जच्चा-बच्चा केंद्र के नए भवन की संभावनाओं की तलाश

Rohtak Bureau Updated Thu, 15 Mar 2018 12:48 AM IST
ख़बर सुनें
जच्चा-बच्चा केंद्र के नए भवन की संभावनाओं की तलाश
अमर उजाला ब्यूरो
चरखी दादरी।
नगर स्थित सरदार झाडू़ सिंह चौक के समीप पूर्व राष्ट्रपति ज्ञानी जैल सिंह के समय बने शहर के पुराने सिविल अस्पताल का अब नया भवन बनाने के लिए स्वास्थ्य विभाग ने तमाम संभावनाएं तलाशनी शुरू कर दी हैं। इसके लिए सीएमओ ने डिप्टी सीएमओ, पीडब्ल्यूडी विभाग के कार्यकारी अभियंता और नगर परिषद अधिकारी की एक कमेटी का गठन किया है। यह कमेटी जल्द ही सीएमओ रणदीप पूनिया को अपनी रिपोर्ट सौंपेगी। उसके बाद नए भवन का इस्टीमेट तैयार कर सरकार को भेजा जाएगा। यहां सरकार ने गत वर्ष से जच्चा-बच्चा अस्पताल को मंजूरी दे रखी है। भवन का दायरा छोटा होने और चिकित्सकों सहित अन्य सुविधाओं की कमी होने से यहां तमाम सेवाएं शुरू नहीं हो पाई है।
जिले में जच्चा-बच्चा केंद्र तो सरकार ने बना दिया लेकिन यहां अब तक सभी सेवाएं मिलनी शुरू नहीं हो पाई है। ऐसे में जच्चा-बच्चा केंद्र में तमाम सुविधाएं सुचारु रूप से शुरू न होने से लोगों को खासी परेशानी हो रही हैं। मौजूदा नए सामान्य अस्पताल में महिला प्रसूति विशेषज्ञ न होने व सभी प्रकार की सुविधाएं न होने की वजह से सामान्य डिलीवरी ही कराई जाती हैं। डिलीवरी में थोड़ी दिक्कतें आते ही मरीज को भिवानी या रोहतक पीजीआई रेफर कर दिया जाता है। वहीं, निजी अस्पतालों में डिलीवरी के नाम पर मोटी फीस वसूली जा रही है जो आम आदमी के दायरे से बाहर है।
गत वर्ष सरकार ने नगर के सरदार झाडू़ सिंह चौक के समीप पुराने सिविल अस्पताल भवन में जच्चा-बच्चा केंद्र को मंजूरी दे दी थी। लेकिन एक वर्ष से ज्यादा समय बीत जाने पर भी इस पर काम आगे नहीं बढ़ सका है। जच्चा-बच्चा केंद्र में बच्चों व महिलाओं के इलाज के लिए सभी प्रकार की सुविधाएं उपलब्ध करवाई जानी हैं। जिसमें अल्ट्रासाउंड मशीन, एक्सरे मशीन, बायल एप्रेटस मशीन, लैब के अलावा महिला चिकित्सक के पद भी स्वीकृत हो चुके हैं। यहां आठ चिकित्सकों के पद पहले से ही सृजित हो चुके हैं। इसके अलावा अन्य स्टाफ एकाउंटेंट, लैब तकनीशियन, पैथालॉजिस्ट, रेडियोग्राफर, क्लर्क व चतुर्थ श्रेणी के पद भी सृजित हो चुके हैं। अब तक धरातल पर स्टाफ की तैनाती भी नहीं हो पाई है।

पूर्व सीएम हुक्म सिंह के समय हुई थी विस्तार की प्लानिंग
स्वास्थ्य विभाग अधिकारियों को अब ध्यान आया है कि आधुनिक जच्चा-बच्चा केंद्र चलाने के लिए आधुनिक भवन की भी जरूरत पड़ेगी। आधुनिक नई व बड़ी जांच मशीनों के लिए पर्याप्त जगह चाहिए। लैब व अन्य सभी आवश्यक सुविधाएं चाहिए। शहर के बीच बना यह पुराना सिविल अस्पताल पूर्व राष्ट्रपति ज्ञानी जैल सिंह के समय का है। उस समय जिले में यही एकमात्र अस्पताल था। तत्पश्चात पूर्व सीएम हुक्म सिंह ने अस्पताल भवन का विस्तार करवाने के लिए काम शुरू करवाया था लेकिन बाद में यह निर्माण बंद हो गया था। हुक्म सिंह के शासनकाल में निर्माण के लिए बनाए गए सीमेंट के पिलर आज तक उसी अवस्था में खड़े हैं इन पर छत्त नहीं आ सकी है। इस समय इस पुराने अस्पताल भवन में एक- दो चिकित्सक जरूर बैठते हैं लेकिन सुविधा के नाम पर कुछ नहीं है। अस्पताल में टीकाकरण का काम निपटाया जाता है।

कमेटी ने पुरानी बिल्डिंग और वर्षों पहले बनाए पिलरों का लिया जायजा
अब स्वास्थ्य विभाग ने यहां पुराने भवन की जगह नई बिल्डिंग बनाए जाने की संभावनाएं तलाशने पर काम शुरू कर दिया है। इसके लिए कमेटी द्वारा मौके का जायजा ले लिया गया है। इसके लिए स्वास्थ्य विभाग के डिप्टी सीएमओ, पीडब्ल्यूडी विभाग के कार्यकारी अभियंता उदयवीर सिंह व नगर परिषद के अधिकारी की कमेटी गठित कर दी गई है। यह कमेटी इस पर रिपोर्ट तैयार कर जल्द ही स्वास्थ्य विभाग के सीएमओ को अपनी रिपोर्ट सौंपेगी। कमेटी यह आकलन करेगी कि यह पुराना भवन इस्तेमाल में लाया जा सकता है अथवा नहीं। कमेटी इन तमाम संभावनाओं को तलाशने का काम करेगी। कमेटी भवन की मियाद यानी समयावधि का भी आकलन करेगी। जल्द ही यह कमेटी अपनी रिपोर्ट सौंप देगी।

क्या कहते हैं विशेषज्ञ
पीडब्ल्यूडी विभाग के विशेषज्ञों का मानना है कि अस्पताल निर्माण के समय से यहां खाली पिलर भी खड़े हैं जो अब कंडम हो चुके हैं। ऐसे में नई बिल्डिंग बनाया जाना ही उचित रहेगा क्योंकि यह भवन 1995 के दौरान आई बाढ़ के समय ही कंडम हो गया था। अस्पताल में लंबे समय तक बरसाती पानी का जमाव बना रहता था। अब तो यहां नई बिल्डिंग बनाया जाना ही जरूरी है।

वर्जन::
हमने पुराने सिविल अस्पताल की साइट का जायजा ले लिया है। भवन की मौजूदा स्थिति व भवन की समयावधि का भी आकलन किया जा रहा है। इस बारे में अंतिम निर्णय कमेटी ही ले सकेगी। - उदयवीर, एक्सईएन, पीडब्ल्यूडी विभाग

: अगर यह कमेटी पुराने भवन को रिजेक्ट कर देती है तो जल्द ही नई बिल्डिंग के लिए इस्टीमेट तैयार कर सरकार को भेज दिया जाएगा। कुछ रोज में यह रिपोर्ट उन्हें मिल जाएगी। - सीएमओ डॉ. रणदीप पूनिया

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

Spotlight

Most Read

National

J&K: राज्यपाल शासन के तहत आतंकवाद के खिलाफ सख्ती दिखाने का है केंद्र का इरादा

भाजपा के समर्थन वापस लेते ही महबूबा मुफ्ती का इस्तीफा और कांग्रेस-नेशनल कांफ्रेंस का गठबंधन से इंकार करने से यह साफ हो गया है कि सूबे में राज्यपाल शासन लंबा खिंचेगा। 

19 जून 2018

Related Videos

डॉक्टर साहब गए आराम फरमाने, गार्ड ने ऐसे किया इलाज

हरियाणा के सिरसा में एक डॉक्टर की संवेदनहीनता देखने को मिली। यहां पर डॉक्टर साहब घायल शख्स का इलाज करने के बजाय आराम फरमाने चले गए। जिसके बाद मौके पर मौजूद एक सफाईकर्मी ने घायल शख्स को टांके लगाए।

19 सितंबर 2017

आज का मुद्दा
View more polls

Disclaimer

अपनी वेबसाइट पर हम डाटा संग्रह टूल्स, जैसे की कुकीज के माध्यम से आपकी जानकारी एकत्र करते हैं ताकि आपको बेहतर अनुभव प्रदान कर सकें, वेबसाइट के ट्रैफिक का विश्लेषण कर सकें, कॉन्टेंट व्यक्तिगत तरीके से पेश कर सकें और हमारे पार्टनर्स, जैसे की Google, और सोशल मीडिया साइट्स, जैसे की Facebook, के साथ लक्षित विज्ञापन पेश करने के लिए उपयोग कर सकें। साथ ही, अगर आप साइन-अप करते हैं, तो हम आपका ईमेल पता, फोन नंबर और अन्य विवरण पूरी तरह सुरक्षित तरीके से स्टोर करते हैं। आप कुकीज नीति पृष्ठ से अपनी कुकीज हटा सकते है और रजिस्टर्ड यूजर अपने प्रोफाइल पेज से अपना व्यक्तिगत डाटा हटा या एक्सपोर्ट कर सकते हैं। हमारी Cookies Policy, Privacy Policy और Terms & Conditions के बारे में पढ़ें और अपनी सहमति देने के लिए Agree पर क्लिक करें।

Agree

अमर उजाला ऐप चुनें

सबसे तेज अनुभव के लिए

क्लिक करें Add to Home Screen