पर संकट
फिजिक फुटवियर इंडस्ट्री में आग लगने से भारी नुकसान हुआ है। मालिकों को आर्थिक नुकसान के अलावा 400 से अधिक श्रमिकों का रोजगार भी कई महीने के लिए खत्म हो गया है। इससे इन परिवारों के समक्ष रोजी रोटी का संकट खड़ा हो गया है। शनिवार को अपनी फैक्टरी को जलती देख कई श्रमिक हताश नजर आ रहे थे। दिल्ली से आए फैक्टरी मालिक के परिजन भी अपने आंसू नहीं रोक पाए। फैक्टरी मालिक अर्जुन पुरी का कहना है कि नुकसान का सही आकलन अभी नहीं हो पाया है, लेकिन करोड़ों का नुकसान हुआ है।
इन्होंने रखी नजर
एसडीएम जगनिवास व तहसीलदार नरेंद्र ने भी कई बार घटनास्थल पहुंचकर बचाव कार्यों का जायजा लिया। बहादुरगढ़ चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज के उपाध्यक्ष नरेंद्र छिकारा लगातार मौके पर जमे रहे।
इन जिलों से बुलानी पड़ी दमकल गाड़ियां
बहादुरगढ़ : 4
रोहतक : 4
दिल्ली : 3
सोनीपत : 2
झज्जर : 1
दमकल कर्मी : 75
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बहादुरगढ़।
एचएसआईडीसी की ओर से विकसित फुटवियर पार्क की एक हवाई चप्पल फैक्टरी आग लगने से नष्ट हो गई। आग पर काबू पाने के लिए दिल्ली, रोहतक, सोनीपत व झज्जर से भी दमकल फायर ब्रिगेड बुलानी पड़ी। इसके बावजूद शनिवार शाम तक भी आग पूरी तरह शांत नहीं हो पाई। इस भयंकर आग से कंपनी का करोड़ों रुपये का नुकसान हुआ है।
सेक्टर-17 के फुटवियर पार्क की फिजिक फुटवियर लि. इंडस्ट्री में शनिवार सुबह करीब 4 बजे आग लग गई। चौकीदार को फैक्टरी भवन में धुआं उठता दिखाई दिया तो उसने फैक्टरी प्रबंधकों और फायर ब्रिगेड को सूचित किया। बहादुरगढ़ के दोनों दमकल केंद्रों की चार गाड़ियां मौके पर पहुंच गई और आग बुझाने की कोशिश शुरू कर दी। जिला दमकल अधिकारी डीके नंदा ने बताया कि फुटवियर बनाने में कई तरह के अत्यंत शीघ्र ज्वलनशील पदार्थों का इस्तेमाल किया जाता है, इसलिए आग विकराल रूप लेती गई। कच्चे माल और कुछ सामान को बचाने की कोशिश की गई। लेकिन रात के समय श्रमिकों न मिलने से बचाव कार्य सही गति से नहीं चल पाया। कच्चे व तैयार माल, मशीनों और पूरे भवन को आग ने अपनी चपेट में ले लिया। फैक्टरी प्रबंधन ने दिल्ली दमकल से मदद मांगी। वहां से तीन गाड़ियां आईं। कुल मिलाकर 14 दमकल गाड़ियां शनिवार सुबह करीब 4 बजे लगी आग को शाम तक भी पूरी तरह शांत नहीं कर पाई।
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बच गया जानी नुकसान
हर रात की तरह शुक्रवार रात को भी फिजिक इंडस्ट्री में उत्पादन कार्य बंद था। उस समय केवल एक चौकीदार ही फैक्टरी परिसर में था। इसलिए सौभाग्य से जानी नुकसान नहीं हुआ। अन्यथा आग व उसके धुएं का गुब्बार इतना भयानक था कि कोई भी चपेट में आ सकता था।
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आग बुझाने में हुई कठिनाई
दमकल अधिकारी नंदा ने बताया कि कई कारणों सेे बचाव कार्यों में दिक्कतें आई। अनुमान लगाया गया है कि आग की शुरुआत फैक्टरी के बेसमेंट से हुई। फैक्टरी में भारी मात्रा में सामान भरा था। इससे दमकल कर्मचारियों को आग बुझाने में कठिनाई हुई। यहां तक कि आग के करीब पहुंचने के लिए रास्ते भी खाली नहीं थे। सीढ़ियों में भी बहुत ज्यादा सामान रखा था।
कारण अभी स्पष्ट नहीं
आग लगने का कारण अभी स्पष्ट नहीं हो पाया है। हालांकि बचाव कार्यों पर नजर रख रहे एक सरकारी कर्मचारी ने बताया कि फैक्टरी में बिजली सप्लाई की मेन लाइन तो उस समय बंद थी, मगर कंप्यूटर सिस्टम के लिए यूपीएस आन था। इसलिए अनुमान लगाया जा रहा है कि यह घटना बिजली के शार्ट सर्किट से हुई।
400 से अधिक श्रमिकों के रोजगार पर संकट
फिजिक फुटवियर इंडस्ट्री में आग लगने से भारी नुकसान हुआ है। मालिकों को आर्थिक नुकसान के अलावा 400 से अधिक श्रमिकों का रोजगार भी कई महीने के लिए खत्म हो गया है। इससे इन परिवारों के समक्ष रोजी रोटी का संकट खड़ा हो गया है। शनिवार को अपनी फैक्टरी को जलती देख कई श्रमिक हताश नजर आ रहे थे। दिल्ली से आए फैक्टरी मालिक के परिजन भी अपने आंसू नहीं रोक पाए। फैक्टरी मालिक अर्जुन पुरी का कहना है कि नुकसान का सही आकलन अभी नहीं हो पाया है, लेकिन करोड़ों का नुकसान हुआ है।
इन्होंने रखी नजर
एसडीएम जगनिवास व तहसीलदार नरेंद्र ने भी कई बार घटनास्थल पहुंचकर बचाव कार्यों का जायजा लिया। बहादुरगढ़ चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज के उपाध्यक्ष नरेंद्र छिकारा लगातार मौके पर जमे रहे।
इन जिलों से बुलानी पड़ी दमकल गाड़ियां
बहादुरगढ़ : 4
रोहतक : 4
दिल्ली : 3
सोनीपत : 2
झज्जर : 1
दमकल कर्मी : 75