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शहरके 350 किवंवटल कचरे का रोजाना उठान न होने से बढ़ी परेशानी

Tue, 19 Dec 2017 12:46 AM IST
Updated Tue, 19 Dec 2017 12:46 AM IST
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शहरके 350 किवंवटल कचरे का रोजाना उठान न होने से बढ़ी परेशानी
शहर के खाली प्लाटों में जमा कचरा बना परेशानी
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चरखी दादरी।
करीब 280 सफाई कर्मचारी होने के बाद भी शहर का स्वच्छता अभियान सिरे नहीं चढ़ पा रहा है। नगर में रोजाना बढ़ रहे 350 क्विंटल कचरे का नियमित रूप से उठान नहीं होने से लोगों को परेशानी हो रही है। ये गंदगी के ढेर शहर के कई खाली प्लाटों और कई जगहों पर लगे हैं। शहर के लोगों ने नगर परिषद और प्रशासन से कूड़े की इस समस्या के समाधान की गुहार लगाई है।
इस समय शहर की अंदरूनी ही नहीं बाहरी कालोनियों में भी सफाई व्यवस्था पटरी पर नहीं है। इससे शहर के सौंदर्यीकरण पर भी सवाल उठ रहा है। शहर में सफाई व्यवस्था पटरी पर न होने से सार्वजनिक स्थानों , कार्यालयों व शिक्षण संस्थाओं के बाहर कचरे का जमा है। घर-घर कूड़ा एकत्र करने के लिए वाहन की व्यवस्था भी नगर परिषद ने कर रखी है लेकिन नगर परिषद की अनदेखी से सफाई व्यवस्था लगातार दम तोड़ती जा रही है। नगर परिषद में करीब 280 सफाई कर्मचारी कार्यरत हैं। दो माह पूर्व 40 नए कर्मचारियों की भी भर्ती हो चुकी है लेकिन सही व्यवस्था व प्रबंधन न होने की वजह से शहर का सौंदर्य को बढ़ावा नहीं मिल पा रहा है। रेस्ट हाउस में सरकारी अधिकारियों के आवास बने हैं लेकिन यहां से नियमित रूप से कचरे का उठान नहीं हो पाता। शहर के राजकीय कन्या स्कूल के पास भी कचरे का सदा जमा बना रहता है। काठमंडी वार्ड 17 व वार्ड 19 में कचरे के जमाव की ज्यादा समस्या बनी रहती है।
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तंग गलियों से कूड़े का उठान करने के लिए रेहड़ियां भी खरीदीं
शहर में सफाई कर्मचारियों के लिए कुछ रोज पहले छोटी रेहड़ियां भी खरीदी गई हैं ताकि तंग गलियों से कचरे का उठान किया जा सकेे। कचरे का रोजाना उठान न होने की वजह से समस्या अधिक बढ़ रही है। शहर की खासकर बाहरी कालोनियों में खाली पड़े प्लाटों में कचरे का ज्यादा मात्रा में जमाव बना हुआ है जिससे आसपास की बस्ती की आबोहवा ज्यादा खराब बनी रहती है। कालोनी के लोग भी यहां कचरा डाल रहे हैं इसके लिए नगर परिषद की ओर से विशेष अभियान व जागरूकता भी चलाए जाने की जरूरत है।
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कचरे समायोजन भी बन रहा समस्या
कचरे को डालने के लिए अब जगह का भी संकट बना हुआ है। महेंद्रगढ़ चुंगी के समीप बस्ती के लोग भी इस कचरे को यहां डाले जाने से परेशान हैं। इस एरिया के लोग कई बार विरोध कर चुके हैं। कई दिनो तक नगर परिषद ने कलियाणा रोड पर परिषद की जमीन में कचरा डाला था लेकिन वहां भी जगह की कमी पड़ गई। इस एक एकड़ जमीन की बार-बार खुदाई करके कई दिनों तक कचरा डाला गया लेकिन अब यह जगह भी कचरे से ओवरफ्लो हो गई।
नियमित रूप से नहीं हो रहा कूड़े का उठान
शहर में रोजाना 350 क्विंटल कचरा बढ़ रहा है। इस कचरे का ट्रैक्टरों के जरिए उठान किया जाता है लेकिन नियमित रूप से उठान न होने पर समस्या ज्यादा बढ़ रही है। शहर में 21 वार्ड हैं तथा शहर की आबादी करीब 75 हजार है। प्रत्येक वार्ड में तीन से सात तक सफाई कर्मचारी तैनात कर रखे हैं। सार्वजनिक स्थानों पर अलग से सफाई कर्मी तैनात कर रखे हैं। पिछले साल नगर परिषद ने सभी वार्डो में विशेष अभियान चलाया था इसके तहत सभी कर्मचारी एक ही वार्ड मेें जाकर पूरे दिन में उस वार्ड की सभी गलियों की सफाई करते थे। यह अभियान बारी-बारी से सभी वार्डों में चलाया गया था लेकिन एक साल से यह भी बंद है।


सफाई पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। शहर के सभी भागों से रोजाना कचरे का उठान किया जाता है। कर्मचारी रोजाना सभी वार्डों में सफाई करते हैं।
सफाई निरीक्षक विजय शर्मा, नगर परिषद
वर्सन-
सफाई के विषय में आम लोगों के सहयोग की भी जरूरत है। लोगों को चाहिए कि वे कचरा निर्धारित स्थान पर ही डालें ताकि सफाई कर्मचारियों को उठान करने में परेशानी न आए। कचरे का पांच ट्रैक्टरों के जरिए रोजाना उठान किया जा रहा है। कचरा डालने के लिए जल्द ही चार एकड़ की चार दीवारी करवाकर यहां जगह उपलब्ध करा दी जाएगी।
संजय छपारिया, चेयरमैन नगर परिषद
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