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सैन्य अधिकारी व जवानों की शहादत का सरकार ले बदला: महीपाल आर्य
Updated Wed, 07 Feb 2018 12:38 AM IST
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सैन्य अधिकारी और जवानों की शहादत का बदला ले सरकार : महीपाल आर्य
अमर उजाला ब्यूरो
चरखी दादरी।
राष्ट्र चिंतक एवं बेटियां भारत की शान संगठन के अध्यक्ष महीपाल आर्य ने भारतीय सेना के वीर कैप्टन कपिल कुंडू और तीन जवानों की शहादत को नमन किया है। छात्रों और ग्रामीणों को संबोधित कर महीपाल आर्य ने कहा कि भारत सरकार को शीघ्र ही इसका बदला लेना चाहिए। शहीदों के कारण हम सुरक्षित हैं। सीमा पर जवान तैनात हैं तभी देशवासी चैन की नींद सोते हैं। सैनिक का मान-सम्मान करना हर देशवासी का नैतिक कर्तव्य है। राष्ट्रवादी चिंतक महीपाल सिंह रूदड़ौल ने कहा कि पाकिस्तान ने सबसे पहले तीन नवंबर 1947 को हमला किया था। इसमें मेजर सोमनाथ शर्मा को मरणोपरांत परमवीर चक्र मिला था। हमें शहीदों की शहादत को सदा याद रखना चाहिए। इस मौके पर सूबेदार सुरेंद्र सिंह, सूबेदार वेदप्रकाश, रामफल सिंह आर्य, राज सिंह, पूर्व पलिस अधिकारी भगवान सिंह आदि मौजूद थे।
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अमर उजाला ब्यूरो
चरखी दादरी।
राष्ट्र चिंतक एवं बेटियां भारत की शान संगठन के अध्यक्ष महीपाल आर्य ने भारतीय सेना के वीर कैप्टन कपिल कुंडू और तीन जवानों की शहादत को नमन किया है। छात्रों और ग्रामीणों को संबोधित कर महीपाल आर्य ने कहा कि भारत सरकार को शीघ्र ही इसका बदला लेना चाहिए। शहीदों के कारण हम सुरक्षित हैं। सीमा पर जवान तैनात हैं तभी देशवासी चैन की नींद सोते हैं। सैनिक का मान-सम्मान करना हर देशवासी का नैतिक कर्तव्य है। राष्ट्रवादी चिंतक महीपाल सिंह रूदड़ौल ने कहा कि पाकिस्तान ने सबसे पहले तीन नवंबर 1947 को हमला किया था। इसमें मेजर सोमनाथ शर्मा को मरणोपरांत परमवीर चक्र मिला था। हमें शहीदों की शहादत को सदा याद रखना चाहिए। इस मौके पर सूबेदार सुरेंद्र सिंह, सूबेदार वेदप्रकाश, रामफल सिंह आर्य, राज सिंह, पूर्व पलिस अधिकारी भगवान सिंह आदि मौजूद थे।