बेहतर अनुभव के लिए एप चुनें।
INSTALL APP

35 करोड़ से बढ़ेगी मुख्य नहरों की पेयजल क्षमता

Updated Mon, 15 Jan 2018 12:05 AM IST
विज्ञापन
ख़बर सुनें
35 करोड़ से बढ़ेगी मुख्य नहरों में पानी की क्षमता
विज्ञापन

अमर उजाला ब्यूरो
चरखी दादरी।
जिले में अब पेयजल और सिंचाई का संकट नहीं रहेगा। सिंचाई विभाग 35 करोड़ से जिले की करीब 40 चाल पुरानी मेन नहरों की पेयजल क्षमता बढ़ाएगा। विभाग नहरों के सिस्टम को आधुनिक रूप देने जा रहा है। इससे जिले में करीब 300 क्यूसेक पानी की अतिरिक्त आपूर्ति हो सकेगी। इतना ही नहीं इस पानी से करीब चार हजार एकड़ में अतिरिक्त सिंचाई का पानी भी किसानों को मिल सकेगा। इस प्लान के तहत पंपसेट और मोटरें नई लगाई जानी है। पानी उठान के जरिए क्षमता भी बढ़ सके। पिछले काफी समय से नहरी पानी का संकट बढ़ने पर जिले में पेयजल का भी संकट गहराया हुआ है। हर टर्न पर सभी जलघरों और जोहड़ों को पानी की आपूर्ति नहीं हो पाती।
जिले में पेयजल आपूर्ति पूरी तरह से नहरी पानी पर ही निर्भर रही है। नहरी पानी के जरिए ही जलघरों और जोहड़ों में पानी डाला जाता है। नहरी पानी की बर्बादी ज्यादा होती रही है। नहरों की हालत काफी जर्जर होने व नियमित रूप से इनका जीर्णोद्धार नहीं होने की वजह से नहरी पानी का ज्यादा संकट बना रहता है। शहर में पेयजल का ज्यादा संकट बना रहता है। वैसे भी शहर के दोनो जलघरों की पेयजल क्षमता मात्र 20 दिन की ही होने की वजह से पानी की नियमित रूप से आपूर्ति नहीं हो पाती। इस समय भी जनस्वास्थ्य विभाग शहर में एक दिन छोड़कर पानी की सप्लाई कर रहा है ताकि नहर की 15 दिन की टर्न में पानी की कमी न रहने पाए। कई बार ट्यूबवेल का पानी मिलाकर सप्लाई किया जाता है जिससे पानी की गुणवत्ता पर भी प्रतिकूल असर पड़ता है। वैसे भी शहर में अब एक और बड़े जलघर के निर्माण की सख्त जरूरत बनी हुई है ताकि अब जिला बन जाने से विस्तार होने पर पानी की बढ़ती खपत को पूरा किया जा सके।

जिले की मेन लोहारू कैनाल, लोहारू फीडर नहरें करीब 40 साल पहले बनी थीं। इन नहरों पर लगे पंप और मोटरें पुराने जमाने के हैं। समय- समय पर इन पंप और मोटरों की मरम्मत जरूर कर दी जाती है लेकिन यह पंप और मोटरें पुरानी तकनीक की होने की वजह से इनकी पानी उठान की क्षमता काफी कम है। अब तो इन जर्जर हो चुकी मोटरों व पंप से पानी उठान मुश्किल से 60-70 प्रतिशत तक ही हो पाता है। इससे पानी टेल नहीं तक पहुंच पाता। इस समय लोहारू फीडर पर घिकाड़ा पंप हाउस पर 36 पंप लगे हैं लेकिन उनमें से करीब 15 ही वर्किंग में हैं जिनसे पूरी मात्रा में पानी का उठान नहीं हो पाता। इनमें से करीब एक दर्जन मोटरें व पंप तो खराब पड़े हैं। कुछ को मेंटनेंस कर काम चलाया जाता है।

अब जिले की मेन नहरों का होगा जीर्णोद्धार
अब जिले की सभी मेन नहरों का जीर्णोद्धार होगा इसके लिए सिंचाई विभाग ने पूरी प्लान तैयार कर ली है। इसके लिए इन नहरों की मरम्मत, छंटाई के अलावा अन्य जरूरी काम पूरे किए जाएंगे ताकि पानी की क्षमता बढ़ सके। विभाग ने जिले की प्रमुख लोहारू कै नाल के अलावा कई बड़ी नहरों के जीर्णोद्धार करने जा रहा है। विभाग मेन लोहारू कैनाल पर 1.50 करोड़ की राशि खर्च करेगा। इसी प्रकार बधवाना डिस्ट्रिब्यूटरी पर 1.25 करोड़, अटेला डिस्ट्रिब्यूटरी पर 1.80 करोड़ , गोकल डिस्ट्रिब्यूटरी पर 3.50 करोड़, कितलाना डिस्ट्रिब्यूटरी पर 1.50 करोड़, समसपुर माइनर पर 19 लाख का बजट खर्च करेगा ताकि नहरी पानी की आपूर्ति में सुधार किया जा सके। इसके तहत पंप हाउसों पर पंप व मोटरें नई भी लगाई जानी हैं। इस समय यह पंप जंग खा चुके हैं। अक्सर इनमें खराबी बनी रहती है।

300 से ज्यादा क्यूसेक पानी की बर्बादी बचेगी
इस प्रोजेक्ट के पूरा होने पर जिले में करीब 300 से ज्यादा क्यूसेक पानी की अतिरिक्त बचत हो सकेगी। नहरों में इतना पानी अतिरिक्त रूप में उपलब्ध हो सकेगा। इस समय जिले की पानी की क्षमता 700 क्यूसेक तक है। यह प्रोजेक्ट पूरा होने पर यह क्षमता बढ़कर 1000 हजार क्यूसेक तक पहुंच जाएगी जिससे पेयजल व सिंचाई के संकट से काफी हद तक निजात मिल सकेगी। यह प्रोजेक्ट पूरा होने पर जिले में करीब चार हजार एकड़ अतिरिक्त जमीन की सिंचाई हो सकेगी। नहरी पानी को लेकर जिले के किसानों में समय- समय पर मारामारी मची रहती है। किसानों को पर्याप्त मात्रा में नहीं मिल पाता। जिले का करीब 1.20 लाख हेक्टेयर कृषि योग्य क्षेत्र है। जिले के किसान रबी की फसलों के रूप में गेहूं, सरसों, चना व जौ की ज्यादा बिजाई करते हैं जबकि खरीफ सीजन में बाजरा, धान, ग्वार, ज्वार, कपास आदि की ज्यादा बिजाई करते हैं। सिंचाई विभाग के इस प्रोजेक्ट के टेंडर हो गए हैं। अब आने वाले करीब एक माह में इस प्रोजेक्ट पर काम शुरू होने की उम्मीद है। यह प्रोजेक्ट पूरा होने पर जिले के गांवों व शहर में पेयजल का संकट काफी हद तक खत्म हो जाएगा।

कोट
विभाग दशकों पुरानी नहरों के पूरे सिस्टम को आधुनिक रूप देने जा रही है ताकि सभी नहरों की पानी की क्षमता बढ़ सके। इससे पेयजल व सिंचाई व्यवस्था में काफी सुधार हो सकेगा। इस प्रोजेक्ट को जल्द ही पूरा करने की प्लानिंग है। - प्रवीन सहरावत, एसडीओ, सिंचाई विभाग

आपकी राय हमारे लिए महत्वपूर्ण है। खबरों को बेहतर बनाने में हमारी मदद करें।

खबर में दी गई जानकारी और सूचना से आप संतुष्ट हैं?
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
  • Downloads

Follow Us

X

प्रिय पाठक

कृपया अमर उजाला प्लस के अनुभव को बेहतर बनाने में हमारी मदद करें।
डेली पॉडकास्ट सुनने के लिए सब्सक्राइब करें

क्लिप सुनें

00:00
00:00
X