{"_id":"5bb905a8867a5514b16c6dd9","slug":"201538852264-jhajjar-bahadurgarh-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"पार्षद की गिरफ्तारी को लेकर कर्मचारियों ने विधायक के आफिस के बाहर किया प्रदर्शन 17-43-01","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
पार्षद की गिरफ्तारी को लेकर कर्मचारियों ने विधायक के आफिस के बाहर किया प्रदर्शन 17-43-01
Updated Sun, 07 Oct 2018 12:27 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
अमर उजाला ब्यूरो
बहादुरगढ़। मनोनीत पार्षद और कर्मचारियों के बीच चल रहा विवाद थमने का नाम नहीं ले रहा। शनिवार को नगर परिषद के सफाई कर्मी हड़ताल पर रहे। दोपहर बाद कर्मचारियों ने विधायक नरेश कौशिक के आफिस के बाहर प्रदर्शन किया। विधायक की अनुपस्थिति में पीए ज्ञापन लेने आया तो कर्मचारियों ने नहीं दिया। बिना ज्ञापन दिए ही नारेबाजी करते हुए कर्मचारी वापस धरना स्थल पर लौट गए और बोले की जब तक पार्षद की गिरफ्तारी नहीं होती उनका धरना जारी रहेगा।
गत 28 सितंबर से नगर परिषद गेट के बाहर धरने पर बैठे कर्मचारी मनोनीत पार्षद पालेराम की गिरफ्तारी की मांग पर अड़े हैं। पार्षद की गिरफ्तारी न होने के चलते कर्मचारियों में रोष बढ़ रहा है। इसी के चलते शनिवार को कर्मचारियों ने शहर में जुलूस प्रदर्शन किया। नारेबाजी करते हुए कर्मचारी दिल्ली-रोहतक रोड और झज्जर रोड से होते हुए विधायक आफिस पहुंचे। यहां पर कर्मचारियों ने काफी देर तक मनोनीत पार्षद के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। इसके बाद कर्मचारियों ने विधायक को ज्ञापन सौंपने के लिए कहा, मगर विधायक नरेश कौशिक अपने कार्यालय पर मौजूद नहीं थे। जिस पर विधायक के पीए ने ज्ञापन लेने की बात कही, मगर कर्मचारी विधायक नरेश कौशिक को ही ज्ञापन देने की जिद पर अड़े रहे। इसके बाद कर्मचारी विधायक कार्यालय के बाहर की डेरा जमाकर बैठ गए।
कर्मचारियों का कहना था कि एसएसी एसटी धारा के तहत केस दर्ज होने के बाद भी आज नौवें दिन तक पुलिस पार्षद को गिरफ्तार नहीं कर पाई है। यह सब पुलिस की ढिलाई और प्रशासन की कर्मचारियों के प्रति भेद की नीति दर्शाता है। जब तक पार्षद की गिरफ्तारी नहीं होगी, तब तक उनका धरना जारी रहेगा। कर्मचारियों ने चेतावनी दी कि रविवार की शाम तक यदि पार्षद की गिरफ्तारी नहीं होती तो पूरे हरियाणा के पालिका, परिषद कर्मी प्रदर्शन करेंगे। नप कर्मचारियों द्वारा सड़क पर बैठ जाने के बाद हालांकि कुछ समय के लिए सड़क पर जाम की स्थिति भी बनी रही, मगर कुछ पार्षदों व पुलिस कर्मचारियों ने उन्हें समझा बुझाकर सड़क से हटा दिया। नप कर्मचारियों के इस प्रदर्शन के दौरान पार्षद समुंद्र सहवाग, पार्षद शशि, संदीप कुमार, रवींद्र जाखड़ सहित कई अन्य लोग भी शामिल रहे।
विज्ञापन
सिटी पार्क मेट्रो स्टेशन के पास अवैध अतिक्रमण फैला हुआ था। सड़क तक रेहड़ी वालों व छुट्टे दुकानदारों का कब्जा था। जिला उपायुक्त के आदेश पर नगर परिषद की टीम अतिक्रमण को हटाने पहुंची तो विवाद हो गया। इस विवाद में अतिक्रमणकारियों व टीम के बीच हाथापाई तक हो गई। भाजपा के मनोनीत पार्षद राजपाल शर्मा उर्फ पालेराम व कुछ अन्य पर मारपीट करने, धमकी देने व जातिसूचक शब्द कहे जाने के आरोप लगाए गए। इस मामले में पार्षद राजपाल उर्फ पालेराम व एक अन्य पर एसएसटी एक्ट, मारपीट व अन्य धाराओं के तहत केस दर्ज हुआ। पार्षद की गिरफ्तारी को लेकर कर्मचारी धरने पर बैठे हुए हैं।
विज्ञापन
बहादुरगढ़। मनोनीत पार्षद और कर्मचारियों के बीच चल रहा विवाद थमने का नाम नहीं ले रहा। शनिवार को नगर परिषद के सफाई कर्मी हड़ताल पर रहे। दोपहर बाद कर्मचारियों ने विधायक नरेश कौशिक के आफिस के बाहर प्रदर्शन किया। विधायक की अनुपस्थिति में पीए ज्ञापन लेने आया तो कर्मचारियों ने नहीं दिया। बिना ज्ञापन दिए ही नारेबाजी करते हुए कर्मचारी वापस धरना स्थल पर लौट गए और बोले की जब तक पार्षद की गिरफ्तारी नहीं होती उनका धरना जारी रहेगा।
गत 28 सितंबर से नगर परिषद गेट के बाहर धरने पर बैठे कर्मचारी मनोनीत पार्षद पालेराम की गिरफ्तारी की मांग पर अड़े हैं। पार्षद की गिरफ्तारी न होने के चलते कर्मचारियों में रोष बढ़ रहा है। इसी के चलते शनिवार को कर्मचारियों ने शहर में जुलूस प्रदर्शन किया। नारेबाजी करते हुए कर्मचारी दिल्ली-रोहतक रोड और झज्जर रोड से होते हुए विधायक आफिस पहुंचे। यहां पर कर्मचारियों ने काफी देर तक मनोनीत पार्षद के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। इसके बाद कर्मचारियों ने विधायक को ज्ञापन सौंपने के लिए कहा, मगर विधायक नरेश कौशिक अपने कार्यालय पर मौजूद नहीं थे। जिस पर विधायक के पीए ने ज्ञापन लेने की बात कही, मगर कर्मचारी विधायक नरेश कौशिक को ही ज्ञापन देने की जिद पर अड़े रहे। इसके बाद कर्मचारी विधायक कार्यालय के बाहर की डेरा जमाकर बैठ गए।
विज्ञापन
कर्मचारियों का कहना था कि एसएसी एसटी धारा के तहत केस दर्ज होने के बाद भी आज नौवें दिन तक पुलिस पार्षद को गिरफ्तार नहीं कर पाई है। यह सब पुलिस की ढिलाई और प्रशासन की कर्मचारियों के प्रति भेद की नीति दर्शाता है। जब तक पार्षद की गिरफ्तारी नहीं होगी, तब तक उनका धरना जारी रहेगा। कर्मचारियों ने चेतावनी दी कि रविवार की शाम तक यदि पार्षद की गिरफ्तारी नहीं होती तो पूरे हरियाणा के पालिका, परिषद कर्मी प्रदर्शन करेंगे। नप कर्मचारियों द्वारा सड़क पर बैठ जाने के बाद हालांकि कुछ समय के लिए सड़क पर जाम की स्थिति भी बनी रही, मगर कुछ पार्षदों व पुलिस कर्मचारियों ने उन्हें समझा बुझाकर सड़क से हटा दिया। नप कर्मचारियों के इस प्रदर्शन के दौरान पार्षद समुंद्र सहवाग, पार्षद शशि, संदीप कुमार, रवींद्र जाखड़ सहित कई अन्य लोग भी शामिल रहे।
विज्ञापन
सिटी पार्क मेट्रो स्टेशन के पास अवैध अतिक्रमण फैला हुआ था। सड़क तक रेहड़ी वालों व छुट्टे दुकानदारों का कब्जा था। जिला उपायुक्त के आदेश पर नगर परिषद की टीम अतिक्रमण को हटाने पहुंची तो विवाद हो गया। इस विवाद में अतिक्रमणकारियों व टीम के बीच हाथापाई तक हो गई। भाजपा के मनोनीत पार्षद राजपाल शर्मा उर्फ पालेराम व कुछ अन्य पर मारपीट करने, धमकी देने व जातिसूचक शब्द कहे जाने के आरोप लगाए गए। इस मामले में पार्षद राजपाल उर्फ पालेराम व एक अन्य पर एसएसटी एक्ट, मारपीट व अन्य धाराओं के तहत केस दर्ज हुआ। पार्षद की गिरफ्तारी को लेकर कर्मचारी धरने पर बैठे हुए हैं।