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भुक्कल के सवाल पर मंत्री कंबोज का जवाब, संदेह हुआ तो रोकी थी बाजरे की खरीद
Updated Wed, 25 Oct 2017 01:18 AM IST
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अमर उजाला ब्यूरो
झज्जर।
अनाज मंडी में बाजरा खरीद को लेकर पारदर्शिता बरतने के लिए सरकार के द्वारा भले ही नियम तय किए गए हों। लेकिन नियमों के बावजूद भी सरकार ने मंडी में पहुंची आवक को शक की निगाह से देखना शुरू कर दिया है। इसी का परिणाम है कि सरकार ने बाजरा खरीद को बंद करवा दिया था। यह जवाब मंगलवार को विधानसभा में झज्जर विधायक गीता भुक्कल के बाजरा खरीद संबंधी सवाल पर खाद्य एवं आपूर्ति मंत्री कर्णदेव कंबोज ने दिया जिससे साफ हो रहा है कि सरकार को अब अपने अधिकारियों पर भी भरोसा नहीं रहा है। क्योंकि तय किया गया था कि पटवारी से गिरदावरी रिपोर्ट आने के बाद ही किसानों का बाजरा खरीदा जाएगा। हालांकि नियमों का किसानों ने विरोध भी किया था कि तीन गांवों के लिए एक पटवारी है। ऐसे में संभव नहीं है कि पटवारी हर खेत में जाकर गिरदावरी रिपोर्ट तैयार कर सकेंगे।
अब जांचे जाएंगे दस्तावेज
भुक्कल के विधानसभा में सवाल उठाए जाने के बाद मंत्री कर्णदेव कंबोज ने लिखित में जवाब दिया है कि मंडी में हुई आवक के दस्तावेज जांचे जाएंगे। इसके बाद ही किसानों के बाजरे की खरीद शुरू की जाएगी। वहीं दूसरी ओर अधिकारियों के पास इस संबंध में कोई आदेश नहीं आया है। जिससे असमंजस की स्थिति बनी हुई है। किसानों और आढ़तियों के अनुसार आवक के सभी दस्तावेज वे अधिकारियों को देने के लिए तैयार हैं, लेकिन खरीद शुरू होनी चाहिए।
मजदूरों को रोकना हो गया मुश्किल
बाजरा खरीद के लिए मंडी में आए प्रवासी मजदूरों को रोकना आढ़तियों के लिए मुश्किल हो गया है। पिछले एक सप्ताह से काम बंद होने के कारण मजदूरों के पास काम नहीं है। इससे मजदूर अब पलायन करने लगे हैं। जिससे आढ़तियों को टेंशन होने लगी है कि बाजरा खरीद शुरू हुई तो वे लेबर कहां से लेकर आएंगे। आढ़ती फिलहाल मजदूरों को खाली बैठने पर भी दिहाड़ी देने की बात राजी कर रहे हैं।
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रात भर करते हैं रखवाली : चांद
मंडी के पूर्व प्रधान चांद के अनुसार किसान उनके भरोसे बाजरा छोड़कर रात को घर चले जाते हैं। रात के समय बाजरा पशुओं से बचाने के लिए उन्हें रखवाली करनी पड़ती है। अनाज मंडी में लगी तीन हाई मास्ट लाइटों में से दो अधिकतर समय खराब रहती हैं। जिसके चलते उन्हें परेशानी का सामना करना पड़ता है। अंधेरे में अगर कोई पशु बाजरा खा रहा होता है तो उन्हें पता भी नहीं चलता।
मिला है खरीद का आश्वासन : भुक्कल
झज्जर शहर विधायक गीता भुक्कल ने बताया कि विधानसभा में उन्होंने सवाल उठाया तो उन्हें लिखित में आश्वासन मिला है कि गिरदावरी रिपोर्ट जांचने के बाद फिर से खरीद शुरू कर दी जाएगी। भुक्कल ने कहा कि विधानसभा में उन्हें बताया गया कि संदेह के चलते बाजरा खरीद को रोका गया था।
नहीं मिले आदेश : शर्मा
डीएफएससी अशोक शर्मा ने बताया कि उन्हें इस संबंध में कोई आदेश नहीं मिले हैं। जैसे ही आदेश मिलेंगे, बाजरा की खरीद का कार्य शुरू करवा दिया जाएगा।
बारदाने का कर रहे प्रबंध : डीएम
हैफेड के डीएम सुरेंद्र चौधरी ने बताया कि उन्हें बाजरा खरीद को लेकर आदेश तो नहीं मिले हैं लेकिन विधानसभा की कार्रवाई को देखते हुए वे खरीद के लिए अपनी तैयारियां पूरी करने में जुटे हैं। वे बारदाने का प्रबंध कर रहे हैं, ताकि भविष्य में कोई दिक्कत न आए।
- गिरदावरी रिपोर्ट फिर से जांचने के बाद खरीदा जाएगा बाजरा
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झज्जर।
अनाज मंडी में बाजरा खरीद को लेकर पारदर्शिता बरतने के लिए सरकार के द्वारा भले ही नियम तय किए गए हों। लेकिन नियमों के बावजूद भी सरकार ने मंडी में पहुंची आवक को शक की निगाह से देखना शुरू कर दिया है। इसी का परिणाम है कि सरकार ने बाजरा खरीद को बंद करवा दिया था। यह जवाब मंगलवार को विधानसभा में झज्जर विधायक गीता भुक्कल के बाजरा खरीद संबंधी सवाल पर खाद्य एवं आपूर्ति मंत्री कर्णदेव कंबोज ने दिया जिससे साफ हो रहा है कि सरकार को अब अपने अधिकारियों पर भी भरोसा नहीं रहा है। क्योंकि तय किया गया था कि पटवारी से गिरदावरी रिपोर्ट आने के बाद ही किसानों का बाजरा खरीदा जाएगा। हालांकि नियमों का किसानों ने विरोध भी किया था कि तीन गांवों के लिए एक पटवारी है। ऐसे में संभव नहीं है कि पटवारी हर खेत में जाकर गिरदावरी रिपोर्ट तैयार कर सकेंगे।
अब जांचे जाएंगे दस्तावेज
भुक्कल के विधानसभा में सवाल उठाए जाने के बाद मंत्री कर्णदेव कंबोज ने लिखित में जवाब दिया है कि मंडी में हुई आवक के दस्तावेज जांचे जाएंगे। इसके बाद ही किसानों के बाजरे की खरीद शुरू की जाएगी। वहीं दूसरी ओर अधिकारियों के पास इस संबंध में कोई आदेश नहीं आया है। जिससे असमंजस की स्थिति बनी हुई है। किसानों और आढ़तियों के अनुसार आवक के सभी दस्तावेज वे अधिकारियों को देने के लिए तैयार हैं, लेकिन खरीद शुरू होनी चाहिए।
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मजदूरों को रोकना हो गया मुश्किल
बाजरा खरीद के लिए मंडी में आए प्रवासी मजदूरों को रोकना आढ़तियों के लिए मुश्किल हो गया है। पिछले एक सप्ताह से काम बंद होने के कारण मजदूरों के पास काम नहीं है। इससे मजदूर अब पलायन करने लगे हैं। जिससे आढ़तियों को टेंशन होने लगी है कि बाजरा खरीद शुरू हुई तो वे लेबर कहां से लेकर आएंगे। आढ़ती फिलहाल मजदूरों को खाली बैठने पर भी दिहाड़ी देने की बात राजी कर रहे हैं।
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रात भर करते हैं रखवाली : चांद
मंडी के पूर्व प्रधान चांद के अनुसार किसान उनके भरोसे बाजरा छोड़कर रात को घर चले जाते हैं। रात के समय बाजरा पशुओं से बचाने के लिए उन्हें रखवाली करनी पड़ती है। अनाज मंडी में लगी तीन हाई मास्ट लाइटों में से दो अधिकतर समय खराब रहती हैं। जिसके चलते उन्हें परेशानी का सामना करना पड़ता है। अंधेरे में अगर कोई पशु बाजरा खा रहा होता है तो उन्हें पता भी नहीं चलता।
मिला है खरीद का आश्वासन : भुक्कल
झज्जर शहर विधायक गीता भुक्कल ने बताया कि विधानसभा में उन्होंने सवाल उठाया तो उन्हें लिखित में आश्वासन मिला है कि गिरदावरी रिपोर्ट जांचने के बाद फिर से खरीद शुरू कर दी जाएगी। भुक्कल ने कहा कि विधानसभा में उन्हें बताया गया कि संदेह के चलते बाजरा खरीद को रोका गया था।
नहीं मिले आदेश : शर्मा
डीएफएससी अशोक शर्मा ने बताया कि उन्हें इस संबंध में कोई आदेश नहीं मिले हैं। जैसे ही आदेश मिलेंगे, बाजरा की खरीद का कार्य शुरू करवा दिया जाएगा।
बारदाने का कर रहे प्रबंध : डीएम
हैफेड के डीएम सुरेंद्र चौधरी ने बताया कि उन्हें बाजरा खरीद को लेकर आदेश तो नहीं मिले हैं लेकिन विधानसभा की कार्रवाई को देखते हुए वे खरीद के लिए अपनी तैयारियां पूरी करने में जुटे हैं। वे बारदाने का प्रबंध कर रहे हैं, ताकि भविष्य में कोई दिक्कत न आए।
- गिरदावरी रिपोर्ट फिर से जांचने के बाद खरीदा जाएगा बाजरा