{"_id":"5c1bfbc5bdec22571875b3e3","slug":"201545337797-jhajjar-bahadurgarh-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"बामनोली में अवैध कब्जे हटाने गई थी टीम, लोगों ने विरोध किया तो वापस खींचे कदम","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
बामनोली में अवैध कब्जे हटाने गई थी टीम, लोगों ने विरोध किया तो वापस खींचे कदम
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बहादुरगढ़। गांव बामनोली में अवैध कब्जे हटाने पहुंची प्रशासनिक टीम का लोगों ने जमकर विरोध किया। लोगों की प्रशासनिक अधिकारियों व सरपंच के साथ सीधी तकरार हुई तो तनाव की स्थिति पैदा हो गई। हंगामे के बीच ग्रामीणों ने खुद कब्जे हटाने की बात कहते हुए कुछ दिनों की मोहलत मांगी तो प्रशासनिक टीम ने अभियान रोक दिया। आज शुक्रवार को मोहलत के लिए ग्रामीण अपने अपने एफिडेविट जमा कराएंगे, साथ ही एसडीएम से भी मुलाकात करेंगे।
सात साल पुराना मामला
दरअसल, गांव बामनोली की फिरनी (निजामपुर मार्ग) पर काफी मकान बने हुए हैं। वर्ष-2011 मेें जब यहां की पैमाइश हुई तो 27 मकानों का काफी हिस्सा सरकारी जमीन की जद में पाया गया। इसके बाद पंचायत एवं प्रशासन की ओर से उक्त लोगों को नोटिस दिए गए। गत सात वर्षों में इन लोगों को पांच-छह बार नोटिस दिए जाने के बावजूद भी लोगों ने अपने कब्जे नहीं हटाए तो अब पंचायत और प्रशासन ने सख्त कदम उठाने का फैसला लिया। कब्जे हटाने के लिए टीम नियुक्त हुई और वीरवार को गांव में पहुंची।
लोग बोले, मजबूत लोगों के कब्जे दिखाई नहीं देते, गरीबों को उजाड़ने आ गए
ड्यूटी मजिस्ट्रेट नायब तहसीलदार श्रीभगवान की अगुवाई में प्रशासनिक अधिकारी एवं काफी पुलिसकर्मी दोपहर ठीक 12 बजे फिरनी पर पहुंचे। इधर, प्रशासनिक टीम के पहुंचने से पहले ही लोग एकत्र हो चुके थे। तनाव का माहौल था। जैसे ही जेसीबी और सरकारी गाडिय़ां घरों के नजदीक पहुंची तो लोगों ने विरोध शुरू कर दिया। लोगों ने अधिकारियों को ही खरी खोटी सुनाते हुए कहा कि मजबूत लोगों के कब्जों को कोई नहीं देखता, बस यहां गरीब दिखे तो उजाड़ने आ गए। महिलाओं ने कहा कि वे तो मकानों के आगे से हटेंगी नहीं, जेसीबी चलेगी तो उनके ऊपर से होकर जाएगी।
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गाम राम होया करै, क्यों गरीबां न उजड़वावै सै
इसी हंगामे के बीच गांव के कुछ लोगों ने सरपंच को निशाने पर ले लिया और कहा कि गाम राम होया करै, क्यों गरीबां न उजड़वावै सै। थोड़ा टाइम दिवा दे ये खुद ही कब्जे हटा लैंगे। इधर, सरपंच कब्जे हटवाने के पक्ष में थे तो गांव के ही धर्मवीर पहलवान लोगों के पक्ष में थे। धर्मवीर पहलवान और सरपंच दीपक के बीच खूब तीखी बहस हुई। हालात बिगड़ते देख अधिकारियों ने एसडीएम से फोन पर बातचीत की। इसके नायब तहसीलदार ने लोगों से कहा कि वे किसी को मोहलत नहीं दे सकते, मोहलत के लिए एसडीएम साहब से बात करें। इसके बाद एक चौपाल में उन लोगों को बुलाया गया, जिनके मकान सरकारी जमीन की जद में हैं। बातचीत कर टीम वापस लौट गई।
15 से 20 फुट टूटेंगे
नाहरा-नाहरी रोड से फिरनी में प्रवेश करते हुए बाई ओर 15 से 20 फुट तक कब्जे तोड़े जाएंगे। जबकि दाईं तरफ 10 फुट तक कब्जे ढहाए जाएंगे। अधिकांश मकान बाई तरफ हैं। ये कब्जे हटते हैं तो इस मार्ग की चौड़ाई काफी बढ़ जाएगी। फिलहाल मार्ग सिर्फ 27 फुट ही चौड़ा है। यह मार्ग नाहरा-नाहरी मार्ग को दिल्ली के निजामपुर गांव से जोड़ता है।
सरपंच बोले
गांव के सरपंच दीपक उर्फ माइकल ने कहा कि पिछले एक साल में वह दो बार तो उक्त लोगों को नोटिस दे चुके हैं। कई बार मौखिक तौर पर भी कब्जे हटाने के लिए कहा गया। उनके लिए पूरे गांव के लोग एक सामान हैं। बात इनको हटवाने की नहीं है, लेकिन ये कब्जे नहीं हटते हैं तो कल को अन्य लोग भी कब्जा कर लेंगे। लोग खुद ही कब्जे हटा लें तो प्रशासनिक टीम की यहां आने की जरूरत ही न पड़ती। कब्जे हटते हैं तो मार्ग चौड़ा होगा, इससे लोगों को ही लाभ होगा। लोग खुद ही कब्जे हटा लें।
मोहलत के लिए जमा कराने होंगे एफिडेविट
अदालत के आदेश पर कार्रवाई करने गए थे, लोगों ने एक महीने की मोहलत मांगी तो एसडीएम साहब को अवगत करा दिया गया। फिलहाल तो कार्रवाई रोकी जा रही है। उक्त लोगों को मोहलत के लिए गिरदावर के पास एफिडेविट जमा कराने हैं। फिर उच्चाधिकारियों के आदेश के बाद ही अगली कार्रवाई होगी।
श्रीभगवान, नायब तहसीलदार बहादुरगढ़
सात साल पुराना मामला
दरअसल, गांव बामनोली की फिरनी (निजामपुर मार्ग) पर काफी मकान बने हुए हैं। वर्ष-2011 मेें जब यहां की पैमाइश हुई तो 27 मकानों का काफी हिस्सा सरकारी जमीन की जद में पाया गया। इसके बाद पंचायत एवं प्रशासन की ओर से उक्त लोगों को नोटिस दिए गए। गत सात वर्षों में इन लोगों को पांच-छह बार नोटिस दिए जाने के बावजूद भी लोगों ने अपने कब्जे नहीं हटाए तो अब पंचायत और प्रशासन ने सख्त कदम उठाने का फैसला लिया। कब्जे हटाने के लिए टीम नियुक्त हुई और वीरवार को गांव में पहुंची।
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लोग बोले, मजबूत लोगों के कब्जे दिखाई नहीं देते, गरीबों को उजाड़ने आ गए
ड्यूटी मजिस्ट्रेट नायब तहसीलदार श्रीभगवान की अगुवाई में प्रशासनिक अधिकारी एवं काफी पुलिसकर्मी दोपहर ठीक 12 बजे फिरनी पर पहुंचे। इधर, प्रशासनिक टीम के पहुंचने से पहले ही लोग एकत्र हो चुके थे। तनाव का माहौल था। जैसे ही जेसीबी और सरकारी गाडिय़ां घरों के नजदीक पहुंची तो लोगों ने विरोध शुरू कर दिया। लोगों ने अधिकारियों को ही खरी खोटी सुनाते हुए कहा कि मजबूत लोगों के कब्जों को कोई नहीं देखता, बस यहां गरीब दिखे तो उजाड़ने आ गए। महिलाओं ने कहा कि वे तो मकानों के आगे से हटेंगी नहीं, जेसीबी चलेगी तो उनके ऊपर से होकर जाएगी।
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गाम राम होया करै, क्यों गरीबां न उजड़वावै सै
इसी हंगामे के बीच गांव के कुछ लोगों ने सरपंच को निशाने पर ले लिया और कहा कि गाम राम होया करै, क्यों गरीबां न उजड़वावै सै। थोड़ा टाइम दिवा दे ये खुद ही कब्जे हटा लैंगे। इधर, सरपंच कब्जे हटवाने के पक्ष में थे तो गांव के ही धर्मवीर पहलवान लोगों के पक्ष में थे। धर्मवीर पहलवान और सरपंच दीपक के बीच खूब तीखी बहस हुई। हालात बिगड़ते देख अधिकारियों ने एसडीएम से फोन पर बातचीत की। इसके नायब तहसीलदार ने लोगों से कहा कि वे किसी को मोहलत नहीं दे सकते, मोहलत के लिए एसडीएम साहब से बात करें। इसके बाद एक चौपाल में उन लोगों को बुलाया गया, जिनके मकान सरकारी जमीन की जद में हैं। बातचीत कर टीम वापस लौट गई।
15 से 20 फुट टूटेंगे
नाहरा-नाहरी रोड से फिरनी में प्रवेश करते हुए बाई ओर 15 से 20 फुट तक कब्जे तोड़े जाएंगे। जबकि दाईं तरफ 10 फुट तक कब्जे ढहाए जाएंगे। अधिकांश मकान बाई तरफ हैं। ये कब्जे हटते हैं तो इस मार्ग की चौड़ाई काफी बढ़ जाएगी। फिलहाल मार्ग सिर्फ 27 फुट ही चौड़ा है। यह मार्ग नाहरा-नाहरी मार्ग को दिल्ली के निजामपुर गांव से जोड़ता है।
सरपंच बोले
गांव के सरपंच दीपक उर्फ माइकल ने कहा कि पिछले एक साल में वह दो बार तो उक्त लोगों को नोटिस दे चुके हैं। कई बार मौखिक तौर पर भी कब्जे हटाने के लिए कहा गया। उनके लिए पूरे गांव के लोग एक सामान हैं। बात इनको हटवाने की नहीं है, लेकिन ये कब्जे नहीं हटते हैं तो कल को अन्य लोग भी कब्जा कर लेंगे। लोग खुद ही कब्जे हटा लें तो प्रशासनिक टीम की यहां आने की जरूरत ही न पड़ती। कब्जे हटते हैं तो मार्ग चौड़ा होगा, इससे लोगों को ही लाभ होगा। लोग खुद ही कब्जे हटा लें।
मोहलत के लिए जमा कराने होंगे एफिडेविट
अदालत के आदेश पर कार्रवाई करने गए थे, लोगों ने एक महीने की मोहलत मांगी तो एसडीएम साहब को अवगत करा दिया गया। फिलहाल तो कार्रवाई रोकी जा रही है। उक्त लोगों को मोहलत के लिए गिरदावर के पास एफिडेविट जमा कराने हैं। फिर उच्चाधिकारियों के आदेश के बाद ही अगली कार्रवाई होगी।
श्रीभगवान, नायब तहसीलदार बहादुरगढ़