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सीएम बोले-नो मोर पॉवर कट, लग रहे दस दस घंटे कट
Updated Sat, 18 Nov 2017 11:42 PM IST
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सीएम बोले-नो मोर पॉवर कट, लग रहे दस दस घंटे कट
अमर उजाला ब्यूरो
चरखी दादरी।
सीएम के आदेशों के बाद भी जिले में लगातार बिजली कट लग रहे हैं। इस समय शहरवासियों को आठ से दस घंटे तक के अघोषित बिजली कट झेलने पड़ रहे हैं। बीते तीन दिनों से तो हालात और विकट हैं। दिन के समय लोगों को पांच से छह घंटे ही बिजली सप्लाई मिल पा रही है। सर्दी की शुरूआत में ही पावर कटों का सिलसिला शुरू होने से शहरवासी बेहद परेशान हैं। वहीं, बिजली निगम के अधिकारी कटों का कारण मेंटिनेंस कार्य बता रहे हें। निगम अधिकारियों का तर्क है कि नवंबर माह के अंत तक पूरे शहर में मेंटिनेंस काम पूरा हो जाएगा और इसके बाद शहर में बिजली कटों से पूर्णतया निजात मिल जाएगा। इससे पहले अक्तूबर माह में दो दिवसीय जिला प्रवास कार्यक्रम के दौरान सूबे के मुखिया ने दादरी शहर को पावर कटों से मुक्त करने के निर्देश बिजली निगम के अधिकारियों को दिए थे। इसके बाद से ही स्थिति में कोई खास सुधार नजर नहीं आया। पहले जहां शेड्यूल बिजली कट लोगों के लिए आपूर्ति बने थे तो वहीं अब अघोषित पावर कट लोगों के गले की फांस बनी है।
वार्डों की अधिकतर गलियों में बिजली की कंडम तारें लगी हुई हैं। लोगों ोि बिजली के कटों के कारण काफी दिक्कत उठानी पड़ रही है। दुकानदार, श्रमिक व व्यापारी वर्ग बिजली कटों से परेशान हैं। शहर में साढ़े 14 हजार पेयजल उपभोक्ता है। शहर में प्रतिमाह 82 लाख यूनिट की खपत होती है। अब तो शहर का लाइन लोस भी इतना ज्यादा नहीं हैै। शहर में पावर कटों के साथ- साथ फॉल्ट भी ज्यादा आ रहे हैं। कई फीडर तो ओवरलोड चल रहे हैं। कई बार तो बारी-बारी से फीडर चलाने पड़ रहे हैं ताकि लोड बढ़ने पर लाइन व पावर बस स्टेशन में खराब न आ जाए। शहर के मेन पावर सब स्टेशन की क्षमता 950 एंपियर है। निगम शहर में तीन नए फीडर चालू करने की भी पूरी प्लानिंग में है। इन फीडरों का तकरीबन काम पूरा होने को है। नए फीडर पूरी तरह से चालू होने पर ही शहर के लोड को कम किया जा सकता है।
सीएम के आदेशों के बावजूद घंटों गुल रह रही बिजली
अक्तूबर माह में सीएम मनोहर लाल ने दादरी के अधिकारियों को ‘नो मोर पावर कट इन द सिटी’ के आदेश दिए थे। बिजली विभाग अधिकारियों ने कुछ समय के लिए आदेशों की पालना की लेकिन अब लगातार बिजली के पावर कट लग रहे हैं। सुबह व सांय के समय पांच-पांच घंटों तक पावर कट लग रहे हैं। बिजली पावर कटों का विभाग ने कोई समय निर्धारित नहीं कर रखा है। पेयजल की सप्लाई के दौरान भी बिजली के कट लग रहे हैं जिसके कारण लोगों को पर्याप्त मात्रा में पेयजल नहीं मिल पाता है। बिजली की समस्या लोगों के लिए आफत बन गई है।
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बैंकों व सरकारी कार्यालयों का कामकाज बाधित
बिजली कट की वजह से बैंकों, डाकघर व सरकारी कार्यालयों में रूटीन का कामकाज प्रभावित हो रहा है। लंबे पावर कटों की वजह से इंनवर्टर का बैकअप भी खत्म हो जाता है जिससे रूटीन का कामकाज न होने पर लोगों को खासी परेशानी झेलनी पड़ती है। सभी कार्यालयों में कंप्यूटर सिस्टम के जरिए कामकाज निपटाया जाता है। तहसील परिसर का भी कामकाज बाधित होता है।
कुशल, अर्धकुशल श्रमिक बैठकर बीताते हैं समय
पॉवर कटों की वजह से शहर में काम करने वाले कुशल और अर्ध कुशल श्रमिकों को दुकानों पर खाली बैठकर समय बिताना पड़ रहा है। शादी के सीजन होने पर टेलर मार्केट का काम ज्यादा प्रभावित हो रहा है। लकड़ी बढ़ई, खराद व काठमंडी में टाइल आदि कटिंग का काम भी ठप हो जाता है। इतना ही नहीं भवन निर्माण के कामकाज पर भी बुरा असर पड़ रहा है। इस प्रकार पावर कटों से लोगों की दिनचर्या बिगड़ गई है।
पेयजल आपूर्ति पर पड़ रहा असर
मेंटिनेंस कार्य के नाम पर निगम अधिकारी सुबह-शाम शहर में बिजली कट लगा रहे हैं। इसका सीधे तौर पर असर पेयजल आपूर्ति पर भी पड़ रहा है। पानी का प्रेशर कम होने व घरों की बत्ती गुल होने से लोग मोटर नहीं चल पाते। इस कारण लाइन से पानी का उठान नहीं हो पाता। जब तक बिजली आती है तब तक पेयजल सप्लाई चली जाती है और ऐसे में लोगों को पेयजल संकट का सामना करना पड़ रहा है।
निगम की मनमर्जी का खामियाजा भुगत रहे लोग
बिजली निगम की मनमर्जी का खामियाजा आम उपभोक्ताओं को भुगतना पड़ रहा है। तीन दिनों से निगम दिनभर में 12 घंटे तक कट लगा रहा है। निगम को अब सर्दी के मौसम में बिजली आपूर्ति के लिए नई प्लानिंग तैयार कर लेनी चाहिए। सुबह शाम पॉवर कट नहीं लगने चाहिए। - सुरेंद्र, वार्ड-18
बिजली कटों के कारण पेयजल की आपूर्ति भी सही प्रकार से नहीं हो पा रही है। पेयजल की सप्लाई के दौरान बिजली विभाग पॉवर कट लगा देता है।
जिससे पानी की भी कमी बनी रहती है। पानी सप्लाई पर भी प्रतिकूल असर पड़ रहा है। - सत्यवान, वार्ड-17
बिजली निगम बिना शेड्यूल के ही पॉवर कट लगा रहा है। दुकानदार वर्ग का सारा कारोबार प्रभावित हो रहा है। दिन में घंटों कट लगने से दुकानदार को काफी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ता है। सर्दी में पॉवर कट नहीं लगाने चाहिए। खराब तारों को भी बदलना चाहिए। - शमशेर, वार्ड-4
बिजली कट लोगों के लिए आफत बन गए हैं। विभाग को पावर कट के लिए प्लानिंग के तहत काम करना चाहिए। बिजली कट के कारण पेयजल आपूर्ति भी नहीं हो पा रही है। जब पानी सप्लाई होता है तब पॉवर कट लगने के कारण पानी का दबाव नहीं बन पाता जिससे पानी की कमी बनी रहती है। - प्रदीप, महेंद्रगढ़ चौक निवासी
वर्सन---
शहर में इस समय बिजली तारों व जंफरों का मेंटिनेंस कार्य चल रहा है। ये पावर कट नहीं है। नवंबर माह के अंत तक पूरे शहर में मेंटिनेंस कार्य पूरा कर लिया जाएगा और इसके बाद बिजली किल्लत नहीं रहेगी। लाइन लॉस को नीचे लाने का प्रयास भी बिजली निगम साथ-साथ कर रहा है। - विक्रम परमार, एसडीओ, बिजली निगम
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अमर उजाला ब्यूरो
चरखी दादरी।
सीएम के आदेशों के बाद भी जिले में लगातार बिजली कट लग रहे हैं। इस समय शहरवासियों को आठ से दस घंटे तक के अघोषित बिजली कट झेलने पड़ रहे हैं। बीते तीन दिनों से तो हालात और विकट हैं। दिन के समय लोगों को पांच से छह घंटे ही बिजली सप्लाई मिल पा रही है। सर्दी की शुरूआत में ही पावर कटों का सिलसिला शुरू होने से शहरवासी बेहद परेशान हैं। वहीं, बिजली निगम के अधिकारी कटों का कारण मेंटिनेंस कार्य बता रहे हें। निगम अधिकारियों का तर्क है कि नवंबर माह के अंत तक पूरे शहर में मेंटिनेंस काम पूरा हो जाएगा और इसके बाद शहर में बिजली कटों से पूर्णतया निजात मिल जाएगा। इससे पहले अक्तूबर माह में दो दिवसीय जिला प्रवास कार्यक्रम के दौरान सूबे के मुखिया ने दादरी शहर को पावर कटों से मुक्त करने के निर्देश बिजली निगम के अधिकारियों को दिए थे। इसके बाद से ही स्थिति में कोई खास सुधार नजर नहीं आया। पहले जहां शेड्यूल बिजली कट लोगों के लिए आपूर्ति बने थे तो वहीं अब अघोषित पावर कट लोगों के गले की फांस बनी है।
वार्डों की अधिकतर गलियों में बिजली की कंडम तारें लगी हुई हैं। लोगों ोि बिजली के कटों के कारण काफी दिक्कत उठानी पड़ रही है। दुकानदार, श्रमिक व व्यापारी वर्ग बिजली कटों से परेशान हैं। शहर में साढ़े 14 हजार पेयजल उपभोक्ता है। शहर में प्रतिमाह 82 लाख यूनिट की खपत होती है। अब तो शहर का लाइन लोस भी इतना ज्यादा नहीं हैै। शहर में पावर कटों के साथ- साथ फॉल्ट भी ज्यादा आ रहे हैं। कई फीडर तो ओवरलोड चल रहे हैं। कई बार तो बारी-बारी से फीडर चलाने पड़ रहे हैं ताकि लोड बढ़ने पर लाइन व पावर बस स्टेशन में खराब न आ जाए। शहर के मेन पावर सब स्टेशन की क्षमता 950 एंपियर है। निगम शहर में तीन नए फीडर चालू करने की भी पूरी प्लानिंग में है। इन फीडरों का तकरीबन काम पूरा होने को है। नए फीडर पूरी तरह से चालू होने पर ही शहर के लोड को कम किया जा सकता है।
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सीएम के आदेशों के बावजूद घंटों गुल रह रही बिजली
अक्तूबर माह में सीएम मनोहर लाल ने दादरी के अधिकारियों को ‘नो मोर पावर कट इन द सिटी’ के आदेश दिए थे। बिजली विभाग अधिकारियों ने कुछ समय के लिए आदेशों की पालना की लेकिन अब लगातार बिजली के पावर कट लग रहे हैं। सुबह व सांय के समय पांच-पांच घंटों तक पावर कट लग रहे हैं। बिजली पावर कटों का विभाग ने कोई समय निर्धारित नहीं कर रखा है। पेयजल की सप्लाई के दौरान भी बिजली के कट लग रहे हैं जिसके कारण लोगों को पर्याप्त मात्रा में पेयजल नहीं मिल पाता है। बिजली की समस्या लोगों के लिए आफत बन गई है।
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बैंकों व सरकारी कार्यालयों का कामकाज बाधित
बिजली कट की वजह से बैंकों, डाकघर व सरकारी कार्यालयों में रूटीन का कामकाज प्रभावित हो रहा है। लंबे पावर कटों की वजह से इंनवर्टर का बैकअप भी खत्म हो जाता है जिससे रूटीन का कामकाज न होने पर लोगों को खासी परेशानी झेलनी पड़ती है। सभी कार्यालयों में कंप्यूटर सिस्टम के जरिए कामकाज निपटाया जाता है। तहसील परिसर का भी कामकाज बाधित होता है।
कुशल, अर्धकुशल श्रमिक बैठकर बीताते हैं समय
पॉवर कटों की वजह से शहर में काम करने वाले कुशल और अर्ध कुशल श्रमिकों को दुकानों पर खाली बैठकर समय बिताना पड़ रहा है। शादी के सीजन होने पर टेलर मार्केट का काम ज्यादा प्रभावित हो रहा है। लकड़ी बढ़ई, खराद व काठमंडी में टाइल आदि कटिंग का काम भी ठप हो जाता है। इतना ही नहीं भवन निर्माण के कामकाज पर भी बुरा असर पड़ रहा है। इस प्रकार पावर कटों से लोगों की दिनचर्या बिगड़ गई है।
पेयजल आपूर्ति पर पड़ रहा असर
मेंटिनेंस कार्य के नाम पर निगम अधिकारी सुबह-शाम शहर में बिजली कट लगा रहे हैं। इसका सीधे तौर पर असर पेयजल आपूर्ति पर भी पड़ रहा है। पानी का प्रेशर कम होने व घरों की बत्ती गुल होने से लोग मोटर नहीं चल पाते। इस कारण लाइन से पानी का उठान नहीं हो पाता। जब तक बिजली आती है तब तक पेयजल सप्लाई चली जाती है और ऐसे में लोगों को पेयजल संकट का सामना करना पड़ रहा है।
निगम की मनमर्जी का खामियाजा भुगत रहे लोग
बिजली निगम की मनमर्जी का खामियाजा आम उपभोक्ताओं को भुगतना पड़ रहा है। तीन दिनों से निगम दिनभर में 12 घंटे तक कट लगा रहा है। निगम को अब सर्दी के मौसम में बिजली आपूर्ति के लिए नई प्लानिंग तैयार कर लेनी चाहिए। सुबह शाम पॉवर कट नहीं लगने चाहिए। - सुरेंद्र, वार्ड-18
बिजली कटों के कारण पेयजल की आपूर्ति भी सही प्रकार से नहीं हो पा रही है। पेयजल की सप्लाई के दौरान बिजली विभाग पॉवर कट लगा देता है।
जिससे पानी की भी कमी बनी रहती है। पानी सप्लाई पर भी प्रतिकूल असर पड़ रहा है। - सत्यवान, वार्ड-17
बिजली निगम बिना शेड्यूल के ही पॉवर कट लगा रहा है। दुकानदार वर्ग का सारा कारोबार प्रभावित हो रहा है। दिन में घंटों कट लगने से दुकानदार को काफी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ता है। सर्दी में पॉवर कट नहीं लगाने चाहिए। खराब तारों को भी बदलना चाहिए। - शमशेर, वार्ड-4
बिजली कट लोगों के लिए आफत बन गए हैं। विभाग को पावर कट के लिए प्लानिंग के तहत काम करना चाहिए। बिजली कट के कारण पेयजल आपूर्ति भी नहीं हो पा रही है। जब पानी सप्लाई होता है तब पॉवर कट लगने के कारण पानी का दबाव नहीं बन पाता जिससे पानी की कमी बनी रहती है। - प्रदीप, महेंद्रगढ़ चौक निवासी
वर्सन---
शहर में इस समय बिजली तारों व जंफरों का मेंटिनेंस कार्य चल रहा है। ये पावर कट नहीं है। नवंबर माह के अंत तक पूरे शहर में मेंटिनेंस कार्य पूरा कर लिया जाएगा और इसके बाद बिजली किल्लत नहीं रहेगी। लाइन लॉस को नीचे लाने का प्रयास भी बिजली निगम साथ-साथ कर रहा है। - विक्रम परमार, एसडीओ, बिजली निगम